पंचांग · रविवार, 20 अक्टूबर 2024जयपुर

आश्विन · कृष्ण तृतीया · विक्रम संवत 2081करवा चौथसंकष्टी चतुर्थी

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
06:29सूर्योदय17:54सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण तृतीया
कृष्ण · 06:46 तक
नक्षत्र
कृत्तिका
08:31 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
06:2917:54
रविवार · सूर्य
राहु काल
16:28 –17:54
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
06:29दिन17:54
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
अमृत काल
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
भद्रा
यमगंड
गुलिक काल
दुर्मुहूर्त
राहु काल
07:0009:0011:0013:0015:0017:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
17:54रात06:30
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
अमृत काल
सायाह्न संध्या
वर्ज्य
20:0022:0000:0002:0004:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

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पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण तृतीया
    06:46 तक
  2. कृष्ण चतुर्थी
    04:17, 21 अक्टू॰ तक
  3. कृष्ण पंचमी
    02:29, 22 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
  1. कृत्तिकास्वामी सूर्य
    08:31 तक
  2. रोहिणीस्वामी चन्द्र
    06:50, 21 अक्टू॰ तक
योग
  1. व्यतीपात
    14:11 तक
  2. वरीयान्
    11:11, 21 अक्टू॰ तक
करण
  1. विष्टि
    06:46 तक
  2. बव
    17:27 तक
  3. बालव
    04:17, 21 अक्टू॰ तक
  4. कौलव
    15:18, 21 अक्टू॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
06:29
बिंब मध्य 06:33
सूर्यास्त
17:54
बिंब मध्य 17:49
चंद्रोदय
20:05
चंद्रास्त
09:33
दिनमान
11h 25m
वार
रविवार · सूर्य
चंद्र राशि
वृषभ
18:15, 21 अक्टू॰ तक
सूर्य राशि
तुला

चांद्र पंचांग

अमांत मास
आश्विन
पूर्णिमांत मास
कार्तिक
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
शरद
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:49 –05:39
  • प्रातः संध्या05:14 –06:29
  • अभिजित मुहूर्त11:49 –12:34
  • विजय मुहूर्त14:05 –14:51
  • गोधूलि मुहूर्त17:54 –18:19
  • सायाह्न संध्या17:54 –19:09
  • निशीथ मुहूर्त23:46 –00:37, 21 अक्टू॰
  • अमृत काल06:21 –07:48
  • अमृत काल03:52 –05:21, 21 अक्टू॰
इन समयों से बचें
  • राहु काल16:28 –17:54
  • यमगंड12:11 –13:37
  • गुलिक काल15:02 –16:28
  • दुर्मुहूर्त16:22 –17:08
  • वर्ज्य23:24 –00:53, 21 अक्टू॰
  • भद्रा06:29 –06:46

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • उद्वेग06:29 – 07:55
  • चर07:55 – 09:20
  • लाभ09:20 – 10:46
  • अमृत10:46 – 12:11
  • काल12:11 – 13:37
  • शुभ13:37 – 15:02
  • रोग15:02 – 16:28
  • उद्वेग16:28 – 17:54
रात
  • शुभ17:54 – 19:28
  • अमृत19:28 – 21:03
  • चर21:03 – 22:37
  • रोग22:37 – 00:12
  • काल00:12 – 01:46
  • लाभ01:46 – 03:21
  • उद्वेग03:21 – 04:55
  • शुभ04:55 – 06:30

होरा

दिन
  • सूर्य06:29–07:26
  • शुक्र07:26–08:23
  • बुध08:23–09:20
  • चन्द्र09:20–10:17
  • शनि10:17–11:14
  • गुरु11:14–12:11
  • मंगल12:11–13:08
  • सूर्य13:08–14:05
  • शुक्र14:05–15:02
  • बुध15:02–15:59
  • चन्द्र15:59–16:57
  • शनि16:57–17:54
रात
  • गुरु17:54–18:57
  • मंगल18:57–20:00
  • सूर्य20:00–21:03
  • शुक्र21:03–22:06
  • बुध22:06–23:09
  • चन्द्र23:09–00:12
  • शनि00:12–01:15
  • गुरु01:15–02:18
  • मंगल02:18–03:21
  • सूर्य03:21–04:24
  • शुक्र04:24–05:27
  • बुध05:27–06:30

