पंचांग · गुरुवार, 30 सितंबर 2027वाराणसी

भाद्रपद · अमावस्या · विक्रम संवत 2084शारदीय नवरात्रि (घटस्थापना)अमावस्या

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
05:50सूर्योदय17:47सूर्यास्त
तिथि
अमावस्या
कृष्ण · 08:06 तक
नक्षत्र
हस्त
02:11, 1 अक्टू॰ तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
05:5017:47
गुरुवार · गुरु
राहु काल
13:18 –14:47
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
05:50दिन17:47
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
यमगंड
गुलिक काल
वर्ज्य
राहु काल
दुर्मुहूर्त
दुर्मुहूर्त
08:0010:0012:0014:0016:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
17:47रात05:50
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
गोधूलि मुहूर्त
अमृत काल
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
20:0022:0000:0002:0004:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

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पाँच अंग

तिथि
  1. अमावस्या
    08:06 तक
  2. शुक्ल प्रतिपदा
    05:35, 1 अक्टू॰ तक
  3. शुक्ल द्वितीया
    03:33, 2 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
  1. हस्तस्वामी चन्द्र
    02:11, 1 अक्टू॰ तक
  2. चित्रास्वामी मंगल
    00:49, 2 अक्टू॰ तक
योग
  1. ब्रह्मा
    21:08 तक
  2. इन्द्र
    18:11, 1 अक्टू॰ तक
करण
  1. नाग
    08:06 तक
  2. किंस्तुघ्न
    18:47 तक
  3. बव
    05:35, 1 अक्टू॰ तक
  4. बालव
    16:30, 1 अक्टू॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
05:50
बिंब मध्य 05:53
सूर्यास्त
17:47
बिंब मध्य 17:42
चंद्रोदय
05:48
चंद्रास्त
17:43
दिनमान
11h 57m
वार
गुरुवार · गुरु
चंद्र राशि
कन्या
13:26, 1 अक्टू॰ तक
सूर्य राशि
कन्या

चांद्र पंचांग

अमांत मास
भाद्रपद
पूर्णिमांत मास
आश्विन
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
वर्षा
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:13 –05:01
  • प्रातः संध्या04:37 –05:50
  • अभिजित मुहूर्त11:24 –12:12
  • विजय मुहूर्त13:48 –14:35
  • गोधूलि मुहूर्त17:47 –18:11
  • सायाह्न संध्या17:47 –18:59
  • निशीथ मुहूर्त23:24 –00:12, 1 अक्टू॰
  • अमृत काल20:38 –22:07
इन समयों से बचें
  • राहु काल13:18 –14:47
  • यमगंड05:50 –07:19
  • गुलिक काल08:49 –10:18
  • दुर्मुहूर्त09:49 –10:36
  • दुर्मुहूर्त14:35 –15:23
  • वर्ज्य11:46 –13:14

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • शुभ05:50 – 07:19
  • रोग07:19 – 08:49
  • उद्वेग08:49 – 10:18
  • चर10:18 – 11:48
  • लाभ11:48 – 13:18
  • अमृत13:18 – 14:47
  • काल14:47 – 16:17
  • शुभ16:17 – 17:47
रात
  • अमृत17:47 – 19:17
  • चर19:17 – 20:47
  • रोग20:47 – 22:18
  • काल22:18 – 23:48
  • लाभ23:48 – 01:19
  • उद्वेग01:19 – 02:49
  • शुभ02:49 – 04:20
  • अमृत04:20 – 05:50

होरा

दिन
  • गुरु05:50–06:49
  • मंगल06:49–07:49
  • सूर्य07:49–08:49
  • शुक्र08:49–09:49
  • बुध09:49–10:48
  • चन्द्र10:48–11:48
  • शनि11:48–12:48
  • गुरु12:48–13:48
  • मंगल13:48–14:47
  • सूर्य14:47–15:47
  • शुक्र15:47–16:47
  • बुध16:47–17:47
रात
  • चन्द्र17:47–18:47
  • शनि18:47–19:47
  • गुरु19:47–20:47
  • मंगल20:47–21:48
  • सूर्य21:48–22:48
  • शुक्र22:48–23:48
  • बुध23:48–00:49
  • चन्द्र00:49–01:49
  • शनि01:49–02:49
  • गुरु02:49–03:49
  • मंगल03:49–04:50
  • सूर्य04:50–05:50

