पंचांग · गुरुवार, 12 अप्रैल 2040नई दिल्ली

चैत्र · शुक्ल प्रतिपदा · विक्रम संवत 2097चैत्र नवरात्रि (घटस्थापना)गुड़ी पड़वा · उगादि · हिन्दू नव वर्ष

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
05:59सूर्योदय18:46सूर्यास्त
तिथि
शुक्ल प्रतिपदा
शुक्ल · 19:24 तक
नक्षत्र
अश्विनी
00:02, 13 अप्रैल तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
05:5918:46
गुरुवार · गुरु
राहु काल
13:58 –15:34
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
05:59दिन18:46
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
अमृत काल
यमगंड
गुलिक काल
राहु काल
गंड मूल
दुर्मुहूर्त
दुर्मुहूर्त
08:0010:0012:0014:0016:0018:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
18:46रात05:58
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
गंड मूल
वर्ज्य
21:0023:0001:0003:0005:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

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पाँच अंग

तिथि
  1. शुक्ल प्रतिपदा
    19:24 तक
  2. शुक्ल द्वितीया
    19:54, 13 अप्रैल तक
नक्षत्र
  1. अश्विनीस्वामी केतु
    00:02, 13 अप्रैल तक
  2. भरणीस्वामी शुक्र
    01:18, 14 अप्रैल तक
योग
  1. विष्कुम्भ
    01:43, 13 अप्रैल तक
  2. प्रीति
    01:10, 14 अप्रैल तक
करण
  1. किंस्तुघ्न
    07:22 तक
  2. बव
    19:24 तक
  3. बालव
    07:34, 13 अप्रैल तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
05:59
बिंब मध्य 06:02
सूर्यास्त
18:46
बिंब मध्य 18:41
चंद्रोदय
06:29
चंद्रास्त
19:35
दिनमान
12h 47m
वार
गुरुवार · गुरु
चंद्र राशि
मेष
07:42, 14 अप्रैल तक
सूर्य राशि
मीन

चांद्र पंचांग

अमांत मास
चैत्र
पूर्णिमांत मास
चैत्र
पक्ष
शुक्ल
ऋतु
वसंत
विक्रम संवत
2097
शक संवत
1962

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:29 –05:14
  • प्रातः संध्या04:51 –05:59
  • अभिजित मुहूर्त11:56 –12:48
  • विजय मुहूर्त14:30 –15:21
  • गोधूलि मुहूर्त18:46 –19:08
  • सायाह्न संध्या18:46 –19:53
  • निशीथ मुहूर्त23:59 –00:44, 13 अप्रैल
  • अमृत काल16:39 –18:17
इन समयों से बचें
  • राहु काल13:58 –15:34
  • यमगंड05:59 –07:34
  • गुलिक काल09:10 –10:46
  • दुर्मुहूर्त10:14 –11:05
  • दुर्मुहूर्त15:21 –16:12
  • वर्ज्य19:56 –21:34
  • गंड मूल05:59 –00:02, 13 अप्रैल

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • शुभ05:59 – 07:34
  • रोग07:34 – 09:10
  • उद्वेग09:10 – 10:46
  • चर10:46 – 12:22
  • लाभ12:22 – 13:58
  • अमृत13:58 – 15:34
  • काल15:34 – 17:10
  • शुभ17:10 – 18:46
रात
  • अमृत18:46 – 20:10
  • चर20:10 – 21:34
  • रोग21:34 – 22:58
  • काल22:58 – 00:22
  • लाभ00:22 – 01:46
  • उद्वेग01:46 – 03:10
  • शुभ03:10 – 04:34
  • अमृत04:34 – 05:58

होरा

दिन
  • गुरु05:59–07:02
  • मंगल07:02–08:06
  • सूर्य08:06–09:10
  • शुक्र09:10–10:14
  • बुध10:14–11:18
  • चन्द्र11:18–12:22
  • शनि12:22–13:26
  • गुरु13:26–14:30
  • मंगल14:30–15:34
  • सूर्य15:34–16:38
  • शुक्र16:38–17:42
  • बुध17:42–18:46
रात
  • चन्द्र18:46–19:42
  • शनि19:42–20:38
  • गुरु20:38–21:34
  • मंगल21:34–22:30
  • सूर्य22:30–23:26
  • शुक्र23:26–00:22
  • बुध00:22–01:18
  • चन्द्र01:18–02:14
  • शनि02:14–03:10
  • गुरु03:10–04:06
  • मंगल04:06–05:02
  • सूर्य05:02–05:58

