एकादशी 2040
एकादशी हर पक्ष की ग्यारहवीं तिथि है — भगवान विष्णु का व्रत, महीने में दो बार, वर्ष में लगभग 24 (अधिक मास वाले वर्ष में 26)। तिथियाँ स्मार्त नियम से हैं: सूर्योदय पर एकादशी वाले दिन व्रत, और अगले दिन द्वादशी रहते पारण।
एकादशी की कथा और विधि पढ़ें- 10जन॰सफला एकादशीमंगलवार
- 24जन॰पौष पुत्रदा एकादशीमंगलवार
- 8फ़र॰षट्तिला एकादशीबुधवार
- 23फ़र॰जया एकादशीगुरुवार
- 9मार्चविजया एकादशीशुक्रवार
- 24मार्चआमलकी एकादशीशनिवार
- 7अप्रैलपापमोचनी एकादशीशनिवार
- 23अप्रैलकामदा एकादशीसोमवार
- 7मईवरुथिनी एकादशीसोमवार
- 22मईमोहिनी एकादशीमंगलवार
- 5जूनअपरा एकादशीमंगलवार
- 21जूननिर्जला एकादशीगुरुवार
- 5जुल॰योगिनी एकादशीगुरुवार
- 20जुल॰देवशयनी एकादशीशुक्रवार
- 3अग॰कामिका एकादशीशुक्रवार
- 18अग॰श्रावण पुत्रदा एकादशीशनिवार
- 2सित॰अजा एकादशीरविवार
- 17सित॰परिवर्तिनी एकादशीसोमवार
- 2अक्टू॰इंदिरा एकादशीमंगलवार
- 16अक्टू॰पापांकुशा एकादशीमंगलवार
- 31अक्टू॰रमा एकादशीबुधवार
- 14नव॰प्रबोधिनी (देवउठनी) एकादशीबुधवार
- 30नव॰उत्पन्ना एकादशीशुक्रवार
- 14दिस॰मोक्षदा एकादशीशुक्रवार
- 30दिस॰सफला एकादशीरविवार
प्रश्न-उत्तर
2040 में कितनी एकादशी हैं?
25 — पहली सफला एकादशी (मंगलवार, 10 जनवरी 2040), अंतिम सफला एकादशी (30 दिसंबर 2040)।
एकादशी की तारीख अलग-अलग शहरों में अलग क्यों हो सकती है?
हिन्दू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, और सूर्योदय के समय की तिथि (या व्रत के अनुसार चन्द्रोदय, प्रदोष काल अथवा संक्रांति के क्षण की स्थिति) से दिन तय होता है। सूर्योदय हर स्थान पर अलग समय होता है, इसलिए दिल्ली से दूर का शहर व्रत एक दिन आगे-पीछे रख सकता है; अपने शहर की तारीखें मासिक कैलेंडर में देखें।