चौघड़िया · वाराणसी
सोमवार, 17 फ़रवरी 202506:3117:53
आज के सर्वश्रेष्ठ समय
- अमृतश्रेष्ठ06:31 –07:56
- कालहानि07:56 –09:22काल वेलाराहुकाल
- शुभशुभ09:22 –10:47
- रोगअनिष्ट10:47 –12:12
- उद्वेगअशुभ12:12 –13:37
- चरसम13:37 –15:03
- लाभलाभ15:03 –16:28वार वेला
- अमृतश्रेष्ठ16:28 –17:53
- चरसम17:53 –19:28
- रोगअनिष्ट19:28 –21:03
- कालहानि21:03 –22:37
- लाभलाभ22:37 –00:12, 18 फ़र॰काल रात्रि
- उद्वेगअशुभ00:12, 18 फ़र॰ –01:46, 18 फ़र॰
- शुभशुभ01:46, 18 फ़र॰ –03:21, 18 फ़र॰
- अमृतश्रेष्ठ03:21, 18 फ़र॰ –04:56, 18 फ़र॰
- चरसम04:56, 18 फ़र॰ –06:30, 18 फ़र॰
चौघड़िया स्वयं शुभ हो तब भी शुभ कार्य के लिए वार वेला, काल वेला और काल रात्रि छोड़ी जाती हैं।
वाराणसी के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
चौघड़िया
चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमृत, शुभ और लाभ शुभ हैं, चर सम है और यात्रा के लिए अच्छा है, तथा उद्वेग, रोग और काल वर्जित हैं। यात्रा, खरीदारी और कार्य आरंभ के लिए गुजरात और राजस्थान में यह रोज़ का मुहूर्त है।
इस दिन के लिए और
चौघड़िया — प्रश्न और उत्तर
चौघड़िया क्या है?
चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमृत, शुभ और लाभ शुभ हैं, चर सम है और यात्रा के लिए अच्छा है, तथा उद्वेग, रोग और काल वर्जित हैं। यात्रा, खरीदारी और कार्य आरंभ के लिए गुजरात और राजस्थान में यह रोज़ का मुहूर्त है।
वाराणसी में 17 फ़रवरी 2025 का चौघड़िया क्या है?
सूर्योदय 06:31 से दिन के चौघड़िया: अमृत, काल, शुभ, रोग, उद्वेग, चर, लाभ, अमृत। शुभ: अमृत 06:31–07:56, शुभ 09:22–10:47, अमृत 16:28–17:53। राहुकाल 07:56–09:22।