गौरी पंचांगम · जयपुर

गुरुवार, 1 अक्टूबर 202606:1918:14

दिन का गौरी पंचांगमसूर्योदय से · 06:19
  • धनम्धन06:19 –07:49
  • सुगम्शुभ07:49 –09:18
  • सोरम्अशुभ09:18 –10:47
  • उथिशुभ10:47 –12:16
  • अमिर्दाश्रेष्ठ12:16 –13:46
  • विषम्अशुभ13:46 –15:15राहुकाल
  • रोगम्अनिष्ट15:15 –16:44
  • लाभम्लाभ16:44 –18:14
रात का गौरी पंचांगमसूर्यास्त से · 18:14
  • अमिर्दाश्रेष्ठ18:14 –19:44
  • विषम्अशुभ19:44 –21:15
  • रोगम्अनिष्ट21:15 –22:46
  • लाभम्लाभ22:46 –00:17, 2 अक्टू॰
  • धनम्धन00:17, 2 अक्टू॰ –01:47, 2 अक्टू॰
  • सुगम्शुभ01:47, 2 अक्टू॰ –03:18, 2 अक्टू॰
  • सोरम्अशुभ03:18, 2 अक्टू॰ –04:49, 2 अक्टू॰
  • उथिशुभ04:49, 2 अक्टू॰ –06:20, 2 अक्टू॰

जयपुर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

गौरी पंचांगम

तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।

गौरी पंचांगम — प्रश्न और उत्तर

गौरी पंचांगम क्या है?

तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।

जयपुर में 1 अक्टूबर 2026 का गौरी पंचांगम क्या है?

सूर्योदय 06:19, सूर्यास्त 18:14।

गौरी पंचांगम — अन्य शहर