पंचांग · शुक्रवार, 21 अप्रैल 2034नई दिल्ली

वैशाख · शुक्ल तृतीया · विक्रम संवत 2091अक्षय तृतीया

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
05:50सूर्योदय18:50सूर्यास्त
तिथि
शुक्ल तृतीया
शुक्ल · 13:56 तक
नक्षत्र
कृत्तिका
09:08 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
05:5018:50
शुक्रवार · शुक्र
राहु काल
10:43 –12:20
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
05:50दिन18:50
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
अमृत काल
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
गुलिक काल
राहु काल
दुर्मुहूर्त
यमगंड
दुर्मुहूर्त
08:0010:0012:0014:0016:0018:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
18:50रात05:49
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
अमृत काल
सायाह्न संध्या
वर्ज्य
भद्रा
21:0023:0001:0003:0005:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

लोड हो रहा है… · हर मिनट अपडेट

पाँच अंग

तिथि
  1. शुक्ल तृतीया
    13:56 तक
  2. शुक्ल चतुर्थी
    10:51, 22 अप्रैल तक
नक्षत्र
  1. कृत्तिकास्वामी सूर्य
    09:08 तक
  2. रोहिणीस्वामी चन्द्र
    06:45, 22 अप्रैल तक
योग
  1. सौभाग्य
    19:02 तक
  2. शोभन
    15:30, 22 अप्रैल तक
करण
  1. गर
    13:56 तक
  2. वणिज
    00:20, 22 अप्रैल तक
  3. विष्टि
    10:51, 22 अप्रैल तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
05:50
बिंब मध्य 05:53
सूर्यास्त
18:50
बिंब मध्य 18:46
चंद्रोदय
07:57
चंद्रास्त
21:46
दिनमान
13h 0m
वार
शुक्रवार · शुक्र
चंद्र राशि
वृषभ
17:44, 22 अप्रैल तक
सूर्य राशि
मेष

चांद्र पंचांग

अमांत मास
वैशाख
पूर्णिमांत मास
वैशाख
पक्ष
शुक्ल
ऋतु
वसंत
विक्रम संवत
2091
शक संवत
1956

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:22 –05:06
  • प्रातः संध्या04:44 –05:50
  • अभिजित मुहूर्त11:54 –12:46
  • विजय मुहूर्त14:30 –15:22
  • गोधूलि मुहूर्त18:50 –19:12
  • सायाह्न संध्या18:50 –19:56
  • निशीथ मुहूर्त23:58 –00:42, 22 अप्रैल
  • अमृत काल07:01 –08:26
  • अमृत काल03:52 –05:18, 22 अप्रैल
इन समयों से बचें
  • राहु काल10:43 –12:20
  • यमगंड15:35 –17:13
  • गुलिक काल07:27 –09:05
  • दुर्मुहूर्त08:26 –09:18
  • दुर्मुहूर्त12:46 –13:38
  • वर्ज्य23:33 –00:59, 22 अप्रैल
  • भद्रा00:20 –05:49, 22 अप्रैल

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • चर05:50 – 07:27
  • लाभ07:27 – 09:05
  • अमृत09:05 – 10:43
  • काल10:43 – 12:20
  • शुभ12:20 – 13:58
  • रोग13:58 – 15:35
  • उद्वेग15:35 – 17:13
  • चर17:13 – 18:50
रात
  • रोग18:50 – 20:13
  • काल20:13 – 21:35
  • लाभ21:35 – 22:57
  • उद्वेग22:57 – 00:20
  • शुभ00:20 – 01:42
  • अमृत01:42 – 03:04
  • चर03:04 – 04:27
  • रोग04:27 – 05:49

होरा

दिन
  • शुक्र05:50–06:55
  • बुध06:55–08:00
  • चन्द्र08:00–09:05
  • शनि09:05–10:10
  • गुरु10:10–11:15
  • मंगल11:15–12:20
  • सूर्य12:20–13:25
  • शुक्र13:25–14:30
  • बुध14:30–15:35
  • चन्द्र15:35–16:40
  • शनि16:40–17:45
  • गुरु17:45–18:50
रात
  • मंगल18:50–19:45
  • सूर्य19:45–20:40
  • शुक्र20:40–21:35
  • बुध21:35–22:30
  • चन्द्र22:30–23:25
  • शनि23:25–00:20
  • गुरु00:20–01:15
  • मंगल01:15–02:09
  • सूर्य02:09–03:04
  • शुक्र03:04–03:59
  • बुध03:59–04:54
  • चन्द्र04:54–05:49

