गौरी पंचांगम · जयपुर
गुरुवार, 3 अप्रैल 202506:1618:45
दिन का गौरी पंचांगमसूर्योदय से · 06:16
- धनम्धन06:16 –07:49
- सुगम्शुभ07:49 –09:23
- सोरम्अशुभ09:23 –10:57
- उथिशुभ10:57 –12:30
- अमिर्दाश्रेष्ठ12:30 –14:04
- विषम्अशुभ14:04 –15:38राहुकाल
- रोगम्अनिष्ट15:38 –17:11
- लाभम्लाभ17:11 –18:45
रात का गौरी पंचांगमसूर्यास्त से · 18:45
- अमिर्दाश्रेष्ठ18:45 –20:11
- विषम्अशुभ20:11 –21:37
- रोगम्अनिष्ट21:37 –23:04
- लाभम्लाभ23:04 –00:30, 4 अप्रैल
- धनम्धन00:30, 4 अप्रैल –01:56, 4 अप्रैल
- सुगम्शुभ01:56, 4 अप्रैल –03:22, 4 अप्रैल
- सोरम्अशुभ03:22, 4 अप्रैल –04:48, 4 अप्रैल
- उथिशुभ04:48, 4 अप्रैल –06:14, 4 अप्रैल
जयपुर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
गौरी पंचांगम
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
इस दिन के लिए और
गौरी पंचांगम — प्रश्न और उत्तर
गौरी पंचांगम क्या है?
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
जयपुर में 3 अप्रैल 2025 का गौरी पंचांगम क्या है?
सूर्योदय 06:16, सूर्यास्त 18:45।