पंचक रहित मुहूर्त · जयपुर

शुक्रवार, 7 अगस्त 202605:5419:11

पंचक रहित मुहूर्त: तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग नौ से भाग देने पर शेष बचता है। शेष 1 मृत्यु, 2 अग्नि, 4 राज, 6 चोर और 8 रोग पंचक है, जो वर्जित हैं; बाकी शुभ हैं।
  • मृत्यु पंचक05:54 –06:42
  • अग्नि पंचक06:42 –08:58
  • शुभ मुहूर्त08:58 –11:12
  • राज पंचक11:12 –13:30
  • शुभ मुहूर्त13:30 –15:48
  • चोर पंचक15:48 –16:37
  • शुभ मुहूर्त16:37 –17:52
  • रोग पंचक17:52 –18:43
  • शुभ मुहूर्त18:43 –19:36
  • मृत्यु पंचक19:36 –21:05
  • अग्नि पंचक21:05 –22:32
  • शुभ मुहूर्त22:32 –00:09, 8 अग॰
  • मृत्यु पंचक00:09, 8 अग॰ –02:05, 8 अग॰
  • अग्नि पंचक02:05, 8 अग॰ –04:19, 8 अग॰
  • शुभ मुहूर्त04:19, 8 अग॰ –05:55, 8 अग॰

जयपुर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

पंचक रहित मुहूर्त

पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।

पंचक रहित मुहूर्त — प्रश्न और उत्तर

पंचक रहित मुहूर्त क्या है?

पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।

जयपुर में 7 अगस्त 2026 का पंचक रहित मुहूर्त क्या है?

सूर्योदय 05:54, सूर्यास्त 19:11।

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