गौरी पंचांगम · हरिद्वार
शनिवार, 4 अक्टूबर 202506:1217:59
दिन का गौरी पंचांगमसूर्योदय से · 06:12
- सोरम्अशुभ06:12 –07:41
- उथिशुभ07:41 –09:09
- विषम्अशुभ09:09 –10:37राहुकाल
- अमिर्दाश्रेष्ठ10:37 –12:06
- रोगम्अनिष्ट12:06 –13:34
- लाभम्लाभ13:34 –15:03
- धनम्धन15:03 –16:31
- सुगम्शुभ16:31 –17:59
रात का गौरी पंचांगमसूर्यास्त से · 17:59
- लाभम्लाभ17:59 –19:31
- धनम्धन19:31 –21:03
- सुगम्शुभ21:03 –22:34
- सोरम्अशुभ22:34 –00:06, 5 अक्टू॰
- उथिशुभ00:06, 5 अक्टू॰ –01:38, 5 अक्टू॰
- विषम्अशुभ01:38, 5 अक्टू॰ –03:10, 5 अक्टू॰
- अमिर्दाश्रेष्ठ03:10, 5 अक्टू॰ –04:41, 5 अक्टू॰
- सोरम्अशुभ04:41, 5 अक्टू॰ –06:13, 5 अक्टू॰
हरिद्वार के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
गौरी पंचांगम
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
इस दिन के लिए और
गौरी पंचांगम — प्रश्न और उत्तर
गौरी पंचांगम क्या है?
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
हरिद्वार में 4 अक्टूबर 2025 का गौरी पंचांगम क्या है?
सूर्योदय 06:12, सूर्यास्त 17:59।