पंचांग · मंगलवार, 4 अक्टूबर 2033नई दिल्ली

आश्विन · शुक्ल दशमी · विक्रम संवत 2090पापांकुशा एकादशी

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
06:16सूर्योदय18:04सूर्यास्त
तिथि
शुक्ल दशमी
शुक्ल · 07:55 तक
नक्षत्र
श्रवण
18:58 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
06:1618:04
मंगलवार · मंगल
राहु काल
15:07 –16:35
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
06:16दिन18:04
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
अमृत काल
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
दुर्मुहूर्त
गुलिक काल
राहु काल
यमगंड
07:0009:0011:0013:0015:0017:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
18:04रात06:16
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
भद्रा
वर्ज्य
दुर्मुहूर्त
19:0021:0023:0001:0003:0005:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

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पाँच अंग

तिथि
  1. शुक्ल दशमी
    07:55 तक
  2. शुक्ल एकादशी
    05:47, 5 अक्टू॰ तक
  3. शुक्ल द्वादशी
    03:02, 6 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
  1. श्रवणस्वामी चन्द्र
    18:58 तक
  2. धनिष्ठास्वामी मंगल
    17:15, 5 अक्टू॰ तक
योग
  1. सुकर्मा
    07:18 तक
  2. धृति
    04:27, 5 अक्टू॰ तक
  3. शूल
    01:06, 6 अक्टू॰ तक
करण
  1. गर
    07:55 तक
  2. वणिज
    18:56 तक
  3. विष्टि
    05:47, 5 अक्टू॰ तक
  4. बव
    16:29, 5 अक्टू॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
06:16
बिंब मध्य 06:19
सूर्यास्त
18:04
बिंब मध्य 17:59
चंद्रोदय
15:00
चंद्रास्त
01:33
दिनमान
11h 48m
वार
मंगलवार · मंगल
चंद्र राशि
मकर
06:11, 5 अक्टू॰ तक
सूर्य राशि
कन्या

चांद्र पंचांग

अमांत मास
आश्विन
पूर्णिमांत मास
आश्विन
पक्ष
शुक्ल
ऋतु
शरद
विक्रम संवत
2090
शक संवत
1955

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:38 –05:27
  • प्रातः संध्या05:03 –06:16
  • अभिजित मुहूर्त11:46 –12:33
  • विजय मुहूर्त14:08 –14:55
  • गोधूलि मुहूर्त18:04 –18:28
  • सायाह्न संध्या18:04 –19:17
  • निशीथ मुहूर्त23:45 –00:34, 5 अक्टू॰
  • अमृत काल09:02 –10:34
इन समयों से बचें
  • राहु काल15:07 –16:35
  • यमगंड09:13 –10:41
  • गुलिक काल12:10 –13:38
  • दुर्मुहूर्त08:37 –09:24
  • दुर्मुहूर्त22:57 –23:45
  • वर्ज्य22:41 –00:10, 5 अक्टू॰
  • भद्रा18:56 –05:47, 5 अक्टू॰

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • रोगअनिष्ट06:16 – 07:44
  • उद्वेगअशुभ07:44 – 09:13
  • चरसम09:13 – 10:41
  • लाभलाभ10:41 – 12:10
  • अमृतश्रेष्ठ12:10 – 13:38
  • कालहानि13:38 – 15:07
  • शुभशुभ15:07 – 16:35
  • रोगअनिष्ट16:35 – 18:04
रात
  • कालहानि18:04 – 19:35
  • लाभलाभ19:35 – 21:07
  • उद्वेगअशुभ21:07 – 22:38
  • शुभशुभ22:38 – 00:10
  • अमृतश्रेष्ठ00:10 – 01:42
  • चरसम01:42 – 03:13
  • रोगअनिष्ट03:13 – 04:45
  • कालहानि04:45 – 06:16

होरा

दिन
ग्रहसमय
मंगल06:16–07:15
सूर्य07:15–08:14
शुक्र08:14–09:13
बुध09:13–10:12
चन्द्र10:12–11:11
शनि11:11–12:10
गुरु12:10–13:09
मंगल13:09–14:08
सूर्य14:08–15:07
शुक्र15:07–16:06
बुध16:06–17:05
चन्द्र17:05–18:04
रात
ग्रहसमय
शनि18:04–19:05
गुरु19:05–20:06
मंगल20:06–21:07
सूर्य21:07–22:08
शुक्र22:08–23:09
बुध23:09–00:10
चन्द्र00:10–01:11
शनि01:11–02:12
गुरु02:12–03:13
मंगल03:13–04:14
सूर्य04:14–05:15
शुक्र05:15–06:16

