गौरी पंचांगम · जयपुर
मंगलवार, 13 अक्टूबर 202606:2518:01
दिन का गौरी पंचांगमसूर्योदय से · 06:25
- रोगम्अनिष्ट06:25 –07:52
- लाभम्लाभ07:52 –09:19
- धनम्धन09:19 –10:46
- सुगम्शुभ10:46 –12:13
- सोरम्अशुभ12:13 –13:40
- उथिशुभ13:40 –15:07
- विषम्अशुभ15:07 –16:34राहुकाल
- अमिर्दाश्रेष्ठ16:34 –18:01
रात का गौरी पंचांगमसूर्यास्त से · 18:01
- सोरम्अशुभ18:01 –19:34
- उथिशुभ19:34 –21:07
- विषम्अशुभ21:07 –22:40
- अमिर्दाश्रेष्ठ22:40 –00:13, 14 अक्टू॰
- रोगम्अनिष्ट00:13, 14 अक्टू॰ –01:46, 14 अक्टू॰
- लाभम्लाभ01:46, 14 अक्टू॰ –03:19, 14 अक्टू॰
- धनम्धन03:19, 14 अक्टू॰ –04:53, 14 अक्टू॰
- सुगम्शुभ04:53, 14 अक्टू॰ –06:26, 14 अक्टू॰
जयपुर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
गौरी पंचांगम
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
इस दिन के लिए और
गौरी पंचांगम — प्रश्न और उत्तर
गौरी पंचांगम क्या है?
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
जयपुर में 13 अक्टूबर 2026 का गौरी पंचांगम क्या है?
सूर्योदय 06:25, सूर्यास्त 18:01।