पंचक रहित मुहूर्त · बेंगलुरु

गुरुवार, 17 दिसंबर 202606:3517:57

पंचक रहित मुहूर्त: तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग नौ से भाग देने पर शेष बचता है। शेष 1 मृत्यु, 2 अग्नि, 4 राज, 6 चोर और 8 रोग पंचक है, जो वर्जित हैं; बाकी शुभ हैं।
  • अग्नि पंचक06:35 –08:41
  • शुभ मुहूर्त08:41 –10:35
  • राज पंचक10:35 –12:16
  • शुभ मुहूर्त12:16 –15:30
  • राज पंचक15:30 –15:44
  • शुभ मुहूर्त15:44 –17:47
  • चोर पंचक17:47 –19:58
  • शुभ मुहूर्त19:58 –22:07
  • रोग पंचक22:07 –23:26
  • शुभ मुहूर्त23:26 –00:10, 18 दिस॰
  • मृत्यु पंचक00:10, 18 दिस॰ –02:12, 18 दिस॰
  • अग्नि पंचक02:12, 18 दिस॰ –04:18, 18 दिस॰
  • शुभ मुहूर्त04:18, 18 दिस॰ –06:30, 18 दिस॰
  • राज पंचक06:30, 18 दिस॰ –06:35, 18 दिस॰

बेंगलुरु के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

पंचक रहित मुहूर्त

पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।

पंचक रहित मुहूर्त — प्रश्न और उत्तर

पंचक रहित मुहूर्त क्या है?

पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।

बेंगलुरु में 17 दिसंबर 2026 का पंचक रहित मुहूर्त क्या है?

सूर्योदय 06:35, सूर्यास्त 17:57।

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