चौघड़िया · वाराणसी
बुधवार, 12 अप्रैल 202805:3818:20
आज के सर्वश्रेष्ठ समय
- लाभलाभ05:38 –07:13
- अमृतश्रेष्ठ07:13 –08:49
- कालहानि08:49 –10:24काल वेला
- शुभशुभ10:24 –11:59
- रोगअनिष्ट11:59 –13:34वार वेलाराहुकाल
- उद्वेगअशुभ13:34 –15:09
- चरसम15:09 –16:45
- लाभलाभ16:45 –18:20
- उद्वेगअशुभ18:20 –19:44
- शुभशुभ19:44 –21:09
- अमृतश्रेष्ठ21:09 –22:34
- चरसम22:34 –23:59
- रोगअनिष्ट23:59 –01:23, 13 अप्रैल
- कालहानि01:23, 13 अप्रैल –02:48, 13 अप्रैल
- लाभलाभ02:48, 13 अप्रैल –04:13, 13 अप्रैलकाल रात्रि
- उद्वेगअशुभ04:13, 13 अप्रैल –05:37, 13 अप्रैल
चौघड़िया स्वयं शुभ हो तब भी शुभ कार्य के लिए वार वेला, काल वेला और काल रात्रि छोड़ी जाती हैं।
वाराणसी के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
चौघड़िया
चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमृत, शुभ और लाभ शुभ हैं, चर सम है और यात्रा के लिए अच्छा है, तथा उद्वेग, रोग और काल वर्जित हैं। यात्रा, खरीदारी और कार्य आरंभ के लिए गुजरात और राजस्थान में यह रोज़ का मुहूर्त है।
इस दिन के लिए और
चौघड़िया — प्रश्न और उत्तर
चौघड़िया क्या है?
चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमृत, शुभ और लाभ शुभ हैं, चर सम है और यात्रा के लिए अच्छा है, तथा उद्वेग, रोग और काल वर्जित हैं। यात्रा, खरीदारी और कार्य आरंभ के लिए गुजरात और राजस्थान में यह रोज़ का मुहूर्त है।
वाराणसी में 12 अप्रैल 2028 का चौघड़िया क्या है?
सूर्योदय 05:38 से दिन के चौघड़िया: लाभ, अमृत, काल, शुभ, रोग, उद्वेग, चर, लाभ। शुभ: लाभ 05:38–07:13, अमृत 07:13–08:49, शुभ 10:24–11:59, लाभ 16:45–18:20। राहुकाल 11:59–13:34।