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • कृत्तिका 4 पद08:31 तक
  • रोहिणी 1 पद14:02 तक
  • रोहिणी 2 पद19:36 तक
  • रोहिणी 3 पद01:12, 21 अक्टू॰ तक
  • रोहिणी 4 पद06:50, 21 अक्टू॰ तक
सूर्य नक्षत्र
चित्रा 3 पद
ऋतु (दृक्)
शरद
ऋतु (वैदिक)
शरद
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
11h 25m
रात्रिमान
12h 36m
मध्याह्न
12:11

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
वृषभ · अगले सूर्योदय तक
वृषभकर्कसिंहवृश्चिकधनुमीन
तुला राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
कृत्तिका · 08:31 तक
भरणीरोहिणीमृगशिरापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती
रोहिणी · अगले सूर्योदय तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिराआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीचित्रास्वातीअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठाशतभिषाउत्तरभाद्रपद

निवास और शूल

दिशा शूल
पश्चिमइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
उत्तर
चंद्र वास
दक्षिण
अग्निवास
पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 06:46 तकआकाश · 04:17, 21 अक्टू॰ तकपाताल
शिववास
क्रीड़ा में · 06:46 तककैलाश पर · 04:17, 21 अक्टू॰ तकनंदी पर
होमाहुति
मंगल

पंचक रहित मुहूर्त

  • अग्नि पंचक06:29 –06:46
  • शुभ मुहूर्त06:46 –08:31
  • राज पंचक08:31 –08:37
  • शुभ मुहूर्त08:37 –10:55
  • चोर पंचक10:55 –12:59
  • शुभ मुहूर्त12:59 –14:43
  • रोग पंचक14:43 –16:12
  • शुभ मुहूर्त16:12 –19:16
  • रोग पंचक19:16 –21:12
  • शुभ मुहूर्त21:12 –23:26
  • मृत्यु पंचक23:26 –01:45, 21 अक्टू॰
  • अग्नि पंचक01:45 –04:01, 21 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त04:01 –04:17, 21 अक्टू॰
  • राज पंचक04:17 –06:15, 21 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त06:15 –06:30, 21 अक्टू॰

उदय लग्न

  • तुला06:19 –08:37
  • वृश्चिक08:37 –10:55
  • धनु10:55 –12:59
  • मकर12:59 –14:43
  • कुम्भ14:43 –16:12
  • मीन16:12 –17:39
  • मेष17:39 –19:16
  • वृषभ19:16 –21:12
  • मिथुन21:12 –23:26
  • कर्क23:26 –01:45, 21 अक्टू॰
  • सिंह01:45 –04:01, 21 अक्टू॰
  • कन्या04:01 –06:15, 21 अक्टू॰
  • तुला06:15 –08:33, 21 अक्टू॰

पंचांग · जयपुर, 20 अक्टूबर 2024

रविवार, 20 अक्टूबर 2024 को जयपुर में सूर्योदय 06:29 और सूर्यास्त 17:54 पर है। तिथि कृष्ण तृतीया 06:46 तक, फिर कृष्ण चतुर्थी; नक्षत्र कृत्तिका 08:31 तक, फिर रोहिणी; योग व्यतीपात 14:11 तक, फिर वरीयान्; करण विष्टि 06:46 तक, फिर बव। चंद्रमा वृषभ राशि में, सूर्य तुला राशि में। राहुकाल 16:28–17:54, अभिजित मुहूर्त 11:49–12:34। मास कार्तिक (पूर्णिमांत) / आश्विन (अमांत), विक्रम संवत 2081, शक संवत 1946।

इस दिन के बारे में प्रश्न

जयपुर में 20 अक्टूबर 2024 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण तृतीया 06:46 तक, फिर कृष्ण चतुर्थी (सूर्योदय 06:29, जयपुर)।

20 अक्टूबर 2024 को कौन सा नक्षत्र है?

कृत्तिका 08:31 तक, फिर रोहिणी। चंद्रमा वृषभ राशि में 21 अक्टूबर 18:15 तक।

जयपुर में 20 अक्टूबर 2024 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 16:28–17:54, यमगण्ड 12:11–13:37, गुलिक काल 15:02–16:28।

जयपुर में 20 अक्टूबर 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 06:29, सूर्यास्त 17:54, चंद्रोदय 20:05 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

20 अक्टूबर 2024 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:49–12:34, ब्रह्म मुहूर्त 04:49–05:39। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

20 अक्टूबर 2024 को कौन सा व्रत या त्योहार है?

करवा चौथ, संकष्टी चतुर्थी।

जयपुर हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2024आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2024मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2036° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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