गौरी पंचांगम · हरिद्वार

मंगलवार, 13 अक्टूबर 202606:1817:49

दिन का गौरी पंचांगमसूर्योदय से · 06:18
  • रोगम्अनिष्ट06:18 –07:44
  • लाभम्लाभ07:44 –09:11
  • धनम्धन09:11 –10:37
  • सुगम्शुभ10:37 –12:03
  • सोरम्अशुभ12:03 –13:30
  • उथिशुभ13:30 –14:56
  • विषम्अशुभ14:56 –16:23राहुकाल
  • अमिर्दाश्रेष्ठ16:23 –17:49
रात का गौरी पंचांगमसूर्यास्त से · 17:49
  • सोरम्अशुभ17:49 –19:23
  • उथिशुभ19:23 –20:56
  • विषम्अशुभ20:56 –22:30
  • अमिर्दाश्रेष्ठ22:30 –00:04, 14 अक्टू॰
  • रोगम्अनिष्ट00:04, 14 अक्टू॰ –01:37, 14 अक्टू॰
  • लाभम्लाभ01:37, 14 अक्टू॰ –03:11, 14 अक्टू॰
  • धनम्धन03:11, 14 अक्टू॰ –04:45, 14 अक्टू॰
  • सुगम्शुभ04:45, 14 अक्टू॰ –06:18, 14 अक्टू॰

हरिद्वार के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

गौरी पंचांगम

तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।

गौरी पंचांगम — प्रश्न और उत्तर

गौरी पंचांगम क्या है?

तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।

हरिद्वार में 13 अक्टूबर 2026 का गौरी पंचांगम क्या है?

सूर्योदय 06:18, सूर्यास्त 17:49।

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