पंचांग · मंगलवार, 5 अक्टूबर 2027भुवनेश्वर

आश्विन · शुक्ल षष्ठी · विक्रम संवत 2084

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
05:39सूर्योदय17:32सूर्यास्त
तिथि
शुक्ल षष्ठी
शुक्ल · 02:33, 6 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा
02:14, 6 अक्टू॰ तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
05:3917:32
मंगलवार · मंगल
राहु काल
14:33 –16:03
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
05:39दिन17:32
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
अमृत काल
गंड मूल
वर्ज्य
यमगंड
गुलिक काल
राहु काल
दुर्मुहूर्त
08:0010:0012:0014:0016:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
17:32रात05:39
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
अमृत काल
निशीथ मुहूर्त
गोधूलि मुहूर्त
सायाह्न संध्या
गंड मूल
दुर्मुहूर्त
गंड मूल
20:0022:0000:0002:0004:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

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पाँच अंग

तिथि
  1. शुक्ल षष्ठी
    02:33, 6 अक्टू॰ तक
  2. शुक्ल सप्तमी
    04:13, 7 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
  1. ज्येष्ठास्वामी बुध
    02:14, 6 अक्टू॰ तक
  2. मूलस्वामी केतु
    04:28, 7 अक्टू॰ तक
योग
  1. आयुष्मान्
    11:42 तक
  2. सौभाग्य
    11:37, 6 अक्टू॰ तक
करण
  1. कौलव
    13:59 तक
  2. तैतिल
    02:33, 6 अक्टू॰ तक
  3. गर
    15:18, 6 अक्टू॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
05:39
बिंब मध्य 05:42
सूर्यास्त
17:32
बिंब मध्य 17:28
चंद्रोदय
10:33
चंद्रास्त
21:29
दिनमान
11h 53m
वार
मंगलवार · मंगल
चंद्र राशि
वृश्चिक
02:14, 6 अक्टू॰ तक
सूर्य राशि
कन्या

चांद्र पंचांग

अमांत मास
आश्विन
पूर्णिमांत मास
आश्विन
पक्ष
शुक्ल
ऋतु
शरद
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:02 –04:50
  • प्रातः संध्या04:26 –05:39
  • अभिजित मुहूर्त11:11 –11:59
  • विजय मुहूर्त13:34 –14:22
  • गोधूलि मुहूर्त17:32 –17:56
  • सायाह्न संध्या17:32 –18:44
  • निशीथ मुहूर्त23:11 –23:59
  • अमृत काल16:53 –18:35
इन समयों से बचें
  • राहु काल14:33 –16:03
  • यमगंड08:37 –10:06
  • गुलिक काल11:35 –13:04
  • दुर्मुहूर्त08:01 –08:49
  • दुर्मुहूर्त22:23 –23:11
  • वर्ज्य06:41 –08:23
  • गंड मूल05:39 –02:14, 6 अक्टू॰
  • गंड मूल02:14 –05:39, 6 अक्टू॰

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • रोग05:39 – 07:08
  • उद्वेग07:08 – 08:37
  • चर08:37 – 10:06
  • लाभ10:06 – 11:35
  • अमृत11:35 – 13:04
  • काल13:04 – 14:33
  • शुभ14:33 – 16:03
  • रोग16:03 – 17:32
रात
  • काल17:32 – 19:03
  • लाभ19:03 – 20:33
  • उद्वेग20:33 – 22:04
  • शुभ22:04 – 23:35
  • अमृत23:35 – 01:06
  • चर01:06 – 02:37
  • रोग02:37 – 04:08
  • काल04:08 – 05:39

होरा

दिन
  • मंगल05:39–06:38
  • सूर्य06:38–07:37
  • शुक्र07:37–08:37
  • बुध08:37–09:36
  • चन्द्र09:36–10:36
  • शनि10:36–11:35
  • गुरु11:35–12:35
  • मंगल12:35–13:34
  • सूर्य13:34–14:33
  • शुक्र14:33–15:33
  • बुध15:33–16:32
  • चन्द्र16:32–17:32
रात
  • शनि17:32–18:32
  • गुरु18:32–19:33
  • मंगल19:33–20:33
  • सूर्य20:33–21:34
  • शुक्र21:34–22:35
  • बुध22:35–23:35
  • चन्द्र23:35–00:36
  • शनि00:36–01:36
  • गुरु01:36–02:37
  • मंगल02:37–03:38
  • सूर्य03:38–04:38
  • शुक्र04:38–05:39

