गौरी पंचांगम · वाराणसी
शुक्रवार, 4 जुलाई 202505:1218:53
दिन का गौरी पंचांगमसूर्योदय से · 05:12
- सुगम्शुभ05:12 –06:55
- सोरम्अशुभ06:55 –08:37
- उथिशुभ08:37 –10:20
- विषम्अशुभ10:20 –12:03राहुकाल
- अमिर्दाश्रेष्ठ12:03 –13:45
- रोगम्अनिष्ट13:45 –15:28
- लाभम्लाभ15:28 –17:10
- धनम्धन17:10 –18:53
रात का गौरी पंचांगमसूर्यास्त से · 18:53
- रोगम्अनिष्ट18:53 –20:10
- लाभम्लाभ20:10 –21:28
- धनम्धन21:28 –22:45
- सुगम्शुभ22:45 –00:03, 5 जुल॰
- सोरम्अशुभ00:03, 5 जुल॰ –01:20, 5 जुल॰
- उथिशुभ01:20, 5 जुल॰ –02:38, 5 जुल॰
- विषम्अशुभ02:38, 5 जुल॰ –03:55, 5 जुल॰
- अमिर्दाश्रेष्ठ03:55, 5 जुल॰ –05:13, 5 जुल॰
वाराणसी के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
गौरी पंचांगम
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
इस दिन के लिए और
गौरी पंचांगम — प्रश्न और उत्तर
गौरी पंचांगम क्या है?
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
वाराणसी में 4 जुलाई 2025 का गौरी पंचांगम क्या है?
सूर्योदय 05:12, सूर्यास्त 18:53।