पंचांग · मंगलवार, 16 नवंबर 2027भुवनेश्वर

कार्तिक · कृष्ण तृतीया · विक्रम संवत 2084

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
05:56सूर्योदय17:06सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण तृतीया
कृष्ण · 03:42, 17 नव॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी
06:00 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
05:5617:06
मंगलवार · मंगल
राहु काल
14:19 –15:43
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
05:56दिन17:06
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
दुर्मुहूर्त
वर्ज्य
राहु काल
भद्रा
यमगंड
गुलिक काल
08:0010:0012:0014:0016:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
17:06रात05:57
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
गोधूलि मुहूर्त
अमृत काल
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
भद्रा
दुर्मुहूर्त
18:0020:0022:0000:0002:0004:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

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पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण तृतीया
    03:42, 17 नव॰ तक
  2. कृष्ण चतुर्थी
    01:35, 18 नव॰ तक
नक्षत्र
  1. रोहिणीस्वामी चन्द्र
    06:00 तक
  2. मृगशिरास्वामी मंगल
    04:42, 17 नव॰ तक
  3. आर्द्रास्वामी राहु
    03:17, 18 नव॰ तक
योग
  1. शिव
    12:38 तक
  2. सिद्ध
    09:47, 17 नव॰ तक
करण
  1. वणिज
    16:43 तक
  2. विष्टि
    03:42, 17 नव॰ तक
  3. बव
    14:39, 17 नव॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
05:56
बिंब मध्य 05:59
सूर्यास्त
17:06
बिंब मध्य 17:02
चंद्रोदय
19:01
चंद्रास्त
07:58
दिनमान
11h 10m
वार
मंगलवार · मंगल
चंद्र राशि
वृषभ
17:22 तक
सूर्य राशि
तुला

चांद्र पंचांग

अमांत मास
कार्तिक
पूर्णिमांत मास
मार्गशीर्ष
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
शरद
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:14 –05:05
  • प्रातः संध्या04:39 –05:56
  • अभिजित मुहूर्त11:09 –11:54
  • विजय मुहूर्त13:23 –14:08
  • गोधूलि मुहूर्त17:06 –17:32
  • सायाह्न संध्या17:06 –18:23
  • निशीथ मुहूर्त23:06 –23:57
  • अमृत काल20:23 –21:53
इन समयों से बचें
  • राहु काल14:19 –15:43
  • यमगंड08:44 –10:07
  • गुलिक काल11:31 –12:55
  • दुर्मुहूर्त08:10 –08:55
  • दुर्मुहूर्त22:15 –23:06
  • वर्ज्य11:18 –12:49
  • भद्रा16:43 –03:42, 17 नव॰

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • रोग05:56 – 07:20
  • उद्वेग07:20 – 08:44
  • चर08:44 – 10:07
  • लाभ10:07 – 11:31
  • अमृत11:31 – 12:55
  • काल12:55 – 14:19
  • शुभ14:19 – 15:43
  • रोग15:43 – 17:06
रात
  • काल17:06 – 18:43
  • लाभ18:43 – 20:19
  • उद्वेग20:19 – 21:55
  • शुभ21:55 – 23:32
  • अमृत23:32 – 01:08
  • चर01:08 – 02:44
  • रोग02:44 – 04:20
  • काल04:20 – 05:57

होरा

दिन
  • मंगल05:56–06:52
  • सूर्य06:52–07:48
  • शुक्र07:48–08:44
  • बुध08:44–09:40
  • चन्द्र09:40–10:35
  • शनि10:35–11:31
  • गुरु11:31–12:27
  • मंगल12:27–13:23
  • सूर्य13:23–14:19
  • शुक्र14:19–15:15
  • बुध15:15–16:11
  • चन्द्र16:11–17:06
रात
  • शनि17:06–18:11
  • गुरु18:11–19:15
  • मंगल19:15–20:19
  • सूर्य20:19–21:23
  • शुक्र21:23–22:27
  • बुध22:27–23:32
  • चन्द्र23:32–00:36
  • शनि00:36–01:40
  • गुरु01:40–02:44
  • मंगल02:44–03:48
  • सूर्य03:48–04:53
  • शुक्र04:53–05:57

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • रोहिणी 4 पद06:00 तक
  • मृगशिरा 1 पद11:41 तक
  • मृगशिरा 2 पद17:22 तक
  • मृगशिरा 3 पद23:02 तक
  • मृगशिरा 4 पद04:42, 17 नव॰ तक
  • आर्द्रा 1 पद10:21, 17 नव॰ तक
सूर्य नक्षत्र
विशाखा 3 पद
ऋतु (दृक्)
हेमंत
ऋतु (वैदिक)
शरद
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
11h 10m
रात्रिमान
12h 51m
मध्याह्न
11:31

