पंचांग · शुक्रवार, 16 नवंबर 2040नई दिल्ली

कार्तिक · शुक्ल त्रयोदशी · विक्रम संवत 2097शुक्र प्रदोष

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
06:45सूर्योदय17:27सूर्यास्त
तिथि
शुक्ल त्रयोदशी
शुक्ल · 00:49, 17 नव॰ तक
नक्षत्र
रेवती
12:55 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
06:4517:27
शुक्रवार · शुक्र
राहु काल
10:46 –12:06
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
06:45दिन17:27
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
अमृत काल
विजय मुहूर्त
अभिजित मुहूर्त
गंड मूल
यमगंड
गुलिक काल
राहु काल
दुर्मुहूर्त
दुर्मुहूर्त
गंड मूल
09:0011:0013:0015:0017:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
17:27रात06:46
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
अमृत काल
सायाह्न संध्या
गंड मूल
18:0020:0022:0000:0002:0004:0006:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

लोड हो रहा है… · हर मिनट अपडेट

पाँच अंग

तिथि
  1. शुक्ल त्रयोदशी
    00:49, 17 नव॰ तक
  2. शुक्ल चतुर्दशी
    00:28, 18 नव॰ तक
नक्षत्र
  1. रेवतीस्वामी बुध
    12:55 तक
  2. अश्विनीस्वामी केतु
    12:59, 17 नव॰ तक
योग
  1. सिद्धि
    18:16 तक
  2. व्यतीपात
    16:43, 17 नव॰ तक
करण
  1. कौलव
    13:09 तक
  2. तैतिल
    00:49, 17 नव॰ तक
  3. गर
    12:35, 17 नव॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
06:45
बिंब मध्य 06:48
सूर्यास्त
17:27
बिंब मध्य 17:22
चंद्रोदय
16:00
चंद्रास्त
04:05
दिनमान
10h 42m
वार
शुक्रवार · शुक्र
चंद्र राशि
मीन
12:55 तक
सूर्य राशि
तुला

चांद्र पंचांग

अमांत मास
कार्तिक
पूर्णिमांत मास
कार्तिक
पक्ष
शुक्ल
ऋतु
शरद
विक्रम संवत
2097
शक संवत
1962

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:58 –05:52
  • प्रातः संध्या05:25 –06:45
  • अभिजित मुहूर्त11:44 –12:27
  • विजय मुहूर्त13:53 –14:36
  • गोधूलि मुहूर्त17:27 –17:54
  • सायाह्न संध्या17:27 –18:47
  • निशीथ मुहूर्त23:40 –00:33, 17 नव॰
  • अमृत काल10:33 –12:08
  • अमृत काल05:46 –07:22, 17 नव॰
इन समयों से बचें
  • राहु काल10:46 –12:06
  • यमगंड14:46 –16:07
  • गुलिक काल08:05 –09:25
  • दुर्मुहूर्त08:53 –09:36
  • दुर्मुहूर्त12:27 –13:10
  • गंड मूल06:45 –12:55
  • गंड मूल12:55 –06:46, 17 नव॰

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • चर06:45 – 08:05
  • लाभ08:05 – 09:25
  • अमृत09:25 – 10:46
  • काल10:46 – 12:06
  • शुभ12:06 – 13:26
  • रोग13:26 – 14:46
  • उद्वेग14:46 – 16:07
  • चर16:07 – 17:27
रात
  • रोग17:27 – 19:07
  • काल19:07 – 20:47
  • लाभ20:47 – 22:26
  • उद्वेग22:26 – 00:06
  • शुभ00:06 – 01:46
  • अमृत01:46 – 03:26
  • चर03:26 – 05:06
  • रोग05:06 – 06:46

होरा

दिन
  • शुक्र06:45–07:38
  • बुध07:38–08:32
  • चन्द्र08:32–09:25
  • शनि09:25–10:19
  • गुरु10:19–11:12
  • मंगल11:12–12:06
  • सूर्य12:06–12:59
  • शुक्र12:59–13:53
  • बुध13:53–14:46
  • चन्द्र14:46–15:40
  • शनि15:40–16:33
  • गुरु16:33–17:27
रात
  • मंगल17:27–18:34
  • सूर्य18:34–19:40
  • शुक्र19:40–20:47
  • बुध20:47–21:53
  • चन्द्र21:53–23:00
  • शनि23:00–00:06
  • गुरु00:06–01:13
  • मंगल01:13–02:19
  • सूर्य02:19–03:26
  • शुक्र03:26–04:32
  • बुध04:32–05:39
  • चन्द्र05:39–06:46

