लग्न सारणी · वाराणसी
गुरुवार, 30 अक्टूबर 202506:0517:19
पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि लगभग हर दो घंटे में बदलती है; स्थायी कार्य के लिए स्थिर राशियाँ (वृषभ, सिंह, वृश्चिक, कुंभ) श्रेष्ठ मानी जाती हैं।
- 7तुलाचर2 घं. 17 मि.05:11 –07:28
- 8वृश्चिकस्थिर2 घं. 17 मि.07:28 –09:45
- 9धनुद्विस्वभाव2 घं. 4 मि.09:45 –11:49
- 10मकरचर1 घं. 45 मि.11:49 –13:34
- 11कुम्भस्थिर1 घं. 31 मि.13:34 –15:05
- 12मीनद्विस्वभाव1 घं. 28 मि.15:05 –16:33
- 1मेषचर1 घं. 39 मि.16:33 –18:12
- 2वृषभस्थिर1 घं. 57 मि.18:12 –20:09
- 3मिथुनद्विस्वभाव2 घं. 14 मि.20:09 –22:23
- 4कर्कचर2 घं. 17 मि.22:23 –00:40, 31 अक्टू॰
- 5सिंहस्थिर2 घं. 14 मि.00:40, 31 अक्टू॰ –02:54, 31 अक्टू॰
- 6कन्याद्विस्वभाव2 घं. 13 मि.02:54, 31 अक्टू॰ –05:07, 31 अक्टू॰
- 7तुलाचर2 घं. 17 मि.05:07, 31 अक्टू॰ –07:24, 31 अक्टू॰
वाराणसी के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
लग्न सारणी
उदय लग्न पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि है। मुहूर्त ग्रंथ दिन जितनी ही सावधानी से लग्न चुनते हैं: गृह प्रवेश जैसे स्थायी कार्य के लिए बलवान स्थिर लग्न, यात्रा के लिए चर लग्न।
इस दिन के लिए और
लग्न सारणी — प्रश्न और उत्तर
लग्न सारणी क्या है?
उदय लग्न पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि है। मुहूर्त ग्रंथ दिन जितनी ही सावधानी से लग्न चुनते हैं: गृह प्रवेश जैसे स्थायी कार्य के लिए बलवान स्थिर लग्न, यात्रा के लिए चर लग्न।
वाराणसी में 30 अक्टूबर 2025 की लग्न सारणी क्या है?
सूर्योदय 06:05 से उदय लग्न: हर उदित राशि उसके आरम्भ और समाप्ति समय सहित।