गौरी पंचांगम · नासिक
रविवार, 4 अक्टूबर 202606:2618:21
दिन का गौरी पंचांगमसूर्योदय से · 06:26
- उथिशुभ06:26 –07:56
- अमिर्दाश्रेष्ठ07:56 –09:25
- रोगम्अनिष्ट09:25 –10:54
- लाभम्लाभ10:54 –12:23
- धनम्धन12:23 –13:53
- सुगम्शुभ13:53 –15:22
- सोरम्अशुभ15:22 –16:51
- विषम्अशुभ16:51 –18:21राहुकाल
रात का गौरी पंचांगमसूर्यास्त से · 18:21
- धनम्धन18:21 –19:51
- सुगम्शुभ19:51 –21:22
- सोरम्अशुभ21:22 –22:53
- विषम्अशुभ22:53 –00:24, 5 अक्टू॰
- उथिशुभ00:24, 5 अक्टू॰ –01:54, 5 अक्टू॰
- अमिर्दाश्रेष्ठ01:54, 5 अक्टू॰ –03:25, 5 अक्टू॰
- रोगम्अनिष्ट03:25, 5 अक्टू॰ –04:56, 5 अक्टू॰
- लाभम्लाभ04:56, 5 अक्टू॰ –06:27, 5 अक्टू॰
नासिक के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
गौरी पंचांगम
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
इस दिन के लिए और
गौरी पंचांगम — प्रश्न और उत्तर
गौरी पंचांगम क्या है?
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
नासिक में 4 अक्टूबर 2026 का गौरी पंचांगम क्या है?
सूर्योदय 06:26, सूर्यास्त 18:21।