पंचांग · रविवार, 17 अक्टूबर 2027भुवनेश्वर

आश्विन · कृष्ण द्वितीया · विक्रम संवत 2084

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
05:42सूर्योदय17:22सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण द्वितीया
कृष्ण · 18:43 तक
नक्षत्र
भरणी
00:03, 18 अक्टू॰ तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
05:4217:22
रविवार · सूर्य
राहु काल
15:54 –17:22
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
05:42दिन17:22
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
वर्ज्य
यमगंड
गुलिक काल
दुर्मुहूर्त
राहु काल
08:0010:0012:0014:0016:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
17:22रात05:42
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
अमृत काल
18:0020:0022:0000:0002:0004:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

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पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण द्वितीया
    18:43 तक
  2. कृष्ण तृतीया
    17:52, 18 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
  1. भरणीस्वामी शुक्र
    00:03, 18 अक्टू॰ तक
  2. कृत्तिकास्वामी सूर्य
    23:47, 18 अक्टू॰ तक
योग
  1. वज्र
    13:02 तक
  2. सिद्धि
    11:17, 18 अक्टू॰ तक
करण
  1. तैतिल
    07:01 तक
  2. गर
    18:43 तक
  3. वणिज
    06:20, 18 अक्टू॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
05:42
बिंब मध्य 05:45
सूर्यास्त
17:22
बिंब मध्य 17:18
चंद्रोदय
18:24
चंद्रास्त
07:05
दिनमान
11h 40m
वार
रविवार · सूर्य
चंद्र राशि
मेष
06:01, 18 अक्टू॰ तक
सूर्य राशि
कन्या

चांद्र पंचांग

अमांत मास
आश्विन
पूर्णिमांत मास
कार्तिक
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
शरद
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:04 –04:53
  • प्रातः संध्या04:28 –05:42
  • अभिजित मुहूर्त11:09 –11:55
  • विजय मुहूर्त13:29 –14:15
  • गोधूलि मुहूर्त17:22 –17:47
  • सायाह्न संध्या17:22 –18:36
  • निशीथ मुहूर्त23:07 –23:57
  • अमृत काल19:14 –20:51
इन समयों से बचें
  • राहु काल15:54 –17:22
  • यमगंड11:32 –12:59
  • गुलिक काल14:27 –15:54
  • दुर्मुहूर्त15:49 –16:35
  • वर्ज्य09:36 –11:13

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • उद्वेग05:42 – 07:10
  • चर07:10 – 08:37
  • लाभ08:37 – 10:05
  • अमृत10:05 – 11:32
  • काल11:32 – 12:59
  • शुभ12:59 – 14:27
  • रोग14:27 – 15:54
  • उद्वेग15:54 – 17:22
रात
  • शुभ17:22 – 18:54
  • अमृत18:54 – 20:27
  • चर20:27 – 22:00
  • रोग22:00 – 23:32
  • काल23:32 – 01:05
  • लाभ01:05 – 02:37
  • उद्वेग02:37 – 04:10
  • शुभ04:10 – 05:42

होरा

दिन
  • सूर्य05:42–06:40
  • शुक्र06:40–07:39
  • बुध07:39–08:37
  • चन्द्र08:37–09:35
  • शनि09:35–10:34
  • गुरु10:34–11:32
  • मंगल11:32–12:30
  • सूर्य12:30–13:29
  • शुक्र13:29–14:27
  • बुध14:27–15:25
  • चन्द्र15:25–16:24
  • शनि16:24–17:22
रात
  • गुरु17:22–18:24
  • मंगल18:24–19:25
  • सूर्य19:25–20:27
  • शुक्र20:27–21:29
  • बुध21:29–22:30
  • चन्द्र22:30–23:32
  • शनि23:32–00:34
  • गुरु00:34–01:36
  • मंगल01:36–02:37
  • सूर्य02:37–03:39
  • शुक्र03:39–04:41
  • बुध04:41–05:42

