पंचांग · रविवार, 4 अक्टूबर 2026पुरी

भाद्रपद · कृष्ण अष्टमी · विक्रम संवत 2083

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
05:38सूर्योदय17:33सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण अष्टमी
कृष्ण · 05:52 तक
नक्षत्र
पुनर्वसु
00:13, 5 अक्टू॰ तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
05:3817:33
रविवार · सूर्य
राहु काल
16:03 –17:33
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
05:38दिन17:33
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
यमगंड
गुलिक काल
वर्ज्य
दुर्मुहूर्त
राहु काल
08:0010:0012:0014:0016:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
17:33रात05:38
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
गोधूलि मुहूर्त
अमृत काल
सायाह्न संध्या
निशीथ मुहूर्त
20:0022:0000:0002:0004:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

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पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण अष्टमी
    05:52 तक
  2. कृष्ण नवमी
    03:54, 5 अक्टू॰ तक
  3. कृष्ण दशमी
    02:08, 6 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
  1. पुनर्वसुस्वामी गुरु
    00:13, 5 अक्टू॰ तक
  2. पुष्यस्वामी शनि
    23:09, 5 अक्टू॰ तक
योग
  1. परिघ
    12:31 तक
  2. शिव
    09:51, 5 अक्टू॰ तक
करण
  1. कौलव
    05:52 तक
  2. तैतिल
    16:51 तक
  3. गर
    03:54, 5 अक्टू॰ तक
  4. वणिज
    14:59, 5 अक्टू॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
05:38
बिंब मध्य 05:41
सूर्यास्त
17:33
बिंब मध्य 17:28
चंद्रोदय
—
चंद्रास्त
13:05
दिनमान
11h 55m
वार
रविवार · सूर्य
चंद्र राशि
मिथुन
18:31 तक
सूर्य राशि
कन्या

चांद्र पंचांग

अमांत मास
भाद्रपद
पूर्णिमांत मास
आश्विन
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
वर्षा
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:01 –04:50
  • प्रातः संध्या04:26 –05:38
  • अभिजित मुहूर्त11:12 –11:59
  • विजय मुहूर्त13:34 –14:22
  • गोधूलि मुहूर्त17:33 –17:57
  • सायाह्न संध्या17:33 –18:45
  • निशीथ मुहूर्त23:11 –00:00, 5 अक्टू॰
  • अमृत काल21:57 –23:28
इन समयों से बचें
  • राहु काल16:03 –17:33
  • यमगंड11:35 –13:05
  • गुलिक काल14:34 –16:03
  • दुर्मुहूर्त15:57 –16:45
  • वर्ज्य12:51 –14:22

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • उद्वेग05:38 – 07:07
  • चर07:07 – 08:37
  • लाभ08:37 – 10:06
  • अमृत10:06 – 11:35
  • काल11:35 – 13:05
  • शुभ13:05 – 14:34
  • रोग14:34 – 16:03
  • उद्वेग16:03 – 17:33
रात
  • शुभ17:33 – 19:03
  • अमृत19:03 – 20:34
  • चर20:34 – 22:05
  • रोग22:05 – 23:35
  • काल23:35 – 01:06
  • लाभ01:06 – 02:37
  • उद्वेग02:37 – 04:08
  • शुभ04:08 – 05:38

होरा

दिन
  • सूर्य05:38–06:38
  • शुक्र06:38–07:37
  • बुध07:37–08:37
  • चन्द्र08:37–09:36
  • शनि09:36–10:36
  • गुरु10:36–11:35
  • मंगल11:35–12:35
  • सूर्य12:35–13:34
  • शुक्र13:34–14:34
  • बुध14:34–15:33
  • चन्द्र15:33–16:33
  • शनि16:33–17:33
रात
  • गुरु17:33–18:33
  • मंगल18:33–19:33
  • सूर्य19:33–20:34
  • शुक्र20:34–21:34
  • बुध21:34–22:35
  • चन्द्र22:35–23:35
  • शनि23:35–00:36
  • गुरु00:36–01:36
  • मंगल01:36–02:37
  • सूर्य02:37–03:37
  • शुक्र03:37–04:38
  • बुध04:38–05:38