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • ज्येष्ठा 1 पद07:02 तक
  • ज्येष्ठा 2 पद13:23 तक
  • ज्येष्ठा 3 पद19:47 तक
  • ज्येष्ठा 4 पद02:14, 6 अक्टू॰ तक
  • मूल 1 पद08:44, 6 अक्टू॰ तक
सूर्य नक्षत्र
हस्त 3 पद
ऋतु (दृक्)
शरद
ऋतु (वैदिक)
शरद
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
11h 53m
रात्रिमान
12h 7m
मध्याह्न
11:35

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
वृश्चिक · 02:14, 6 अक्टू॰ तक
वृषभमिथुनकन्यावृश्चिकमकरकुम्भ
मेष राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
धनु · अगले सूर्योदय तक
मिथुनकर्कतुलाधनुकुम्भमीन
वृषभ राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
ज्येष्ठा · 02:14, 6 अक्टू॰ तक
अश्विनीभरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यमघापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलपूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद
मूल · अगले सूर्योदय तक
भरणीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
उत्तरइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
पश्चिम
चंद्र वास
उत्तर · 02:14, 6 अक्टू॰ तकपूर्व
अग्निवास
पाताल · 02:33, 6 अक्टू॰ तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
नंदी पर · 02:33, 6 अक्टू॰ तकभोजन में
होमाहुति
बुध

पंचक रहित मुहूर्त

  • चोर पंचक05:39 –06:36
  • शुभ मुहूर्त06:36 –08:48
  • रोग पंचक08:48 –11:03
  • शुभ मुहूर्त11:03 –13:09
  • मृत्यु पंचक13:09 –14:57
  • अग्नि पंचक14:57 –16:33
  • शुभ मुहूर्त16:33 –18:06
  • मृत्यु पंचक18:06 –19:49
  • अग्नि पंचक19:49 –21:48
  • शुभ मुहूर्त21:48 –00:01, 6 अक्टू॰
  • राज पंचक00:01 –02:14, 6 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त02:14 –02:15, 6 अक्टू॰
  • चोर पंचक02:15 –02:33, 6 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त02:33 –04:24, 6 अक्टू॰
  • रोग पंचक04:24 –05:39, 6 अक्टू॰

उदय लग्न

  • कन्या04:28 –06:36
  • तुला06:36 –08:48
  • वृश्चिक08:48 –11:03
  • धनु11:03 –13:09
  • मकर13:09 –14:57
  • कुम्भ14:57 –16:33
  • मीन16:33 –18:06
  • मेष18:06 –19:49
  • वृषभ19:49 –21:48
  • मिथुन21:48 –00:01, 6 अक्टू॰
  • कर्क00:01 –02:15, 6 अक्टू॰
  • सिंह02:15 –04:24, 6 अक्टू॰
  • कन्या04:24 –06:32, 6 अक्टू॰

पंचांग · भुवनेश्वर, 5 अक्टूबर 2027

मंगलवार, 5 अक्टूबर 2027 को भुवनेश्वर में सूर्योदय 05:39 और सूर्यास्त 17:32 पर है। तिथि शुक्ल षष्ठी 6 अक्टूबर 02:33 तक, फिर शुक्ल सप्तमी; नक्षत्र ज्येष्ठा 6 अक्टूबर 02:14 तक, फिर मूल; योग आयुष्मान् 11:42 तक, फिर सौभाग्य; करण कौलव 13:59 तक, फिर तैतिल। चंद्रमा वृश्चिक राशि में, सूर्य कन्या राशि में। राहुकाल 14:33–16:03, अभिजित मुहूर्त 11:11–11:59। मास आश्विन (पूर्णिमांत) / आश्विन (अमांत), विक्रम संवत 2084, शक संवत 1949।

इस दिन के बारे में प्रश्न

भुवनेश्वर में 5 अक्टूबर 2027 को कौन सी तिथि है?

शुक्ल षष्ठी 6 अक्टूबर 02:33 तक, फिर शुक्ल सप्तमी (सूर्योदय 05:39, भुवनेश्वर)।

5 अक्टूबर 2027 को कौन सा नक्षत्र है?

ज्येष्ठा 6 अक्टूबर 02:14 तक, फिर मूल। चंद्रमा वृश्चिक राशि में 6 अक्टूबर 02:14 तक।

भुवनेश्वर में 5 अक्टूबर 2027 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 14:33–16:03, यमगण्ड 08:37–10:06, गुलिक काल 11:35–13:04।

भुवनेश्वर में 5 अक्टूबर 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 05:39, सूर्यास्त 17:32, चंद्रोदय 10:33 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

5 अक्टूबर 2027 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:11–11:59, ब्रह्म मुहूर्त 04:02–04:50। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

भुवनेश्वर हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2027आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2027मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2449° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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