गौरी पंचांगम · हरिद्वार
शुक्रवार, 4 सितंबर 202605:5618:37
दिन का गौरी पंचांगमसूर्योदय से · 05:56
- सुगम्शुभ05:56 –07:31
- सोरम्अशुभ07:31 –09:06
- उथिशुभ09:06 –10:41
- विषम्अशुभ10:41 –12:16राहुकाल
- अमिर्दाश्रेष्ठ12:16 –13:51
- रोगम्अनिष्ट13:51 –15:26
- लाभम्लाभ15:26 –17:02
- धनम्धन17:02 –18:37
रात का गौरी पंचांगमसूर्यास्त से · 18:37
- रोगम्अनिष्ट18:37 –20:02
- लाभम्लाभ20:02 –21:27
- धनम्धन21:27 –22:52
- सुगम्शुभ22:52 –00:16, 5 सित॰
- सोरम्अशुभ00:16, 5 सित॰ –01:41, 5 सित॰
- उथिशुभ01:41, 5 सित॰ –03:06, 5 सित॰
- विषम्अशुभ03:06, 5 सित॰ –04:31, 5 सित॰
- अमिर्दाश्रेष्ठ04:31, 5 सित॰ –05:56, 5 सित॰
हरिद्वार के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
गौरी पंचांगम
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
इस दिन के लिए और
गौरी पंचांगम — प्रश्न और उत्तर
गौरी पंचांगम क्या है?
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
हरिद्वार में 4 सितंबर 2026 का गौरी पंचांगम क्या है?
सूर्योदय 05:56, सूर्यास्त 18:37।