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • हस्त 1 पद09:30 तक
  • हस्त 2 पद15:02 तक
  • हस्त 3 पद20:36 तक
  • हस्त 4 पद02:11, 1 अक्टू॰ तक
  • चित्रा 1 पद07:47, 1 अक्टू॰ तक
सूर्य नक्षत्र
हस्त 1 पद
ऋतु (दृक्)
शरद
ऋतु (वैदिक)
वर्षा
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
11h 57m
रात्रिमान
12h 3m
मध्याह्न
11:48

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
कन्या · अगले सूर्योदय तक
मेषकर्ककन्यावृश्चिकधनुमीन
कुम्भ राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
हस्त · 02:11, 1 अक्टू॰ तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिराआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीचित्रास्वातीअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठाशतभिषाउत्तरभाद्रपद
चित्रा · अगले सूर्योदय तक
भरणीरोहिणीआर्द्रापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
दक्षिणइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
दक्षिण
चंद्र वास
दक्षिण
अग्निवास
पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 08:06 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 05:35, 1 अक्टू॰ तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
गौरी के साथ · 08:06 तकश्मशान में · 05:35, 1 अक्टू॰ तकगौरी के साथ
होमाहुति
सूर्य

पंचक रहित मुहूर्त

  • शुभ मुहूर्त05:50 –07:11
  • मृत्यु पंचक07:11 –08:06
  • रोग पंचक08:06 –09:28
  • शुभ मुहूर्त09:28 –11:44
  • मृत्यु पंचक11:44 –13:49
  • अग्नि पंचक13:49 –15:34
  • शुभ मुहूर्त15:34 –17:05
  • राज पंचक17:05 –18:33
  • अग्नि पंचक18:33 –20:11
  • शुभ मुहूर्त20:11 –22:09
  • राज पंचक22:09 –00:23, 1 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त00:23 –02:11, 1 अक्टू॰
  • चोर पंचक02:11 –02:40, 1 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त02:40 –04:54, 1 अक्टू॰
  • रोग पंचक04:54 –05:35, 1 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त05:35 –05:50, 1 अक्टू॰

उदय लग्न

  • कन्या04:58 –07:11
  • तुला07:11 –09:28
  • वृश्चिक09:28 –11:44
  • धनु11:44 –13:49
  • मकर13:49 –15:34
  • कुम्भ15:34 –17:05
  • मीन17:05 –18:33
  • मेष18:33 –20:11
  • वृषभ20:11 –22:09
  • मिथुन22:09 –00:23, 1 अक्टू॰
  • कर्क00:23 –02:40, 1 अक्टू॰
  • सिंह02:40 –04:54, 1 अक्टू॰
  • कन्या04:54 –07:07, 1 अक्टू॰

पंचांग · वाराणसी, 30 सितंबर 2027

गुरुवार, 30 सितंबर 2027 को वाराणसी में सूर्योदय 05:50 और सूर्यास्त 17:47 पर है। तिथि अमावस्या 08:06 तक, फिर शुक्ल प्रतिपदा; नक्षत्र हस्त 1 अक्टूबर 02:11 तक, फिर चित्रा; योग ब्रह्मा 21:08 तक, फिर इन्द्र; करण नाग 08:06 तक, फिर किंस्तुघ्न। चंद्रमा कन्या राशि में, सूर्य कन्या राशि में। राहुकाल 13:18–14:47, अभिजित मुहूर्त 11:24–12:12। मास आश्विन (पूर्णिमांत) / भाद्रपद (अमांत), विक्रम संवत 2084, शक संवत 1949।

इस दिन के बारे में प्रश्न

वाराणसी में 30 सितंबर 2027 को कौन सी तिथि है?

अमावस्या 08:06 तक, फिर शुक्ल प्रतिपदा (सूर्योदय 05:50, वाराणसी)।

30 सितंबर 2027 को कौन सा नक्षत्र है?

हस्त 1 अक्टूबर 02:11 तक, फिर चित्रा। चंद्रमा कन्या राशि में 1 अक्टूबर 13:26 तक।

वाराणसी में 30 सितंबर 2027 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 13:18–14:47, यमगण्ड 05:50–07:19, गुलिक काल 08:49–10:18।

वाराणसी में 30 सितंबर 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 05:50, सूर्यास्त 17:47, चंद्रोदय 05:48 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

30 सितंबर 2027 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:24–12:12, ब्रह्म मुहूर्त 04:13–05:01। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

30 सितंबर 2027 को कौन सा व्रत या त्योहार है?

शारदीय नवरात्रि (घटस्थापना), अमावस्या।

वाराणसी हिन्दू कैलेंडर सितंबर 2027आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2027मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2447° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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