चौघड़िया · वाराणसी

शुक्रवार, 28 अप्रैल 202805:2418:27

आज के सर्वश्रेष्ठ समय

लाभ07:02 –08:40शुभ11:56 –13:34शुभ23:55 –01:17, 29 अप्रैलअमृत01:17, 29 अप्रैल –02:39, 29 अप्रैल
दिन का चौघड़ियासूर्योदय से · 05:24
  • चरसम05:24 –07:02
  • लाभलाभ07:02 –08:40
  • अमृतश्रेष्ठ08:40 –10:18वार वेला
  • कालहानि10:18 –11:56काल वेलाराहुकाल
  • शुभशुभ11:56 –13:34
  • रोगअनिष्ट13:34 –15:12
  • उद्वेगअशुभ15:12 –16:49
  • चरसम16:49 –18:27
रात का चौघड़ियासूर्यास्त से · 18:27
  • रोगअनिष्ट18:27 –19:49
  • कालहानि19:49 –21:11
  • लाभलाभ21:11 –22:33काल रात्रि
  • उद्वेगअशुभ22:33 –23:55
  • शुभशुभ23:55 –01:17, 29 अप्रैल
  • अमृतश्रेष्ठ01:17, 29 अप्रैल –02:39, 29 अप्रैल
  • चरसम02:39, 29 अप्रैल –04:01, 29 अप्रैल
  • रोगअनिष्ट04:01, 29 अप्रैल –05:23, 29 अप्रैल
अमृत श्रेष्ठशुभ शुभलाभ लाभचर समउद्वेग अशुभरोग अनिष्टकाल हानि

चौघड़िया स्वयं शुभ हो तब भी शुभ कार्य के लिए वार वेला, काल वेला और काल रात्रि छोड़ी जाती हैं।

वाराणसी के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमृत, शुभ और लाभ शुभ हैं, चर सम है और यात्रा के लिए अच्छा है, तथा उद्वेग, रोग और काल वर्जित हैं। यात्रा, खरीदारी और कार्य आरंभ के लिए गुजरात और राजस्थान में यह रोज़ का मुहूर्त है।

चौघड़िया — प्रश्न और उत्तर

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमृत, शुभ और लाभ शुभ हैं, चर सम है और यात्रा के लिए अच्छा है, तथा उद्वेग, रोग और काल वर्जित हैं। यात्रा, खरीदारी और कार्य आरंभ के लिए गुजरात और राजस्थान में यह रोज़ का मुहूर्त है।

वाराणसी में 28 अप्रैल 2028 का चौघड़िया क्या है?

सूर्योदय 05:24 से दिन के चौघड़िया: चर, लाभ, अमृत, काल, शुभ, रोग, उद्वेग, चर। शुभ: लाभ 07:02–08:40, शुभ 11:56–13:34। राहुकाल 10:18–11:56।

चौघड़िया — अन्य शहर