पंचक रहित मुहूर्त · जम्मू

शनिवार, 3 अक्टूबर 202606:2618:13

पंचक रहित मुहूर्त: तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग नौ से भाग देने पर शेष बचता है। शेष 1 मृत्यु, 2 अग्नि, 4 राज, 6 चोर और 8 रोग पंचक है, जो वर्जित हैं; बाकी शुभ हैं।
  • शुभ मुहूर्त06:26 –07:37
  • चोर पंचक07:37 –08:00
  • शुभ मुहूर्त08:00 –10:01
  • रोग पंचक10:01 –12:21
  • शुभ मुहूर्त12:21 –14:24
  • मृत्यु पंचक14:24 –16:03
  • अग्नि पंचक16:03 –17:26
  • शुभ मुहूर्त17:26 –18:46
  • मृत्यु पंचक18:46 –20:18
  • अग्नि पंचक20:18 –22:11
  • शुभ मुहूर्त22:11 –00:27, 4 अक्टू॰
  • राज पंचक00:27, 4 अक्टू॰ –01:29, 4 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त01:29, 4 अक्टू॰ –02:51, 4 अक्टू॰
  • चोर पंचक02:51, 4 अक्टू॰ –05:12, 4 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त05:12, 4 अक्टू॰ –05:52, 4 अक्टू॰
  • रोग पंचक05:52, 4 अक्टू॰ –06:26, 4 अक्टू॰

जम्मू के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

पंचक रहित मुहूर्त

पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।

पंचक रहित मुहूर्त — प्रश्न और उत्तर

पंचक रहित मुहूर्त क्या है?

पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।

जम्मू में 3 अक्टूबर 2026 का पंचक रहित मुहूर्त क्या है?

सूर्योदय 06:26, सूर्यास्त 18:13।

पंचक रहित मुहूर्त — अन्य शहर