पंचांग · बुधवार, 4 अप्रैल 2040नई दिल्ली

फाल्गुन · कृष्ण सप्तमी · विक्रम संवत 2096

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
06:07सूर्योदय18:41सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण सप्तमी
कृष्ण · 08:39 तक
नक्षत्र
मूल
06:36 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
06:0718:41
बुधवार · बुध
राहु काल
12:24 –13:58
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
06:07दिन18:41
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
वर्ज्य
यमगंड
गुलिक काल
वर्ज्य
गंड मूल
दुर्मुहूर्त
राहु काल
07:0009:0011:0013:0015:0017:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
18:41रात06:06
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
अमृत काल
21:0023:0001:0003:0005:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

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पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण सप्तमी
    08:39 तक
  2. कृष्ण अष्टमी
    06:32, 5 अप्रैल तक
नक्षत्र
  1. मूलस्वामी केतु
    06:36 तक
  2. पूर्वाषाढ़ास्वामी शुक्र
    05:13, 5 अप्रैल तक
  3. उत्तराषाढ़ास्वामी सूर्य
    03:52, 6 अप्रैल तक
योग
  1. परिघ
    21:44 तक
  2. शिव
    18:53, 5 अप्रैल तक
करण
  1. बव
    08:39 तक
  2. बालव
    19:36 तक
  3. कौलव
    06:32, 5 अप्रैल तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
06:07
बिंब मध्य 06:11
सूर्यास्त
18:41
बिंब मध्य 18:37
चंद्रोदय
00:51
चंद्रास्त
11:12
दिनमान
12h 34m
वार
बुधवार · बुध
चंद्र राशि
धनु
10:53, 5 अप्रैल तक
सूर्य राशि
मीन

चांद्र पंचांग

अमांत मास
फाल्गुन
पूर्णिमांत मास
चैत्र
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
शिशिर
विक्रम संवत
2096
शक संवत
1961

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:36 –05:22
  • प्रातः संध्या04:59 –06:07
  • अभिजित मुहूर्त11:59 –12:49
  • विजय मुहूर्त14:30 –15:20
  • गोधूलि मुहूर्त18:41 –19:04
  • सायाह्न संध्या18:41 –19:50
  • निशीथ मुहूर्त00:01 –00:47, 5 अप्रैल
  • अमृत काल00:42 –02:12, 5 अप्रैल
इन समयों से बचें
  • राहु काल12:24 –13:58
  • यमगंड07:42 –09:16
  • गुलिक काल10:50 –12:24
  • दुर्मुहूर्त11:59 –12:49
  • वर्ज्य05:06 –06:36
  • वर्ज्य15:39 –17:10
  • गंड मूल06:07 –06:36

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • लाभ06:07 – 07:42
  • अमृत07:42 – 09:16
  • काल09:16 – 10:50
  • शुभ10:50 – 12:24
  • रोग12:24 – 13:58
  • उद्वेग13:58 – 15:33
  • चर15:33 – 17:07
  • लाभ17:07 – 18:41
रात
  • उद्वेग18:41 – 20:07
  • शुभ20:07 – 21:32
  • अमृत21:32 – 22:58
  • चर22:58 – 00:24
  • रोग00:24 – 01:49
  • काल01:49 – 03:15
  • लाभ03:15 – 04:41
  • उद्वेग04:41 – 06:06

होरा

दिन
  • बुध06:07–07:10
  • चन्द्र07:10–08:13
  • शनि08:13–09:16
  • गुरु09:16–10:19
  • मंगल10:19–11:21
  • सूर्य11:21–12:24
  • शुक्र12:24–13:27
  • बुध13:27–14:30
  • चन्द्र14:30–15:33
  • शनि15:33–16:35
  • गुरु16:35–17:38
  • मंगल17:38–18:41
रात
  • सूर्य18:41–19:38
  • शुक्र19:38–20:35
  • बुध20:35–21:32
  • चन्द्र21:32–22:29
  • शनि22:29–23:27
  • गुरु23:27–00:24
  • मंगल00:24–01:21
  • सूर्य01:21–02:18
  • शुक्र02:18–03:15
  • बुध03:15–04:12
  • चन्द्र04:12–05:09
  • शनि05:09–06:06