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • श्रवण 2 पद07:35 तक
  • श्रवण 3 पद13:18 तक
  • श्रवण 4 पद18:58 तक
  • धनिष्ठा 1 पद00:36, 5 अक्टू॰ तक
  • धनिष्ठा 2 पद06:11, 5 अक्टू॰ तक
  • धनिष्ठा 3 पद11:44, 5 अक्टू॰ तक
सूर्य नक्षत्र
हस्त 3 पद
ऋतु (दृक्)
शरद
ऋतु (वैदिक)
शरद
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
11h 48m
रात्रिमान
12h 12m
मध्याह्न
12:10

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
मकर · 06:11, 5 अक्टू॰ तक
मेषकर्कसिंहवृश्चिकमकरमीन
मिथुन राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
कुम्भ · अगले सूर्योदय तक
मेषवृषभसिंहकन्याधनुकुम्भ
कर्क राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
श्रवण · 18:58 तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिराआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीचित्रास्वातीअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठाशतभिषाउत्तरभाद्रपद
धनिष्ठा · अगले सूर्योदय तक
भरणीरोहिणीआर्द्रापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
उत्तरइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
पश्चिम
चंद्र वास
दक्षिण · 06:11, 5 अक्टू॰ तकपश्चिम
अग्निवास
पाताल · 07:55 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 05:47, 5 अक्टू॰ तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
सभा में · 07:55 तकक्रीड़ा में · 05:47, 5 अक्टू॰ तककैलाश पर
होमाहुति
शनि

पंचक रहित मुहूर्त

  • शुभ मुहूर्त06:16 –07:19
  • चोर पंचक07:19 –07:55
  • शुभ मुहूर्त07:55 –09:39
  • रोग पंचक09:39 –11:57
  • शुभ मुहूर्त11:57 –14:01
  • मृत्यु पंचक14:01 –15:43
  • अग्नि पंचक15:43 –17:11
  • शुभ मुहूर्त17:11 –18:36
  • मृत्यु पंचक18:36 –18:58
  • अग्नि पंचक18:58 –20:11
  • शुभ मुहूर्त20:11 –22:07
  • राज पंचक22:07 –00:22, 5 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त00:22 –02:42, 5 अक्टू॰
  • चोर पंचक02:42 –04:59, 5 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त04:59 –05:47, 5 अक्टू॰
  • रोग पंचक05:47 –06:16, 5 अक्टू॰

उदय लग्न

  • कन्या05:03 –07:19
  • तुला07:19 –09:39
  • वृश्चिक09:39 –11:57
  • धनु11:57 –14:01
  • मकर14:01 –15:43
  • कुम्भ15:43 –17:11
  • मीन17:11 –18:36
  • मेष18:36 –20:11
  • वृषभ20:11 –22:07
  • मिथुन22:07 –00:22, 5 अक्टू॰
  • कर्क00:22 –02:42, 5 अक्टू॰
  • सिंह02:42 –04:59, 5 अक्टू॰
  • कन्या04:59 –07:15, 5 अक्टू॰

पंचांग · नई दिल्ली, 4 अक्टूबर 2033

मंगलवार, 4 अक्टूबर 2033 को नई दिल्ली में सूर्योदय 06:16 और सूर्यास्त 18:04 पर है। तिथि शुक्ल दशमी 07:55 तक, फिर शुक्ल एकादशी; नक्षत्र श्रवण 18:58 तक, फिर धनिष्ठा; योग सुकर्मा 07:18 तक, फिर धृति; करण गर 07:55 तक, फिर वणिज। चंद्रमा मकर राशि में, सूर्य कन्या राशि में। राहुकाल 15:07–16:35, अभिजित मुहूर्त 11:46–12:33। मास आश्विन (पूर्णिमांत) / आश्विन (अमांत), विक्रम संवत 2090, शक संवत 1955।

इस दिन के बारे में प्रश्न

नई दिल्ली में 4 अक्टूबर 2033 को कौन सी तिथि है?

शुक्ल दशमी 07:55 तक, फिर शुक्ल एकादशी (सूर्योदय 06:16, नई दिल्ली)।

4 अक्टूबर 2033 को कौन सा नक्षत्र है?

श्रवण 18:58 तक, फिर धनिष्ठा। चंद्रमा मकर राशि में 5 अक्टूबर 06:11 तक।

नई दिल्ली में 4 अक्टूबर 2033 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 15:07–16:35, यमगण्ड 09:13–10:41, गुलिक काल 12:10–13:38।

नई दिल्ली में 4 अक्टूबर 2033 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 06:16, सूर्यास्त 18:04, चंद्रोदय 15:00 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

4 अक्टूबर 2033 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:46–12:33, ब्रह्म मुहूर्त 04:38–05:27। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

4 अक्टूबर 2033 को कौन सा व्रत या त्योहार है?

पापांकुशा एकादशी।

नई दिल्ली हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2033आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2033मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.3287° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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