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • रेवती 3 पद06:58 तक
  • रेवती 4 पद12:55 तक
  • अश्विनी 1 पद18:54 तक
  • अश्विनी 2 पद00:54, 17 नव॰ तक
  • अश्विनी 3 पद06:56, 17 नव॰ तक
सूर्य नक्षत्र
विशाखा 3 पद
ऋतु (दृक्)
हेमंत
ऋतु (वैदिक)
शरद
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
10h 42m
रात्रिमान
13h 19m
मध्याह्न
12:06

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
मीन · 12:55 तक
वृषभमिथुनकन्यातुलामकरमीन
सिंह राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
मेष · अगले सूर्योदय तक
मेषमिथुनकर्कतुलावृश्चिककुम्भ
कन्या राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
रेवती · 12:55 तक
अश्विनीभरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यमघापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलपूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद
अश्विनी · अगले सूर्योदय तक
भरणीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
पश्चिमइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
आग्नेय (दक्षिण-पूर्व)
चंद्र वास
उत्तर · 12:55 तकपूर्व
अग्निवास
पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 00:49, 17 नव॰ तकआकाश
शिववास
नंदी पर · 00:49, 17 नव॰ तकभोजन में
होमाहुति
शनि

पंचक रहित मुहूर्त

  • रोग पंचक06:45 –06:49
  • शुभ मुहूर्त06:49 –09:07
  • मृत्यु पंचक09:07 –11:11
  • अग्नि पंचक11:11 –12:53
  • शुभ मुहूर्त12:53 –12:55
  • राज पंचक12:55 –14:21
  • शुभ मुहूर्त14:21 –17:21
  • राज पंचक17:21 –19:17
  • शुभ मुहूर्त19:17 –21:32
  • चोर पंचक21:32 –23:52
  • शुभ मुहूर्त23:52 –00:49, 17 नव॰
  • रोग पंचक00:49 –02:09, 17 नव॰
  • शुभ मुहूर्त02:09 –04:26, 17 नव॰
  • मृत्यु पंचक04:26 –06:45, 17 नव॰
  • अग्नि पंचक06:45 –06:46, 17 नव॰

उदय लग्न

  • तुला04:29 –06:49
  • वृश्चिक06:49 –09:07
  • धनु09:07 –11:11
  • मकर11:11 –12:53
  • कुम्भ12:53 –14:21
  • मीन14:21 –15:46
  • मेष15:46 –17:21
  • वृषभ17:21 –19:17
  • मिथुन19:17 –21:32
  • कर्क21:32 –23:52
  • सिंह23:52 –02:09, 17 नव॰
  • कन्या02:09 –04:26, 17 नव॰
  • तुला04:26 –06:45, 17 नव॰
  • वृश्चिक06:45 –09:04, 17 नव॰

पंचांग · नई दिल्ली, 16 नवंबर 2040

शुक्रवार, 16 नवंबर 2040 को नई दिल्ली में सूर्योदय 06:45 और सूर्यास्त 17:27 पर है। तिथि शुक्ल त्रयोदशी 17 नवंबर 00:49 तक, फिर शुक्ल चतुर्दशी; नक्षत्र रेवती 12:55 तक, फिर अश्विनी; योग सिद्धि 18:16 तक, फिर व्यतीपात; करण कौलव 13:09 तक, फिर तैतिल। चंद्रमा मीन राशि में, सूर्य तुला राशि में। राहुकाल 10:46–12:06, अभिजित मुहूर्त 11:44–12:27। मास कार्तिक (पूर्णिमांत) / कार्तिक (अमांत), विक्रम संवत 2097, शक संवत 1962।

इस दिन के बारे में प्रश्न

नई दिल्ली में 16 नवंबर 2040 को कौन सी तिथि है?

शुक्ल त्रयोदशी 17 नवंबर 00:49 तक, फिर शुक्ल चतुर्दशी (सूर्योदय 06:45, नई दिल्ली)।

16 नवंबर 2040 को कौन सा नक्षत्र है?

रेवती 12:55 तक, फिर अश्विनी। चंद्रमा मीन राशि में 12:55 तक।

नई दिल्ली में 16 नवंबर 2040 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 10:46–12:06, यमगण्ड 14:46–16:07, गुलिक काल 08:05–09:25।

नई दिल्ली में 16 नवंबर 2040 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 06:45, सूर्यास्त 17:27, चंद्रोदय 16:00 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

16 नवंबर 2040 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:44–12:27, ब्रह्म मुहूर्त 04:58–05:52। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

16 नवंबर 2040 को कौन सा व्रत या त्योहार है?

शुक्र प्रदोष।

नई दिल्ली हिन्दू कैलेंडर नवंबर 2040आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2040मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.4281° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

आपका डिफ़ॉल्ट स्थान आपके IP पते से अनुमानित है: IP Geolocation by DB-IP