गौरी पंचांगम · जम्मू
रविवार, 18 अक्टूबर 202606:3717:54
दिन का गौरी पंचांगमसूर्योदय से · 06:37
- उथिशुभ06:37 –08:01
- अमिर्दाश्रेष्ठ08:01 –09:26
- रोगम्अनिष्ट09:26 –10:51
- लाभम्लाभ10:51 –12:16
- धनम्धन12:16 –13:40
- सुगम्शुभ13:40 –15:05
- सोरम्अशुभ15:05 –16:30
- विषम्अशुभ16:30 –17:54राहुकाल
रात का गौरी पंचांगमसूर्यास्त से · 17:54
- धनम्धन17:54 –19:30
- सुगम्शुभ19:30 –21:05
- सोरम्अशुभ21:05 –22:41
- विषम्अशुभ22:41 –00:16, 19 अक्टू॰
- उथिशुभ00:16, 19 अक्टू॰ –01:51, 19 अक्टू॰
- अमिर्दाश्रेष्ठ01:51, 19 अक्टू॰ –03:27, 19 अक्टू॰
- रोगम्अनिष्ट03:27, 19 अक्टू॰ –05:02, 19 अक्टू॰
- लाभम्लाभ05:02, 19 अक्टू॰ –06:37, 19 अक्टू॰
जम्मू के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
गौरी पंचांगम
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
इस दिन के लिए और
गौरी पंचांगम — प्रश्न और उत्तर
गौरी पंचांगम क्या है?
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
जम्मू में 18 अक्टूबर 2026 का गौरी पंचांगम क्या है?
सूर्योदय 06:37, सूर्यास्त 17:54।