गौरी पंचांगम · हरिद्वार
शनिवार, 17 अक्टूबर 202606:2017:45
दिन का गौरी पंचांगमसूर्योदय से · 06:20
- सोरम्अशुभ06:20 –07:46
- उथिशुभ07:46 –09:11
- विषम्अशुभ09:11 –10:37राहुकाल
- अमिर्दाश्रेष्ठ10:37 –12:03
- रोगम्अनिष्ट12:03 –13:28
- लाभम्लाभ13:28 –14:54
- धनम्धन14:54 –16:19
- सुगम्शुभ16:19 –17:45
रात का गौरी पंचांगमसूर्यास्त से · 17:45
- लाभम्लाभ17:45 –19:19
- धनम्धन19:19 –20:54
- सुगम्शुभ20:54 –22:28
- सोरम्अशुभ22:28 –00:03, 18 अक्टू॰
- उथिशुभ00:03, 18 अक्टू॰ –01:37, 18 अक्टू॰
- विषम्अशुभ01:37, 18 अक्टू॰ –03:12, 18 अक्टू॰
- अमिर्दाश्रेष्ठ03:12, 18 अक्टू॰ –04:46, 18 अक्टू॰
- सोरम्अशुभ04:46, 18 अक्टू॰ –06:21, 18 अक्टू॰
हरिद्वार के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
गौरी पंचांगम
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
इस दिन के लिए और
गौरी पंचांगम — प्रश्न और उत्तर
गौरी पंचांगम क्या है?
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
हरिद्वार में 17 अक्टूबर 2026 का गौरी पंचांगम क्या है?
सूर्योदय 06:20, सूर्यास्त 17:45।