पंचांग · गुरुवार, 1 अक्टूबर 2026जयपुर

भाद्रपद · कृष्ण पंचमी · विक्रम संवत 2083

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
06:19सूर्योदय18:14सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण पंचमी
कृष्ण · 12:35 तक
नक्षत्र
रोहिणी
04:27, 2 अक्टू॰ तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
06:1918:14
गुरुवार · गुरु
राहु काल
13:46 –15:15
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
06:19दिन18:14
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
यमगंड
गुलिक काल
राहु काल
दुर्मुहूर्त
दुर्मुहूर्त
07:0009:0011:0013:0015:0017:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
18:14रात06:20
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
अमृत काल
वर्ज्य
19:0021:0023:0001:0003:0005:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

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पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण पंचमी
    12:35 तक
  2. कृष्ण षष्ठी
    10:15, 2 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
  1. रोहिणीस्वामी चन्द्र
    04:27, 2 अक्टू॰ तक
  2. मृगशिरास्वामी मंगल
    02:55, 3 अक्टू॰ तक
योग
  1. सिद्धि
    21:17 तक
  2. व्यतीपात
    18:17, 2 अक्टू॰ तक
करण
  1. तैतिल
    12:35 तक
  2. गर
    23:25 तक
  3. वणिज
    10:15, 2 अक्टू॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
06:19
बिंब मध्य 06:23
सूर्यास्त
18:14
बिंब मध्य 18:09
चंद्रोदय
21:30
चंद्रास्त
11:02
दिनमान
11h 55m
वार
गुरुवार · गुरु
चंद्र राशि
वृषभ
15:40, 2 अक्टू॰ तक
सूर्य राशि
कन्या

चांद्र पंचांग

अमांत मास
भाद्रपद
पूर्णिमांत मास
आश्विन
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
वर्षा
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:43 –05:31
  • प्रातः संध्या05:07 –06:19
  • अभिजित मुहूर्त11:53 –12:40
  • विजय मुहूर्त14:15 –15:03
  • गोधूलि मुहूर्त18:14 –18:38
  • सायाह्न संध्या18:14 –19:26
  • निशीथ मुहूर्त23:52 –00:41, 2 अक्टू॰
  • अमृत काल01:27 –02:57, 2 अक्टू॰
इन समयों से बचें
  • राहु काल13:46 –15:15
  • यमगंड06:19 –07:49
  • गुलिक काल09:18 –10:47
  • दुर्मुहूर्त10:17 –11:05
  • दुर्मुहूर्त15:03 –15:51
  • वर्ज्य20:59 –22:28

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • शुभ06:19 – 07:49
  • रोग07:49 – 09:18
  • उद्वेग09:18 – 10:47
  • चर10:47 – 12:16
  • लाभ12:16 – 13:46
  • अमृत13:46 – 15:15
  • काल15:15 – 16:44
  • शुभ16:44 – 18:14
रात
  • अमृत18:14 – 19:44
  • चर19:44 – 21:15
  • रोग21:15 – 22:46
  • काल22:46 – 00:17
  • लाभ00:17 – 01:47
  • उद्वेग01:47 – 03:18
  • शुभ03:18 – 04:49
  • अमृत04:49 – 06:20

होरा

दिन
  • गुरु06:19–07:19
  • मंगल07:19–08:18
  • सूर्य08:18–09:18
  • शुक्र09:18–10:17
  • बुध10:17–11:17
  • चन्द्र11:17–12:16
  • शनि12:16–13:16
  • गुरु13:16–14:15
  • मंगल14:15–15:15
  • सूर्य15:15–16:14
  • शुक्र16:14–17:14
  • बुध17:14–18:14
रात
  • चन्द्र18:14–19:14
  • शनि19:14–20:15
  • गुरु20:15–21:15
  • मंगल21:15–22:16
  • सूर्य22:16–23:16
  • शुक्र23:16–00:17
  • बुध00:17–01:17
  • चन्द्र01:17–02:18
  • शनि02:18–03:18
  • गुरु03:18–04:19
  • मंगल04:19–05:19
  • सूर्य05:19–06:20

