पंचांग · शनिवार, 22 अप्रैल 2034नई दिल्ली

वैशाख · शुक्ल चतुर्थी · विक्रम संवत 2091

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
05:49सूर्योदय18:51सूर्यास्त
तिथि
शुक्ल चतुर्थी
शुक्ल · 10:51 तक
नक्षत्र
रोहिणी
06:45 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
05:4918:51
शनिवार · शनि
राहु काल
09:04 –10:42
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
05:49दिन18:51
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
गुलिक काल
राहु काल
वर्ज्य
यमगंड
दुर्मुहूर्त
भद्रा
दुर्मुहूर्त
08:0010:0012:0014:0016:0018:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
18:51रात05:48
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
गोधूलि मुहूर्त
अमृत काल
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
21:0023:0001:0003:0005:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

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पाँच अंग

तिथि
  1. शुक्ल चतुर्थी
    10:51 तक
  2. शुक्ल पंचमी
    08:19, 23 अप्रैल तक
नक्षत्र
  1. रोहिणीस्वामी चन्द्र
    06:45 तक
  2. मृगशिरास्वामी मंगल
    04:53, 23 अप्रैल तक
  3. आर्द्रास्वामी राहु
    03:40, 24 अप्रैल तक
योग
  1. शोभन
    15:30 तक
  2. अतिगण्ड
    12:25, 23 अप्रैल तक
करण
  1. विष्टि
    10:51 तक
  2. बव
    21:30 तक
  3. बालव
    08:19, 23 अप्रैल तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
05:49
बिंब मध्य 05:52
सूर्यास्त
18:51
बिंब मध्य 18:47
चंद्रोदय
08:53
चंद्रास्त
22:47
दिनमान
13h 2m
वार
शनिवार · शनि
चंद्र राशि
वृषभ
17:44 तक
सूर्य राशि
मेष

चांद्र पंचांग

अमांत मास
वैशाख
पूर्णिमांत मास
वैशाख
पक्ष
शुक्ल
ऋतु
वसंत
विक्रम संवत
2091
शक संवत
1956

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:21 –05:05
  • प्रातः संध्या04:43 –05:49
  • अभिजित मुहूर्त11:54 –12:46
  • विजय मुहूर्त14:30 –15:22
  • गोधूलि मुहूर्त18:51 –19:13
  • सायाह्न संध्या18:51 –19:57
  • निशीथ मुहूर्त23:58 –00:41, 23 अप्रैल
  • अमृत काल20:46 –22:14
इन समयों से बचें
  • राहु काल09:04 –10:42
  • यमगंड13:58 –15:35
  • गुलिक काल05:49 –07:27
  • दुर्मुहूर्त05:49 –06:41
  • दुर्मुहूर्त06:41 –07:33
  • वर्ज्य11:55 –13:23
  • भद्रा05:49 –10:51

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • काल05:49 – 07:27
  • शुभ07:27 – 09:04
  • रोग09:04 – 10:42
  • उद्वेग10:42 – 12:20
  • चर12:20 – 13:58
  • लाभ13:58 – 15:35
  • अमृत15:35 – 17:13
  • काल17:13 – 18:51
रात
  • लाभ18:51 – 20:13
  • उद्वेग20:13 – 21:35
  • शुभ21:35 – 22:57
  • अमृत22:57 – 00:19
  • चर00:19 – 01:42
  • रोग01:42 – 03:04
  • काल03:04 – 04:26
  • लाभ04:26 – 05:48

होरा

दिन
  • शनि05:49–06:54
  • गुरु06:54–07:59
  • मंगल07:59–09:04
  • सूर्य09:04–10:10
  • शुक्र10:10–11:15
  • बुध11:15–12:20
  • चन्द्र12:20–13:25
  • शनि13:25–14:30
  • गुरु14:30–15:35
  • मंगल15:35–16:41
  • सूर्य16:41–17:46
  • शुक्र17:46–18:51
रात
  • बुध18:51–19:46
  • चन्द्र19:46–20:40
  • शनि20:40–21:35
  • गुरु21:35–22:30
  • मंगल22:30–23:25
  • सूर्य23:25–00:19
  • शुक्र00:19–01:14
  • बुध01:14–02:09
  • चन्द्र02:09–03:04
  • शनि03:04–03:58
  • गुरु03:58–04:53
  • मंगल04:53–05:48

