पंचांग · शनिवार, 30 अक्टूबर 2027भुवनेश्वर

कार्तिक · शुक्ल प्रतिपदा · विक्रम संवत 2084गोवर्धन पूजा

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
05:47सूर्योदय17:13सूर्यास्त
तिथि
शुक्ल प्रतिपदा
शुक्ल · 17:52 तक
नक्षत्र
स्वाती
09:43 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
05:4717:13
शनिवार · शनि
राहु काल
08:39 –10:05
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
05:47दिन17:13
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
गुलिक काल
राहु काल
यमगंड
वर्ज्य
दुर्मुहूर्त
दुर्मुहूर्त
08:0010:0012:0014:0016:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
17:13रात05:48
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
अमृत काल
18:0020:0022:0000:0002:0004:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

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पाँच अंग

तिथि
  1. शुक्ल प्रतिपदा
    17:52 तक
  2. शुक्ल द्वितीया
    17:13, 31 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
  1. स्वातीस्वामी राहु
    09:43 तक
  2. विशाखास्वामी गुरु
    09:31, 31 अक्टू॰ तक
योग
  1. आयुष्मान्
    22:29 तक
  2. सौभाग्य
    20:55, 31 अक्टू॰ तक
करण
  1. किंस्तुघ्न
    06:25 तक
  2. बव
    17:52 तक
  3. बालव
    05:28, 31 अक्टू॰ तक
  4. कौलव
    17:13, 31 अक्टू॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
05:47
बिंब मध्य 05:50
सूर्यास्त
17:13
बिंब मध्य 17:09
चंद्रोदय
06:19
चंद्रास्त
17:36
दिनमान
11h 26m
वार
शनिवार · शनि
चंद्र राशि
तुला
03:30, 31 अक्टू॰ तक
सूर्य राशि
तुला

चांद्र पंचांग

अमांत मास
कार्तिक
पूर्णिमांत मास
कार्तिक
पक्ष
शुक्ल
ऋतु
शरद
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:07 –04:57
  • प्रातः संध्या04:32 –05:47
  • अभिजित मुहूर्त11:07 –11:53
  • विजय मुहूर्त13:25 –14:10
  • गोधूलि मुहूर्त17:13 –17:38
  • सायाह्न संध्या17:13 –18:29
  • निशीथ मुहूर्त23:05 –23:56
  • अमृत काल00:47 –02:22, 31 अक्टू॰
इन समयों से बचें
  • राहु काल08:39 –10:05
  • यमगंड12:56 –14:22
  • गुलिक काल05:47 –07:13
  • दुर्मुहूर्त05:47 –06:33
  • दुर्मुहूर्त06:33 –07:19
  • वर्ज्य15:16 –16:51

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • काल05:47 – 07:13
  • शुभ07:13 – 08:39
  • रोग08:39 – 10:05
  • उद्वेग10:05 – 11:30
  • चर11:30 – 12:56
  • लाभ12:56 – 14:22
  • अमृत14:22 – 15:47
  • काल15:47 – 17:13
रात
  • लाभ17:13 – 18:48
  • उद्वेग18:48 – 20:22
  • शुभ20:22 – 21:56
  • अमृत21:56 – 23:30
  • चर23:30 – 01:05
  • रोग01:05 – 02:39
  • काल02:39 – 04:13
  • लाभ04:13 – 05:48

होरा

दिन
  • शनि05:47–06:44
  • गुरु06:44–07:42
  • मंगल07:42–08:39
  • सूर्य08:39–09:36
  • शुक्र09:36–10:33
  • बुध10:33–11:30
  • चन्द्र11:30–12:27
  • शनि12:27–13:25
  • गुरु13:25–14:22
  • मंगल14:22–15:19
  • सूर्य15:19–16:16
  • शुक्र16:16–17:13
रात
  • बुध17:13–18:16
  • चन्द्र18:16–19:19
  • शनि19:19–20:22
  • गुरु20:22–21:25
  • मंगल21:25–22:28
  • सूर्य22:28–23:30
  • शुक्र23:30–00:33
  • बुध00:33–01:36
  • चन्द्र01:36–02:39
  • शनि02:39–03:42
  • गुरु03:42–04:45
  • मंगल04:45–05:48