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • मूल 4 पद06:36 तक
  • पूर्वाषाढ़ा 1 पद12:16 तक
  • पूर्वाषाढ़ा 2 पद17:55 तक
  • पूर्वाषाढ़ा 3 पद23:34 तक
  • पूर्वाषाढ़ा 4 पद05:13, 5 अप्रैल तक
  • उत्तराषाढ़ा 1 पद10:53, 5 अप्रैल तक
सूर्य नक्षत्र
रेवती 2 पद
ऋतु (दृक्)
वसंत
ऋतु (वैदिक)
शिशिर
अयन (दृक्)
उत्तरायण
अयन (वैदिक)
उत्तरायण
दिनमान
12h 34m
रात्रिमान
11h 25m
मध्याह्न
12:24

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
धनु · अगले सूर्योदय तक
मिथुनकर्कतुलाधनुकुम्भमीन
वृषभ राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
मूल · 06:36 तक
भरणीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती
पूर्वाषाढ़ा · 05:13, 5 अप्रैल तक
अश्विनीकृत्तिकारोहिणीआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद
उत्तराषाढ़ा · अगले सूर्योदय तक
भरणीरोहिणीमृगशिरापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
उत्तरइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम)
चंद्र वास
पूर्व
अग्निवास
पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 08:39 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
श्मशान में · 08:39 तकगौरी के साथ
होमाहुति
गुरु

पंचक रहित मुहूर्त

  • शुभ मुहूर्त06:07 –06:36
  • राज पंचक06:36 –06:38
  • अग्नि पंचक06:38 –08:14
  • शुभ मुहूर्त08:14 –08:39
  • राज पंचक08:39 –10:09
  • शुभ मुहूर्त10:09 –12:24
  • चोर पंचक12:24 –14:44
  • शुभ मुहूर्त14:44 –17:02
  • रोग पंचक17:02 –19:18
  • शुभ मुहूर्त19:18 –21:38
  • मृत्यु पंचक21:38 –23:56
  • अग्नि पंचक23:56 –02:00, 5 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त02:00 –03:42, 5 अप्रैल
  • राज पंचक03:42 –05:09, 5 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त05:09 –05:13, 5 अप्रैल
  • चोर पंचक05:13 –06:06, 5 अप्रैल

उदय लग्न

  • मीन05:13 –06:38
  • मेष06:38 –08:14
  • वृषभ08:14 –10:09
  • मिथुन10:09 –12:24
  • कर्क12:24 –14:44
  • सिंह14:44 –17:02
  • कन्या17:02 –19:18
  • तुला19:18 –21:38
  • वृश्चिक21:38 –23:56
  • धनु23:56 –02:00, 5 अप्रैल
  • मकर02:00 –03:42, 5 अप्रैल
  • कुम्भ03:42 –05:09, 5 अप्रैल
  • मीन05:09 –06:34, 5 अप्रैल

पंचांग · नई दिल्ली, 4 अप्रैल 2040

बुधवार, 4 अप्रैल 2040 को नई दिल्ली में सूर्योदय 06:07 और सूर्यास्त 18:41 पर है। तिथि कृष्ण सप्तमी 08:39 तक, फिर कृष्ण अष्टमी; नक्षत्र मूल 06:36 तक, फिर पूर्वाषाढ़ा; योग परिघ 21:44 तक, फिर शिव; करण बव 08:39 तक, फिर बालव। चंद्रमा धनु राशि में, सूर्य मीन राशि में। राहुकाल 12:24–13:58, अभिजित मुहूर्त 11:59–12:49। मास चैत्र (पूर्णिमांत) / फाल्गुन (अमांत), विक्रम संवत 2096, शक संवत 1961।

इस दिन के बारे में प्रश्न

नई दिल्ली में 4 अप्रैल 2040 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण सप्तमी 08:39 तक, फिर कृष्ण अष्टमी (सूर्योदय 06:07, नई दिल्ली)।

4 अप्रैल 2040 को कौन सा नक्षत्र है?

मूल 06:36 तक, फिर पूर्वाषाढ़ा। चंद्रमा धनु राशि में 5 अप्रैल 10:53 तक।

नई दिल्ली में 4 अप्रैल 2040 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 12:24–13:58, यमगण्ड 07:42–09:16, गुलिक काल 10:50–12:24।

नई दिल्ली में 4 अप्रैल 2040 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 06:07, सूर्यास्त 18:41, चंद्रोदय 00:51 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

4 अप्रैल 2040 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:59–12:49, ब्रह्म मुहूर्त 04:36–05:22। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

नई दिल्ली हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2040आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2040मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.4195° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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