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
वृषभ · 17:22 तक
वृषभकर्कसिंहवृश्चिकधनुमीन
तुला राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
मिथुन · अगले सूर्योदय तक
मेषमिथुनसिंहकन्याधनुमकर
वृश्चिक राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
रोहिणी · 06:00 तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिराआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीचित्रास्वातीअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठाशतभिषाउत्तरभाद्रपद
मृगशिरा · 04:42, 17 नव॰ तक
भरणीरोहिणीआर्द्रापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषापूर्वभाद्रपदरेवती
आर्द्रा · अगले सूर्योदय तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुपुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदउत्तरभाद्रपद

निवास और शूल

दिशा शूल
उत्तरइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
पश्चिम
चंद्र वास
दक्षिण · 17:22 तकपश्चिम
अग्निवास
पाताल · 03:42, 17 नव॰ तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
क्रीड़ा में · 03:42, 17 नव॰ तककैलाश पर
होमाहुति
मंगल

पंचक रहित मुहूर्त

  • शुभ मुहूर्त05:56 –06:00
  • चोर पंचक06:00 –06:03
  • शुभ मुहूर्त06:03 –08:18
  • रोग पंचक08:18 –10:24
  • शुभ मुहूर्त10:24 –12:12
  • मृत्यु पंचक12:12 –13:48
  • अग्नि पंचक13:48 –15:21
  • शुभ मुहूर्त15:21 –17:03
  • मृत्यु पंचक17:03 –19:03
  • अग्नि पंचक19:03 –21:16
  • शुभ मुहूर्त21:16 –23:30
  • राज पंचक23:30 –01:39, 17 नव॰
  • शुभ मुहूर्त01:39 –03:42, 17 नव॰
  • चोर पंचक03:42 –03:47, 17 नव॰
  • शुभ मुहूर्त03:47 –04:42, 17 नव॰
  • रोग पंचक04:42 –05:57, 17 नव॰

उदय लग्न

  • तुला03:51 –06:03
  • वृश्चिक06:03 –08:18
  • धनु08:18 –10:24
  • मकर10:24 –12:12
  • कुम्भ12:12 –13:48
  • मीन13:48 –15:21
  • मेष15:21 –17:03
  • वृषभ17:03 –19:03
  • मिथुन19:03 –21:16
  • कर्क21:16 –23:30
  • सिंह23:30 –01:39, 17 नव॰
  • कन्या01:39 –03:47, 17 नव॰
  • तुला03:47 –05:59, 17 नव॰

पंचांग · भुवनेश्वर, 16 नवंबर 2027

मंगलवार, 16 नवंबर 2027 को भुवनेश्वर में सूर्योदय 05:56 और सूर्यास्त 17:06 पर है। तिथि कृष्ण तृतीया 17 नवंबर 03:42 तक, फिर कृष्ण चतुर्थी; नक्षत्र रोहिणी 06:00 तक, फिर मृगशिरा; योग शिव 12:38 तक, फिर सिद्ध; करण वणिज 16:43 तक, फिर विष्टि। चंद्रमा वृषभ राशि में, सूर्य तुला राशि में। राहुकाल 14:19–15:43, अभिजित मुहूर्त 11:09–11:54। मास मार्गशीर्ष (पूर्णिमांत) / कार्तिक (अमांत), विक्रम संवत 2084, शक संवत 1949।

इस दिन के बारे में प्रश्न

भुवनेश्वर में 16 नवंबर 2027 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण तृतीया 17 नवंबर 03:42 तक, फिर कृष्ण चतुर्थी (सूर्योदय 05:56, भुवनेश्वर)।

16 नवंबर 2027 को कौन सा नक्षत्र है?

रोहिणी 06:00 तक, फिर मृगशिरा। चंद्रमा वृषभ राशि में 17:22 तक।

भुवनेश्वर में 16 नवंबर 2027 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 14:19–15:43, यमगण्ड 08:44–10:07, गुलिक काल 11:31–12:55।

भुवनेश्वर में 16 नवंबर 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 05:56, सूर्यास्त 17:06, चंद्रोदय 19:01 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

16 नवंबर 2027 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:09–11:54, ब्रह्म मुहूर्त 04:14–05:05। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

भुवनेश्वर हिन्दू कैलेंडर नवंबर 2027आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2027मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2465° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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