पंचक रहित मुहूर्त · पुरी

रविवार, 4 अक्टूबर 202605:3817:33

पंचक रहित मुहूर्त: तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग नौ से भाग देने पर शेष बचता है। शेष 1 मृत्यु, 2 अग्नि, 4 राज, 6 चोर और 8 रोग पंचक है, जो वर्जित हैं; बाकी शुभ हैं।
  • मृत्यु पंचक05:38 –05:52
  • अग्नि पंचक05:52 –06:39
  • शुभ मुहूर्त06:39 –08:51
  • राज पंचक08:51 –11:05
  • शुभ मुहूर्त11:05 –13:11
  • चोर पंचक13:11 –15:00
  • शुभ मुहूर्त15:00 –16:36
  • रोग पंचक16:36 –18:09
  • चोर पंचक18:09 –19:52
  • शुभ मुहूर्त19:52 –21:52
  • रोग पंचक21:52 –00:05, 5 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त00:05, 5 अक्टू॰ –00:13, 5 अक्टू॰
  • मृत्यु पंचक00:13, 5 अक्टू॰ –02:18, 5 अक्टू॰
  • अग्नि पंचक02:18, 5 अक्टू॰ –03:54, 5 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त03:54, 5 अक्टू॰ –04:27, 5 अक्टू॰
  • राज पंचक04:27, 5 अक्टू॰ –05:38, 5 अक्टू॰

पुरी के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

पंचक रहित मुहूर्त

पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।

पंचक रहित मुहूर्त — प्रश्न और उत्तर

पंचक रहित मुहूर्त क्या है?

पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।

पुरी में 4 अक्टूबर 2026 का पंचक रहित मुहूर्त क्या है?

सूर्योदय 05:38, सूर्यास्त 17:33।

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