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • अश्विनी 2 पद11:38 तक
  • अश्विनी 3 पद17:49 तक
  • अश्विनी 4 पद00:02, 13 अप्रैल तक
  • भरणी 1 पद06:18, 13 अप्रैल तक
सूर्य नक्षत्र
रेवती 4 पद
ऋतु (दृक्)
वसंत
ऋतु (वैदिक)
वसंत
अयन (दृक्)
उत्तरायण
अयन (वैदिक)
उत्तरायण
दिनमान
12h 47m
रात्रिमान
11h 12m
मध्याह्न
12:22

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
मेष · अगले सूर्योदय तक
मेषमिथुनकर्कतुलावृश्चिककुम्भ
कन्या राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
अश्विनी · 00:02, 13 अप्रैल तक
भरणीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती
भरणी · अगले सूर्योदय तक
अश्विनीकृत्तिकारोहिणीआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद

निवास और शूल

दिशा शूल
दक्षिणइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
दक्षिण
चंद्र वास
पूर्व
अग्निवास
पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 19:24 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
श्मशान में · 19:24 तकगौरी के साथ
होमाहुति
सूर्य

पंचक रहित मुहूर्त

  • मृत्यु पंचक05:59 –06:07
  • रोग पंचक06:07 –07:42
  • शुभ मुहूर्त07:42 –09:38
  • मृत्यु पंचक09:38 –11:53
  • अग्नि पंचक11:53 –14:13
  • शुभ मुहूर्त14:13 –16:30
  • राज पंचक16:30 –18:47
  • शुभ मुहूर्त18:47 –19:24
  • चोर पंचक19:24 –21:06
  • शुभ मुहूर्त21:06 –23:25
  • रोग पंचक23:25 –00:02, 13 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त00:02 –01:28, 13 अप्रैल
  • मृत्यु पंचक01:28 –03:11, 13 अप्रैल
  • अग्नि पंचक03:11 –04:38, 13 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त04:38 –05:58, 13 अप्रैल

उदय लग्न

  • मीन04:42 –06:07
  • मेष06:07 –07:42
  • वृषभ07:42 –09:38
  • मिथुन09:38 –11:53
  • कर्क11:53 –14:13
  • सिंह14:13 –16:30
  • कन्या16:30 –18:47
  • तुला18:47 –21:06
  • वृश्चिक21:06 –23:25
  • धनु23:25 –01:28, 13 अप्रैल
  • मकर01:28 –03:11, 13 अप्रैल
  • कुम्भ03:11 –04:38, 13 अप्रैल
  • मीन04:38 –06:03, 13 अप्रैल

पंचांग · नई दिल्ली, 12 अप्रैल 2040

गुरुवार, 12 अप्रैल 2040 को नई दिल्ली में सूर्योदय 05:59 और सूर्यास्त 18:46 पर है। तिथि शुक्ल प्रतिपदा 19:24 तक, फिर शुक्ल द्वितीया; नक्षत्र अश्विनी 13 अप्रैल 00:02 तक, फिर भरणी; योग विष्कुम्भ 13 अप्रैल 01:43 तक, फिर प्रीति; करण किंस्तुघ्न 07:22 तक, फिर बव। चंद्रमा मेष राशि में, सूर्य मीन राशि में। राहुकाल 13:58–15:34, अभिजित मुहूर्त 11:56–12:48। मास चैत्र (पूर्णिमांत) / चैत्र (अमांत), विक्रम संवत 2097, शक संवत 1962।

इस दिन के बारे में प्रश्न

नई दिल्ली में 12 अप्रैल 2040 को कौन सी तिथि है?

शुक्ल प्रतिपदा 19:24 तक, फिर शुक्ल द्वितीया (सूर्योदय 05:59, नई दिल्ली)।

12 अप्रैल 2040 को कौन सा नक्षत्र है?

अश्विनी 13 अप्रैल 00:02 तक, फिर भरणी। चंद्रमा मेष राशि में 14 अप्रैल 07:42 तक।

नई दिल्ली में 12 अप्रैल 2040 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 13:58–15:34, यमगण्ड 05:59–07:34, गुलिक काल 09:10–10:46।

नई दिल्ली में 12 अप्रैल 2040 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 05:59, सूर्यास्त 18:46, चंद्रोदय 06:29 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

12 अप्रैल 2040 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:56–12:48, ब्रह्म मुहूर्त 04:29–05:14। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

12 अप्रैल 2040 को कौन सा व्रत या त्योहार है?

चैत्र नवरात्रि (घटस्थापना), गुड़ी पड़वा · उगादि · हिन्दू नव वर्ष।

नई दिल्ली हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2040आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2040मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.4198° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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