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • कृत्तिका 4 पद09:08 तक
  • रोहिणी 1 पद14:30 तक
  • रोहिणी 2 पद19:53 तक
  • रोहिणी 3 पद01:18, 22 अप्रैल तक
  • रोहिणी 4 पद06:45, 22 अप्रैल तक
सूर्य नक्षत्र
अश्विनी 2 पद
ऋतु (दृक्)
ग्रीष्म
ऋतु (वैदिक)
वसंत
अयन (दृक्)
उत्तरायण
अयन (वैदिक)
उत्तरायण
दिनमान
13h 0m
रात्रिमान
10h 59m
मध्याह्न
12:20

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
वृषभ · अगले सूर्योदय तक
वृषभकर्कसिंहवृश्चिकधनुमीन
तुला राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
कृत्तिका · 09:08 तक
भरणीरोहिणीमृगशिरापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती
रोहिणी · अगले सूर्योदय तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिराआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीचित्रास्वातीअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठाशतभिषाउत्तरभाद्रपद

निवास और शूल

दिशा शूल
पश्चिमइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
आग्नेय (दक्षिण-पूर्व)
चंद्र वास
दक्षिण
अग्निवास
पाताल · 13:56 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
सभा में · 13:56 तकक्रीड़ा में
होमाहुति
सूर्य

पंचक रहित मुहूर्त

  • राज पंचक05:50 –07:09
  • शुभ मुहूर्त07:09 –09:04
  • चोर पंचक09:04 –09:08
  • शुभ मुहूर्त09:08 –11:19
  • रोग पंचक11:19 –13:39
  • शुभ मुहूर्त13:39 –13:56
  • मृत्यु पंचक13:56 –15:57
  • अग्नि पंचक15:57 –18:13
  • शुभ मुहूर्त18:13 –20:32
  • राज पंचक20:32 –22:51
  • शुभ मुहूर्त22:51 –00:55, 22 अप्रैल
  • चोर पंचक00:55 –02:37, 22 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त02:37 –04:05, 22 अप्रैल
  • रोग पंचक04:05 –05:30, 22 अप्रैल
  • चोर पंचक05:30 –05:49, 22 अप्रैल

उदय लग्न

  • मेष05:33 –07:09
  • वृषभ07:09 –09:04
  • मिथुन09:04 –11:19
  • कर्क11:19 –13:39
  • सिंह13:39 –15:57
  • कन्या15:57 –18:13
  • तुला18:13 –20:32
  • वृश्चिक20:32 –22:51
  • धनु22:51 –00:55, 22 अप्रैल
  • मकर00:55 –02:37, 22 अप्रैल
  • कुम्भ02:37 –04:05, 22 अप्रैल
  • मीन04:05 –05:30, 22 अप्रैल
  • मेष05:30 –07:05, 22 अप्रैल

पंचांग · नई दिल्ली, 21 अप्रैल 2034

शुक्रवार, 21 अप्रैल 2034 को नई दिल्ली में सूर्योदय 05:50 और सूर्यास्त 18:50 पर है। तिथि शुक्ल तृतीया 13:56 तक, फिर शुक्ल चतुर्थी; नक्षत्र कृत्तिका 09:08 तक, फिर रोहिणी; योग सौभाग्य 19:02 तक, फिर शोभन; करण गर 13:56 तक, फिर वणिज। चंद्रमा वृषभ राशि में, सूर्य मेष राशि में। राहुकाल 10:43–12:20, अभिजित मुहूर्त 11:54–12:46। मास वैशाख (पूर्णिमांत) / वैशाख (अमांत), विक्रम संवत 2091, शक संवत 1956।

इस दिन के बारे में प्रश्न

नई दिल्ली में 21 अप्रैल 2034 को कौन सी तिथि है?

शुक्ल तृतीया 13:56 तक, फिर शुक्ल चतुर्थी (सूर्योदय 05:50, नई दिल्ली)।

21 अप्रैल 2034 को कौन सा नक्षत्र है?

कृत्तिका 09:08 तक, फिर रोहिणी। चंद्रमा वृषभ राशि में 22 अप्रैल 17:44 तक।

नई दिल्ली में 21 अप्रैल 2034 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 10:43–12:20, यमगण्ड 15:35–17:13, गुलिक काल 07:27–09:05।

नई दिल्ली में 21 अप्रैल 2034 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 05:50, सूर्यास्त 18:50, चंद्रोदय 07:57 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

21 अप्रैल 2034 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:54–12:46, ब्रह्म मुहूर्त 04:22–05:06। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

21 अप्रैल 2034 को कौन सा व्रत या त्योहार है?

अक्षय तृतीया।

नई दिल्ली हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2034आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2034मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.3363° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

आपका डिफ़ॉल्ट स्थान आपके IP पते से अनुमानित है: IP Geolocation by DB-IP