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • रोहिणी 4 पद06:45 तक
  • मृगशिरा 1 पद12:13 तक
  • मृगशिरा 2 पद17:44 तक
  • मृगशिरा 3 पद23:17 तक
  • मृगशिरा 4 पद04:53, 23 अप्रैल तक
  • आर्द्रा 1 पद10:31, 23 अप्रैल तक
सूर्य नक्षत्र
अश्विनी 3 पद
ऋतु (दृक्)
ग्रीष्म
ऋतु (वैदिक)
वसंत
अयन (दृक्)
उत्तरायण
अयन (वैदिक)
उत्तरायण
दिनमान
13h 2m
रात्रिमान
10h 57m
मध्याह्न
12:20

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
वृषभ · 17:44 तक
वृषभकर्कसिंहवृश्चिकधनुमीन
तुला राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
मिथुन · अगले सूर्योदय तक
मेषमिथुनसिंहकन्याधनुमकर
वृश्चिक राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
रोहिणी · 06:45 तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिराआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीचित्रास्वातीअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठाशतभिषाउत्तरभाद्रपद
मृगशिरा · 04:53, 23 अप्रैल तक
भरणीरोहिणीआर्द्रापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषापूर्वभाद्रपदरेवती
आर्द्रा · अगले सूर्योदय तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुपुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदउत्तरभाद्रपद

निवास और शूल

दिशा शूल
पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
पूर्व
चंद्र वास
दक्षिण · 17:44 तकपश्चिम
अग्निवास
पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 10:51 तकआकाश
शिववास
क्रीड़ा में · 10:51 तककैलाश पर
होमाहुति
बुध

पंचक रहित मुहूर्त

  • शुभ मुहूर्त05:49 –06:45
  • रोग पंचक06:45 –07:05
  • शुभ मुहूर्त07:05 –09:01
  • मृत्यु पंचक09:01 –10:51
  • अग्नि पंचक10:51 –11:15
  • शुभ मुहूर्त11:15 –13:35
  • राज पंचक13:35 –15:53
  • शुभ मुहूर्त15:53 –18:09
  • चोर पंचक18:09 –20:29
  • शुभ मुहूर्त20:29 –22:47
  • रोग पंचक22:47 –00:51, 23 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त00:51 –02:33, 23 अप्रैल
  • मृत्यु पंचक02:33 –04:01, 23 अप्रैल
  • अग्नि पंचक04:01 –04:53, 23 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त04:53 –05:26, 23 अप्रैल
  • मृत्यु पंचक05:26 –05:48, 23 अप्रैल

उदय लग्न

  • मेष05:30 –07:05
  • वृषभ07:05 –09:01
  • मिथुन09:01 –11:15
  • कर्क11:15 –13:35
  • सिंह13:35 –15:53
  • कन्या15:53 –18:09
  • तुला18:09 –20:29
  • वृश्चिक20:29 –22:47
  • धनु22:47 –00:51, 23 अप्रैल
  • मकर00:51 –02:33, 23 अप्रैल
  • कुम्भ02:33 –04:01, 23 अप्रैल
  • मीन04:01 –05:26, 23 अप्रैल
  • मेष05:26 –07:01, 23 अप्रैल

पंचांग · नई दिल्ली, 22 अप्रैल 2034

शनिवार, 22 अप्रैल 2034 को नई दिल्ली में सूर्योदय 05:49 और सूर्यास्त 18:51 पर है। तिथि शुक्ल चतुर्थी 10:51 तक, फिर शुक्ल पंचमी; नक्षत्र रोहिणी 06:45 तक, फिर मृगशिरा; योग शोभन 15:30 तक, फिर अतिगण्ड; करण विष्टि 10:51 तक, फिर बव। चंद्रमा वृषभ राशि में, सूर्य मेष राशि में। राहुकाल 09:04–10:42, अभिजित मुहूर्त 11:54–12:46। मास वैशाख (पूर्णिमांत) / वैशाख (अमांत), विक्रम संवत 2091, शक संवत 1956।

इस दिन के बारे में प्रश्न

नई दिल्ली में 22 अप्रैल 2034 को कौन सी तिथि है?

शुक्ल चतुर्थी 10:51 तक, फिर शुक्ल पंचमी (सूर्योदय 05:49, नई दिल्ली)।

22 अप्रैल 2034 को कौन सा नक्षत्र है?

रोहिणी 06:45 तक, फिर मृगशिरा। चंद्रमा वृषभ राशि में 17:44 तक।

नई दिल्ली में 22 अप्रैल 2034 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 09:04–10:42, यमगण्ड 13:58–15:35, गुलिक काल 05:49–07:27।

नई दिल्ली में 22 अप्रैल 2034 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 05:49, सूर्यास्त 18:51, चंद्रोदय 08:53 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

22 अप्रैल 2034 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:54–12:46, ब्रह्म मुहूर्त 04:21–05:05। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

नई दिल्ली हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2034आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2034मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.3363° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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