शुभ होरा · वाराणसी

शनिवार, 31 अक्टूबर 202606:0517:18

दिनसूर्योदय से · 06:05
ग्रहसमय
शनिअशुभश्रम, मरम्मत और पुराने कर्ज़ — नए आरंभ से बचें06:05 –07:01
गुरुशुभविवाह वार्ता, धार्मिक कार्य, विद्या, हर शुभ आरंभ07:01 –07:57
मंगलअशुभभूमि-भवन, साहस, खेल — समझौते और नए उद्यम से बचें07:57 –08:53
सूर्यसमसरकारी कार्य, अधिकारियों से मिलना, औषधि08:53 –09:49
शुक्रशुभप्रेम, कला, संगीत, वस्त्र और आभूषण की खरीद09:49 –10:45
बुधशुभअध्ययन, लेखन, हिसाब-किताब, संवाद10:45 –11:42
चन्द्रशुभयात्रा, व्यापार, लोगों से मिलना, जनसंपर्क के सभी कार्य11:42 –12:38
शनिअशुभश्रम, मरम्मत और पुराने कर्ज़ — नए आरंभ से बचें12:38 –13:34
गुरुशुभविवाह वार्ता, धार्मिक कार्य, विद्या, हर शुभ आरंभ13:34 –14:30
मंगलअशुभभूमि-भवन, साहस, खेल — समझौते और नए उद्यम से बचें14:30 –15:26
सूर्यसमसरकारी कार्य, अधिकारियों से मिलना, औषधि15:26 –16:22
शुक्रशुभप्रेम, कला, संगीत, वस्त्र और आभूषण की खरीद16:22 –17:18
रातसूर्यास्त से · 17:18
ग्रहसमय
बुधशुभअध्ययन, लेखन, हिसाब-किताब, संवाद17:18 –18:22
चन्द्रशुभयात्रा, व्यापार, लोगों से मिलना, जनसंपर्क के सभी कार्य18:22 –19:26
शनिअशुभश्रम, मरम्मत और पुराने कर्ज़ — नए आरंभ से बचें19:26 –20:30
गुरुशुभविवाह वार्ता, धार्मिक कार्य, विद्या, हर शुभ आरंभ20:30 –21:34
मंगलअशुभभूमि-भवन, साहस, खेल — समझौते और नए उद्यम से बचें21:34 –22:38
सूर्यसमसरकारी कार्य, अधिकारियों से मिलना, औषधि22:38 –23:42
शुक्रशुभप्रेम, कला, संगीत, वस्त्र और आभूषण की खरीद23:42 –00:46, 1 नव॰
बुधशुभअध्ययन, लेखन, हिसाब-किताब, संवाद00:46, 1 नव॰ –01:50, 1 नव॰
चन्द्रशुभयात्रा, व्यापार, लोगों से मिलना, जनसंपर्क के सभी कार्य01:50, 1 नव॰ –02:54, 1 नव॰
शनिअशुभश्रम, मरम्मत और पुराने कर्ज़ — नए आरंभ से बचें02:54, 1 नव॰ –03:58, 1 नव॰
गुरुशुभविवाह वार्ता, धार्मिक कार्य, विद्या, हर शुभ आरंभ03:58, 1 नव॰ –05:02, 1 नव॰
मंगलअशुभभूमि-भवन, साहस, खेल — समझौते और नए उद्यम से बचें05:02, 1 नव॰ –06:06, 1 नव॰

वाराणसी के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

शुभ होरा

होरा दिन या रात का बारहवाँ भाग है, जिसके स्वामी क्रम से सात ग्रह होते हैं; दिन की पहली होरा वार के स्वामी की होती है। कार्य के अनुकूल ग्रह की होरा चुनें: शुभ कार्य के लिए गुरु और शुक्र, अध्ययन और व्यापार के लिए बुध, यात्रा के लिए चंद्र।

शुभ होरा — प्रश्न और उत्तर

शुभ होरा क्या है?

होरा दिन या रात का बारहवाँ भाग है, जिसके स्वामी क्रम से सात ग्रह होते हैं; दिन की पहली होरा वार के स्वामी की होती है। कार्य के अनुकूल ग्रह की होरा चुनें: शुभ कार्य के लिए गुरु और शुक्र, अध्ययन और व्यापार के लिए बुध, यात्रा के लिए चंद्र।

वाराणसी में 31 अक्टूबर 2026 की शुभ होरा क्या है?

सूर्योदय 06:05 पर पहली होरा शनि की; दिन और रात की 24 होराएँ और हर होरा किस कार्य के लिए शुभ है।

शुभ होरा — अन्य शहर