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • स्वाती 4 पद09:43 तक
  • विशाखा 1 पद15:36 तक
  • विशाखा 2 पद21:32 तक
  • विशाखा 3 पद03:30, 31 अक्टू॰ तक
  • विशाखा 4 पद09:31, 31 अक्टू॰ तक
सूर्य नक्षत्र
स्वाती 2 पद
ऋतु (दृक्)
हेमंत
ऋतु (वैदिक)
शरद
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
11h 26m
रात्रिमान
12h 35m
मध्याह्न
11:30

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
तुला · 03:30, 31 अक्टू॰ तक
मेषवृषभसिंहतुलाधनुमकर
मीन राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
वृश्चिक · अगले सूर्योदय तक
वृषभमिथुनकन्यावृश्चिकमकरकुम्भ
मेष राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
स्वाती · 09:43 तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुपुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदउत्तरभाद्रपद
विशाखा · अगले सूर्योदय तक
भरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
पूर्व
चंद्र वास
पश्चिम · 03:30, 31 अक्टू॰ तकउत्तर
अग्निवास
आकाश · 17:52 तकपाताल
शिववास
श्मशान में · 17:52 तकगौरी के साथ
होमाहुति
सूर्य

पंचक रहित मुहूर्त

  • शुभ मुहूर्त05:47 –07:10
  • राज पंचक07:10 –09:25
  • शुभ मुहूर्त09:25 –09:43
  • चोर पंचक09:43 –11:31
  • शुभ मुहूर्त11:31 –13:19
  • रोग पंचक13:19 –14:55
  • शुभ मुहूर्त14:55 –17:52
  • रोग पंचक17:52 –18:10
  • शुभ मुहूर्त18:10 –20:10
  • मृत्यु पंचक20:10 –22:23
  • अग्नि पंचक22:23 –00:37, 31 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त00:37 –02:46, 31 अक्टू॰
  • राज पंचक02:46 –04:54, 31 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त04:54 –05:48, 31 अक्टू॰

उदय लग्न

  • तुला04:58 –07:10
  • वृश्चिक07:10 –09:25
  • धनु09:25 –11:31
  • मकर11:31 –13:19
  • कुम्भ13:19 –14:55
  • मीन14:55 –16:28
  • मेष16:28 –18:10
  • वृषभ18:10 –20:10
  • मिथुन20:10 –22:23
  • कर्क22:23 –00:37, 31 अक्टू॰
  • सिंह00:37 –02:46, 31 अक्टू॰
  • कन्या02:46 –04:54, 31 अक्टू॰
  • तुला04:54 –07:06, 31 अक्टू॰

पंचांग · भुवनेश्वर, 30 अक्टूबर 2027

शनिवार, 30 अक्टूबर 2027 को भुवनेश्वर में सूर्योदय 05:47 और सूर्यास्त 17:13 पर है। तिथि शुक्ल प्रतिपदा 17:52 तक, फिर शुक्ल द्वितीया; नक्षत्र स्वाती 09:43 तक, फिर विशाखा; योग आयुष्मान् 22:29 तक, फिर सौभाग्य; करण किंस्तुघ्न 06:25 तक, फिर बव। चंद्रमा तुला राशि में, सूर्य तुला राशि में। राहुकाल 08:39–10:05, अभिजित मुहूर्त 11:07–11:53। मास कार्तिक (पूर्णिमांत) / कार्तिक (अमांत), विक्रम संवत 2084, शक संवत 1949।

इस दिन के बारे में प्रश्न

भुवनेश्वर में 30 अक्टूबर 2027 को कौन सी तिथि है?

शुक्ल प्रतिपदा 17:52 तक, फिर शुक्ल द्वितीया (सूर्योदय 05:47, भुवनेश्वर)।

30 अक्टूबर 2027 को कौन सा नक्षत्र है?

स्वाती 09:43 तक, फिर विशाखा। चंद्रमा तुला राशि में 31 अक्टूबर 03:30 तक।

भुवनेश्वर में 30 अक्टूबर 2027 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 08:39–10:05, यमगण्ड 12:56–14:22, गुलिक काल 05:47–07:13।

भुवनेश्वर में 30 अक्टूबर 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 05:47, सूर्यास्त 17:13, चंद्रोदय 06:19 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

30 अक्टूबर 2027 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:07–11:53, ब्रह्म मुहूर्त 04:07–04:57। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

30 अक्टूबर 2027 को कौन सा व्रत या त्योहार है?

गोवर्धन पूजा।

भुवनेश्वर हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2027आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2027मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2458° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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