लग्न सारणी · नासिक
सोमवार, 1 दिसंबर 202506:5317:54
पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि लगभग हर दो घंटे में बदलती है; स्थायी कार्य के लिए स्थिर राशियाँ (वृषभ, सिंह, वृश्चिक, कुंभ) श्रेष्ठ मानी जाती हैं।
- 8वृश्चिकस्थिर2 घं. 14 मि.05:50 –08:04
- 9धनुद्विस्वभाव2 घं. 6 मि.08:04 –10:10
- 10मकरचर1 घं. 49 मि.10:10 –11:59
- 11कुम्भस्थिर1 घं. 36 मि.11:59 –13:35
- 12मीनद्विस्वभाव1 घं. 33 मि.13:35 –15:08
- 1मेषचर1 घं. 43 मि.15:08 –16:51
- 2वृषभस्थिर1 घं. 59 मि.16:51 –18:50
- 3मिथुनद्विस्वभाव2 घं. 13 मि.18:50 –21:03
- 4कर्कचर2 घं. 14 मि.21:03 –23:17
- 5सिंहस्थिर2 घं. 9 मि.23:17 –01:26, 2 दिस॰
- 6कन्याद्विस्वभाव2 घं. 8 मि.01:26, 2 दिस॰ –03:34, 2 दिस॰
- 7तुलाचर2 घं. 12 मि.03:34, 2 दिस॰ –05:46, 2 दिस॰
- 8वृश्चिकस्थिर2 घं. 14 मि.05:46, 2 दिस॰ –08:00, 2 दिस॰
नासिक के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
लग्न सारणी
उदय लग्न पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि है। मुहूर्त ग्रंथ दिन जितनी ही सावधानी से लग्न चुनते हैं: गृह प्रवेश जैसे स्थायी कार्य के लिए बलवान स्थिर लग्न, यात्रा के लिए चर लग्न।
इस दिन के लिए और
लग्न सारणी — प्रश्न और उत्तर
लग्न सारणी क्या है?
उदय लग्न पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि है। मुहूर्त ग्रंथ दिन जितनी ही सावधानी से लग्न चुनते हैं: गृह प्रवेश जैसे स्थायी कार्य के लिए बलवान स्थिर लग्न, यात्रा के लिए चर लग्न।
नासिक में 1 दिसंबर 2025 की लग्न सारणी क्या है?
सूर्योदय 06:53 से उदय लग्न: हर उदित राशि उसके आरम्भ और समाप्ति समय सहित।