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • रोहिणी 1 पद11:38 तक
  • रोहिणी 2 पद17:14 तक
  • रोहिणी 3 पद22:50 तक
  • रोहिणी 4 पद04:27, 2 अक्टू॰ तक
  • मृगशिरा 1 पद10:03, 2 अक्टू॰ तक
सूर्य नक्षत्र
हस्त 2 पद
ऋतु (दृक्)
शरद
ऋतु (वैदिक)
वर्षा
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
11h 55m
रात्रिमान
12h 6m
मध्याह्न
12:16

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
वृषभ · अगले सूर्योदय तक
वृषभकर्कसिंहवृश्चिकधनुमीन
तुला राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
रोहिणी · 04:27, 2 अक्टू॰ तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिराआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीचित्रास्वातीअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठाशतभिषाउत्तरभाद्रपद
मृगशिरा · अगले सूर्योदय तक
भरणीरोहिणीआर्द्रापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
दक्षिणइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
दक्षिण
चंद्र वास
दक्षिण
अग्निवास
पाताल · 12:35 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
नंदी पर · 12:35 तकभोजन में
होमाहुति
गुरु

पंचक रहित मुहूर्त

  • रोग पंचक06:19 –07:36
  • शुभ मुहूर्त07:36 –09:54
  • मृत्यु पंचक09:54 –12:12
  • अग्नि पंचक12:12 –12:35
  • शुभ मुहूर्त12:35 –14:16
  • राज पंचक14:16 –16:00
  • शुभ मुहूर्त16:00 –17:29
  • चोर पंचक17:29 –18:56
  • राज पंचक18:56 –20:32
  • शुभ मुहूर्त20:32 –22:29
  • चोर पंचक22:29 –00:43, 2 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त00:43 –03:02, 2 अक्टू॰
  • रोग पंचक03:02 –04:27, 2 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त04:27 –05:18, 2 अक्टू॰
  • मृत्यु पंचक05:18 –06:20, 2 अक्टू॰

उदय लग्न

  • कन्या05:22 –07:36
  • तुला07:36 –09:54
  • वृश्चिक09:54 –12:12
  • धनु12:12 –14:16
  • मकर14:16 –16:00
  • कुम्भ16:00 –17:29
  • मीन17:29 –18:56
  • मेष18:56 –20:32
  • वृषभ20:32 –22:29
  • मिथुन22:29 –00:43, 2 अक्टू॰
  • कर्क00:43 –03:02, 2 अक्टू॰
  • सिंह03:02 –05:18, 2 अक्टू॰
  • कन्या05:18 –07:32, 2 अक्टू॰

पंचांग · जयपुर, 1 अक्टूबर 2026

गुरुवार, 1 अक्टूबर 2026 को जयपुर में सूर्योदय 06:19 और सूर्यास्त 18:14 पर है। तिथि कृष्ण पंचमी 12:35 तक, फिर कृष्ण षष्ठी; नक्षत्र रोहिणी 2 अक्टूबर 04:27 तक, फिर मृगशिरा; योग सिद्धि 21:17 तक, फिर व्यतीपात; करण तैतिल 12:35 तक, फिर गर। चंद्रमा वृषभ राशि में, सूर्य कन्या राशि में। राहुकाल 13:46–15:15, अभिजित मुहूर्त 11:53–12:40। मास आश्विन (पूर्णिमांत) / भाद्रपद (अमांत), विक्रम संवत 2083, शक संवत 1948।

इस दिन के बारे में प्रश्न

जयपुर में 1 अक्टूबर 2026 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण पंचमी 12:35 तक, फिर कृष्ण षष्ठी (सूर्योदय 06:19, जयपुर)।

1 अक्टूबर 2026 को कौन सा नक्षत्र है?

रोहिणी 2 अक्टूबर 04:27 तक, फिर मृगशिरा। चंद्रमा वृषभ राशि में 2 अक्टूबर 15:40 तक।

जयपुर में 1 अक्टूबर 2026 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 13:46–15:15, यमगण्ड 06:19–07:49, गुलिक काल 09:18–10:47।

जयपुर में 1 अक्टूबर 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 06:19, सूर्यास्त 18:14, चंद्रोदय 21:30 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

1 अक्टूबर 2026 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:53–12:40, ब्रह्म मुहूर्त 04:43–05:31। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

जयपुर हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2026आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2026मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2307° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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