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • भरणी 1 पद06:02 तक
  • भरणी 2 पद12:04 तक
  • भरणी 3 पद18:04 तक
  • भरणी 4 पद00:03, 18 अक्टू॰ तक
  • कृत्तिका 1 पद06:01, 18 अक्टू॰ तक
सूर्य नक्षत्र
चित्रा 2 पद
ऋतु (दृक्)
शरद
ऋतु (वैदिक)
शरद
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
11h 40m
रात्रिमान
12h 20m
मध्याह्न
11:32

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
मेष · अगले सूर्योदय तक
मेषमिथुनकर्कतुलावृश्चिककुम्भ
कन्या राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
भरणी · 00:03, 18 अक्टू॰ तक
अश्विनीकृत्तिकारोहिणीआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद
कृत्तिका · अगले सूर्योदय तक
भरणीरोहिणीमृगशिरापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
पश्चिमइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
उत्तर
चंद्र वास
पूर्व
अग्निवास
पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 18:43 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
सभा में · 18:43 तकक्रीड़ा में
होमाहुति
मंगल

पंचक रहित मुहूर्त

  • रोग पंचक05:42 –05:49
  • शुभ मुहूर्त05:49 –08:01
  • मृत्यु पंचक08:01 –10:16
  • अग्नि पंचक10:16 –12:22
  • शुभ मुहूर्त12:22 –14:10
  • राज पंचक14:10 –15:46
  • शुभ मुहूर्त15:46 –18:43
  • राज पंचक18:43 –19:01
  • शुभ मुहूर्त19:01 –21:01
  • चोर पंचक21:01 –23:14
  • शुभ मुहूर्त23:14 –00:03, 18 अक्टू॰
  • रोग पंचक00:03 –01:28, 18 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त01:28 –03:37, 18 अक्टू॰
  • मृत्यु पंचक03:37 –05:42, 18 अक्टू॰

उदय लग्न

  • कन्या03:41 –05:49
  • तुला05:49 –08:01
  • वृश्चिक08:01 –10:16
  • धनु10:16 –12:22
  • मकर12:22 –14:10
  • कुम्भ14:10 –15:46
  • मीन15:46 –17:19
  • मेष17:19 –19:01
  • वृषभ19:01 –21:01
  • मिथुन21:01 –23:14
  • कर्क23:14 –01:28, 18 अक्टू॰
  • सिंह01:28 –03:37, 18 अक्टू॰
  • कन्या03:37 –05:45, 18 अक्टू॰

पंचांग · भुवनेश्वर, 17 अक्टूबर 2027

रविवार, 17 अक्टूबर 2027 को भुवनेश्वर में सूर्योदय 05:42 और सूर्यास्त 17:22 पर है। तिथि कृष्ण द्वितीया 18:43 तक, फिर कृष्ण तृतीया; नक्षत्र भरणी 18 अक्टूबर 00:03 तक, फिर कृत्तिका; योग वज्र 13:02 तक, फिर सिद्धि; करण तैतिल 07:01 तक, फिर गर। चंद्रमा मेष राशि में, सूर्य कन्या राशि में। राहुकाल 15:54–17:22, अभिजित मुहूर्त 11:09–11:55। मास कार्तिक (पूर्णिमांत) / आश्विन (अमांत), विक्रम संवत 2084, शक संवत 1949।

इस दिन के बारे में प्रश्न

भुवनेश्वर में 17 अक्टूबर 2027 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण द्वितीया 18:43 तक, फिर कृष्ण तृतीया (सूर्योदय 05:42, भुवनेश्वर)।

17 अक्टूबर 2027 को कौन सा नक्षत्र है?

भरणी 18 अक्टूबर 00:03 तक, फिर कृत्तिका। चंद्रमा मेष राशि में 18 अक्टूबर 06:01 तक।

भुवनेश्वर में 17 अक्टूबर 2027 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 15:54–17:22, यमगण्ड 11:32–12:59, गुलिक काल 14:27–15:54।

भुवनेश्वर में 17 अक्टूबर 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 05:42, सूर्यास्त 17:22, चंद्रोदय 18:24 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

17 अक्टूबर 2027 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:09–11:55, ब्रह्म मुहूर्त 04:04–04:53। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

भुवनेश्वर हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2027आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2027मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2453° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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