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • पुनर्वसु 1 पद07:09 तक
  • पुनर्वसु 2 पद12:50 तक
  • पुनर्वसु 3 पद18:31 तक
  • पुनर्वसु 4 पद00:13, 5 अक्टू॰ तक
  • पुष्य 1 पद05:56, 5 अक्टू॰ तक
सूर्य नक्षत्र
हस्त 2 पद
ऋतु (दृक्)
शरद
ऋतु (वैदिक)
वर्षा
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
11h 55m
रात्रिमान
12h 5m
मध्याह्न
11:35

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
मिथुन · 18:31 तक
मेषमिथुनसिंहकन्याधनुमकर
वृश्चिक राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
कर्क · अगले सूर्योदय तक
वृषभकर्ककन्यातुलामकरकुम्भ
धनु राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
पुनर्वसु · 00:13, 5 अक्टू॰ तक
भरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपदरेवती
पुष्य · अगले सूर्योदय तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषामघाउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
पश्चिमइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
उत्तर
चंद्र वास
पश्चिम · 18:31 तकउत्तर
अग्निवास
आकाश · 05:52 तकपाताल · 03:54, 5 अक्टू॰ तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
गौरी के साथ · 05:52 तकसभा में · 03:54, 5 अक्टू॰ तकक्रीड़ा में
होमाहुति
राहु

पंचक रहित मुहूर्त

  • मृत्यु पंचक05:38 –05:52
  • अग्नि पंचक05:52 –06:39
  • शुभ मुहूर्त06:39 –08:51
  • राज पंचक08:51 –11:05
  • शुभ मुहूर्त11:05 –13:11
  • चोर पंचक13:11 –15:00
  • शुभ मुहूर्त15:00 –16:36
  • रोग पंचक16:36 –18:09
  • चोर पंचक18:09 –19:52
  • शुभ मुहूर्त19:52 –21:52
  • रोग पंचक21:52 –00:05, 5 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त00:05 –00:13, 5 अक्टू॰
  • मृत्यु पंचक00:13 –02:18, 5 अक्टू॰
  • अग्नि पंचक02:18 –03:54, 5 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त03:54 –04:27, 5 अक्टू॰
  • राज पंचक04:27 –05:38, 5 अक्टू॰

उदय लग्न

  • कन्या04:31 –06:39
  • तुला06:39 –08:51
  • वृश्चिक08:51 –11:05
  • धनु11:05 –13:11
  • मकर13:11 –15:00
  • कुम्भ15:00 –16:36
  • मीन16:36 –18:09
  • मेष18:09 –19:52
  • वृषभ19:52 –21:52
  • मिथुन21:52 –00:05, 5 अक्टू॰
  • कर्क00:05 –02:18, 5 अक्टू॰
  • सिंह02:18 –04:27, 5 अक्टू॰
  • कन्या04:27 –06:35, 5 अक्टू॰

पंचांग · पुरी, 4 अक्टूबर 2026

रविवार, 4 अक्टूबर 2026 को पुरी में सूर्योदय 05:38 और सूर्यास्त 17:33 पर है। तिथि कृष्ण अष्टमी 05:52 तक, फिर कृष्ण नवमी; नक्षत्र पुनर्वसु 5 अक्टूबर 00:13 तक, फिर पुष्य; योग परिघ 12:31 तक, फिर शिव; करण कौलव 05:52 तक, फिर तैतिल। चंद्रमा मिथुन राशि में, सूर्य कन्या राशि में। राहुकाल 16:03–17:33, अभिजित मुहूर्त 11:12–11:59। मास आश्विन (पूर्णिमांत) / भाद्रपद (अमांत), विक्रम संवत 2083, शक संवत 1948।

इस दिन के बारे में प्रश्न

पुरी में 4 अक्टूबर 2026 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण अष्टमी 05:52 तक, फिर कृष्ण नवमी (सूर्योदय 05:38, पुरी)।

4 अक्टूबर 2026 को कौन सा नक्षत्र है?

पुनर्वसु 5 अक्टूबर 00:13 तक, फिर पुष्य। चंद्रमा मिथुन राशि में 18:31 तक।

पुरी में 4 अक्टूबर 2026 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 16:03–17:33, यमगण्ड 11:35–13:05, गुलिक काल 14:34–16:03।

पुरी में 4 अक्टूबर 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 05:38, सूर्यास्त 17:33 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

4 अक्टूबर 2026 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:12–11:59, ब्रह्म मुहूर्त 04:01–04:50। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

पुरी हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2026आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2026मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2309° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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