पंचांग · शनिवार, 4 जुलाई 2026तिरुपति
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
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पाँच अंग
- कृष्ण चतुर्थी12:40 तक
- कृष्ण पंचमी13:31, 5 जुल॰ तक
- धनिष्ठास्वामी मंगल13:43 तक
- शतभिषास्वामी राहु15:12, 5 जुल॰ तक
- प्रीति17:01 तक
- आयुष्मान्16:39, 5 जुल॰ तक
- बालव12:40 तक
- कौलव01:09, 5 जुल॰ तक
- तैतिल13:31, 5 जुल॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 05:49बिंब मध्य 05:53
- सूर्यास्त
- 18:44बिंब मध्य 18:40
- चंद्रोदय
- 21:58
- चंद्रास्त
- 09:14
- दिनमान
- 12h 55m
- वार
- शनिवार · शनि
- चंद्र राशि
- कुम्भ09:57, 6 जुल॰ तक
- सूर्य राशि
- मिथुन
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- ज्येष्ठ
- पूर्णिमांत मास
- आषाढ़
- पक्ष
- कृष्ण
- ऋतु
- ग्रीष्म
- विक्रम संवत
- 2083
- शक संवत
- 1948
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:21 –05:05
- प्रातः संध्या04:43 –05:49
- अभिजित मुहूर्त11:51 –12:43
- विजय मुहूर्त14:26 –15:17
- गोधूलि मुहूर्त18:44 –19:06
- सायाह्न संध्या18:44 –19:51
- निशीथ मुहूर्त23:55 –00:39, 5 जुल॰
- राहु काल09:03 –10:40
- यमगंड13:54 –15:30
- गुलिक काल05:49 –07:26
- दुर्मुहूर्त05:49 –06:41
- दुर्मुहूर्त06:41 –07:33
- वर्ज्य21:22 –23:04
चौघड़िया
- काल05:49 – 07:26
- शुभ07:26 – 09:03
- रोग09:03 – 10:40
- उद्वेग10:40 – 12:17
- चर12:17 – 13:54
- लाभ13:54 – 15:30
- अमृत15:30 – 17:07
- काल17:07 – 18:44
- लाभ18:44 – 20:07
- उद्वेग20:07 – 21:30
- शुभ21:30 – 22:54
- अमृत22:54 – 00:17
- चर00:17 – 01:40
- रोग01:40 – 03:03
- काल03:03 – 04:26
- लाभ04:26 – 05:50
होरा
- शनि05:49–06:54
- गुरु06:54–07:59
- मंगल07:59–09:03
- सूर्य09:03–10:08
- शुक्र10:08–11:12
- बुध11:12–12:17
- चन्द्र12:17–13:21
- शनि13:21–14:26
- गुरु14:26–15:30
- मंगल15:30–16:35
- सूर्य16:35–17:39
- शुक्र17:39–18:44
- बुध18:44–19:39
- चन्द्र19:39–20:35
- शनि20:35–21:30
- गुरु21:30–22:26
- मंगल22:26–23:21
- सूर्य23:21–00:17
- शुक्र00:17–01:12
- बुध01:12–02:08
- चन्द्र02:08–03:03
- शनि03:03–03:59
- गुरु03:59–04:54
- मंगल04:54–05:50
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- धनिष्ठा 3 पद07:16 तक
- धनिष्ठा 4 पद13:43 तक
- शतभिषा 1 पद20:08 तक
- शतभिषा 2 पद02:32, 5 जुल॰ तक
- शतभिषा 3 पद08:53, 5 जुल॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- आर्द्रा 4 पद
- ऋतु (दृक्)
- वर्षा
- ऋतु (वैदिक)
- ग्रीष्म
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- उत्तरायण
- दिनमान
- 12h 55m
- रात्रिमान
- 11h 6m
- मध्याह्न
- 12:17
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- पूर्व
- चंद्र वास
- पश्चिम
- अग्निवास
- पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 12:40 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
- शिववास
- कैलाश पर · 12:40 तकनंदी पर
- होमाहुति
- मंगल
पंचक रहित मुहूर्त
- शुभ मुहूर्त05:49 –06:46
- रोग पंचक06:46 –08:56
- शुभ मुहूर्त08:56 –10:59
- मृत्यु पंचक10:59 –12:40
- अग्नि पंचक12:40 –13:01
- शुभ मुहूर्त13:01 –13:43
- राज पंचक13:43 –15:09
- शुभ मुहूर्त15:09 –17:21
- चोर पंचक17:21 –19:28
- शुभ मुहूर्त19:28 –21:21
- रोग पंचक21:21 –23:02
- शुभ मुहूर्त23:02 –02:29, 5 जुल॰
- रोग पंचक02:29 –04:31, 5 जुल॰
- शुभ मुहूर्त04:31 –05:50, 5 जुल॰
उदय लग्न
- मिथुन04:35 –06:46
- कर्क06:46 –08:56
- सिंह08:56 –10:59
- कन्या10:59 –13:01
- तुला13:01 –15:09
- वृश्चिक15:09 –17:21
- धनु17:21 –19:28
- मकर19:28 –21:21
- कुम्भ21:21 –23:02
- मीन23:02 –00:41, 5 जुल॰
- मेष00:41 –02:29, 5 जुल॰
- वृषभ02:29 –04:31, 5 जुल॰
- मिथुन04:31 –06:42, 5 जुल॰
पंचांग · तिरुपति, 4 जुलाई 2026
शनिवार, 4 जुलाई 2026 को तिरुपति में सूर्योदय 05:49 और सूर्यास्त 18:44 पर है। तिथि कृष्ण चतुर्थी 12:40 तक, फिर कृष्ण पंचमी; नक्षत्र धनिष्ठा 13:43 तक, फिर शतभिषा; योग प्रीति 17:01 तक, फिर आयुष्मान्; करण बालव 12:40 तक, फिर कौलव। चंद्रमा कुम्भ राशि में, सूर्य मिथुन राशि में। राहुकाल 09:03–10:40, अभिजित मुहूर्त 11:51–12:43। मास आषाढ़ (पूर्णिमांत) / ज्येष्ठ (अमांत), विक्रम संवत 2083, शक संवत 1948।
इस दिन के बारे में प्रश्न
तिरुपति में 4 जुलाई 2026 को कौन सी तिथि है?
कृष्ण चतुर्थी 12:40 तक, फिर कृष्ण पंचमी (सूर्योदय 05:49, तिरुपति)।
4 जुलाई 2026 को कौन सा नक्षत्र है?
धनिष्ठा 13:43 तक, फिर शतभिषा। चंद्रमा कुम्भ राशि में 6 जुलाई 09:57 तक।
तिरुपति में 4 जुलाई 2026 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 09:03–10:40, यमगण्ड 13:54–15:30, गुलिक काल 05:49–07:26।
तिरुपति में 4 जुलाई 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 05:49, सूर्यास्त 18:44, चंद्रोदय 21:58 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
4 जुलाई 2026 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:51–12:43, ब्रह्म मुहूर्त 04:21–05:05। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
तिरुपति हिन्दू कैलेंडर जुलाई 2026आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2026मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2273° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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