लग्न सारणी · श्रीनगर

शुक्रवार, 2 जनवरी 202607:3717:33

पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि लगभग हर दो घंटे में बदलती है; स्थायी कार्य के लिए स्थिर राशियाँ (वृषभ, सिंह, वृश्चिक, कुंभ) श्रेष्ठ मानी जाती हैं।
  • 9धनुद्विस्वभाव2 घं. 3 मि.06:26 –08:29
  • 10मकरचर1 घं. 37 मि.08:29 –10:06
  • 11कुम्भस्थिर1 घं. 22 मि.10:06 –11:28
  • 12मीनद्विस्वभाव1 घं. 19 मि.11:28 –12:47
  • 1मेषचर1 घं. 29 मि.12:47 –14:16
  • 2वृषभस्थिर1 घं. 53 मि.14:16 –16:09
  • 3मिथुनद्विस्वभाव2 घं. 16 मि.16:09 –18:25
  • 4कर्कचर2 घं. 25 मि.18:25 –20:50
  • 5सिंहस्थिर2 घं. 23 मि.20:50 –23:13
  • 6कन्याद्विस्वभाव2 घं. 23 मि.23:13 –01:36, 3 जन॰
  • 7तुलाचर2 घं. 25 मि.01:36, 3 जन॰ –04:01, 3 जन॰
  • 8वृश्चिकस्थिर2 घं. 21 मि.04:01, 3 जन॰ –06:22, 3 जन॰
  • 9धनुद्विस्वभाव2 घं. 3 मि.06:22, 3 जन॰ –08:25, 3 जन॰

श्रीनगर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

लग्न सारणी

उदय लग्न पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि है। मुहूर्त ग्रंथ दिन जितनी ही सावधानी से लग्न चुनते हैं: गृह प्रवेश जैसे स्थायी कार्य के लिए बलवान स्थिर लग्न, यात्रा के लिए चर लग्न।

लग्न सारणी — प्रश्न और उत्तर

लग्न सारणी क्या है?

उदय लग्न पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि है। मुहूर्त ग्रंथ दिन जितनी ही सावधानी से लग्न चुनते हैं: गृह प्रवेश जैसे स्थायी कार्य के लिए बलवान स्थिर लग्न, यात्रा के लिए चर लग्न।

श्रीनगर में 2 जनवरी 2026 की लग्न सारणी क्या है?

सूर्योदय 07:37 से उदय लग्न: हर उदित राशि उसके आरम्भ और समाप्ति समय सहित।

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