पंचक रहित मुहूर्त · पुरी

गुरुवार, 30 सितंबर 202705:3717:36

पंचक रहित मुहूर्त: तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग नौ से भाग देने पर शेष बचता है। शेष 1 मृत्यु, 2 अग्नि, 4 राज, 6 चोर और 8 रोग पंचक है, जो वर्जित हैं; बाकी शुभ हैं।
  • शुभ मुहूर्त05:37 –06:55
  • मृत्यु पंचक06:55 –08:06
  • रोग पंचक08:06 –09:07
  • शुभ मुहूर्त09:07 –11:22
  • मृत्यु पंचक11:22 –13:28
  • अग्नि पंचक13:28 –15:16
  • शुभ मुहूर्त15:16 –16:52
  • राज पंचक16:52 –18:26
  • अग्नि पंचक18:26 –20:09
  • शुभ मुहूर्त20:09 –22:09
  • राज पंचक22:09 –00:21, 1 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त00:21, 1 अक्टू॰ –02:11, 1 अक्टू॰
  • चोर पंचक02:11, 1 अक्टू॰ –02:35, 1 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त02:35, 1 अक्टू॰ –04:44, 1 अक्टू॰
  • रोग पंचक04:44, 1 अक्टू॰ –05:35, 1 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त05:35, 1 अक्टू॰ –05:37, 1 अक्टू॰

पुरी के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

पंचक रहित मुहूर्त

पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।

पंचक रहित मुहूर्त — प्रश्न और उत्तर

पंचक रहित मुहूर्त क्या है?

पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।

पुरी में 30 सितंबर 2027 का पंचक रहित मुहूर्त क्या है?

सूर्योदय 05:37, सूर्यास्त 17:36।

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