पंचक रहित मुहूर्त · तिरुपति

शुक्रवार, 11 सितंबर 202606:0118:17

पंचक रहित मुहूर्त: तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग नौ से भाग देने पर शेष बचता है। शेष 1 मृत्यु, 2 अग्नि, 4 राज, 6 चोर और 8 रोग पंचक है, जो वर्जित हैं; बाकी शुभ हैं।
  • शुभ मुहूर्त06:01 –06:28
  • रोग पंचक06:28 –08:30
  • शुभ मुहूर्त08:30 –10:37
  • रोग पंचक10:37 –12:49
  • शुभ मुहूर्त12:49 –13:16
  • मृत्यु पंचक13:16 –14:56
  • अग्नि पंचक14:56 –16:49
  • शुभ मुहूर्त16:49 –18:31
  • राज पंचक18:31 –20:10
  • अग्नि पंचक20:10 –21:57
  • शुभ मुहूर्त21:57 –00:00, 12 सित॰
  • राज पंचक00:00, 12 सित॰ –02:11, 12 सित॰
  • शुभ मुहूर्त02:11, 12 सित॰ –04:21, 12 सित॰
  • चोर पंचक04:21, 12 सित॰ –06:01, 12 सित॰

तिरुपति के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

पंचक रहित मुहूर्त

पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।

पंचक रहित मुहूर्त — प्रश्न और उत्तर

पंचक रहित मुहूर्त क्या है?

पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।

तिरुपति में 11 सितंबर 2026 का पंचक रहित मुहूर्त क्या है?

सूर्योदय 06:01, सूर्यास्त 18:17।

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