पंचांग · रविवार, 3 अक्टूबर 2027भुवनेश्वर

आश्विन · शुक्ल चतुर्थी · विक्रम संवत 2084

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
05:38सूर्योदय17:33सूर्यास्त
तिथि
शुक्ल चतुर्थी
शुक्ल · 01:28, 4 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
विशाखा
23:59 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
05:3817:33
रविवार · सूर्य
राहु काल
16:04 –17:33
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
05:38दिन17:33
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
अमृत काल
वर्ज्य
यमगंड
भद्रा
गुलिक काल
दुर्मुहूर्त
राहु काल
08:0010:0012:0014:0016:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
17:33रात05:38
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
भद्रा
वर्ज्य
20:0022:0000:0002:0004:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

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पाँच अंग

तिथि
  1. शुक्ल चतुर्थी
    01:28, 4 अक्टू॰ तक
  2. शुक्ल पंचमी
    01:36, 5 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
  1. विशाखास्वामी गुरु
    23:59 तक
  2. अनुराधास्वामी शनि
    00:43, 5 अक्टू॰ तक
योग
  1. विष्कुम्भ
    13:44 तक
  2. प्रीति
    12:24, 4 अक्टू॰ तक
करण
  1. वणिज
    13:42 तक
  2. विष्टि
    01:28, 4 अक्टू॰ तक
  3. बव
    13:26, 4 अक्टू॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
05:38
बिंब मध्य 05:41
सूर्यास्त
17:33
बिंब मध्य 17:29
चंद्रोदय
08:36
चंद्रास्त
19:47
दिनमान
11h 55m
वार
रविवार · सूर्य
चंद्र राशि
तुला
17:56 तक
सूर्य राशि
कन्या

चांद्र पंचांग

अमांत मास
आश्विन
पूर्णिमांत मास
आश्विन
पक्ष
शुक्ल
ऋतु
शरद
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:02 –04:50
  • प्रातः संध्या04:26 –05:38
  • अभिजित मुहूर्त11:12 –12:00
  • विजय मुहूर्त13:35 –14:23
  • गोधूलि मुहूर्त17:33 –17:58
  • सायाह्न संध्या17:33 –18:46
  • निशीथ मुहूर्त23:12 –00:00, 4 अक्टू॰
  • अमृत काल15:13 –16:48
इन समयों से बचें
  • राहु काल16:04 –17:33
  • यमगंड11:36 –13:05
  • गुलिक काल14:35 –16:04
  • दुर्मुहूर्त15:58 –16:46
  • वर्ज्य05:38 –07:14
  • वर्ज्य04:07 –05:46, 4 अक्टू॰
  • भद्रा13:42 –01:28, 4 अक्टू॰

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • उद्वेग05:38 – 07:07
  • चर07:07 – 08:37
  • लाभ08:37 – 10:06
  • अमृत10:06 – 11:36
  • काल11:36 – 13:05
  • शुभ13:05 – 14:35
  • रोग14:35 – 16:04
  • उद्वेग16:04 – 17:33
रात
  • शुभ17:33 – 19:04
  • अमृत19:04 – 20:35
  • चर20:35 – 22:05
  • रोग22:05 – 23:36
  • काल23:36 – 01:06
  • लाभ01:06 – 02:37
  • उद्वेग02:37 – 04:08
  • शुभ04:08 – 05:38

होरा

दिन
  • सूर्य05:38–06:38
  • शुक्र06:38–07:37
  • बुध07:37–08:37
  • चन्द्र08:37–09:36
  • शनि09:36–10:36
  • गुरु10:36–11:36
  • मंगल11:36–12:35
  • सूर्य12:35–13:35
  • शुक्र13:35–14:35
  • बुध14:35–15:34
  • चन्द्र15:34–16:34
  • शनि16:34–17:33
रात
  • गुरु17:33–18:34
  • मंगल18:34–19:34
  • सूर्य19:34–20:35
  • शुक्र20:35–21:35
  • बुध21:35–22:35
  • चन्द्र22:35–23:36
  • शनि23:36–00:36
  • गुरु00:36–01:37
  • मंगल01:37–02:37
  • सूर्य02:37–03:37
  • शुक्र03:37–04:38
  • बुध04:38–05:38

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • विशाखा 1 पद05:58 तक
  • विशाखा 2 पद11:55 तक
  • विशाखा 3 पद17:56 तक
  • विशाखा 4 पद23:59 तक
  • अनुराधा 1 पद06:06, 4 अक्टू॰ तक
सूर्य नक्षत्र
हस्त 2 पद
ऋतु (दृक्)
शरद
ऋतु (वैदिक)
शरद
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
11h 55m
रात्रिमान
12h 5m
मध्याह्न
11:36

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
तुला · 17:56 तक
मेषवृषभसिंहतुलाधनुमकर
मीन राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
वृश्चिक · अगले सूर्योदय तक
वृषभमिथुनकन्यावृश्चिकमकरकुम्भ
मेष राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
विशाखा · 23:59 तक
भरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपदरेवती
अनुराधा · अगले सूर्योदय तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषामघाउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
पश्चिमइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
उत्तर
चंद्र वास
पश्चिम · 17:56 तकउत्तर
अग्निवास
पाताल · 01:28, 4 अक्टू॰ तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
क्रीड़ा में · 01:28, 4 अक्टू॰ तककैलाश पर
होमाहुति
बुध

पंचक रहित मुहूर्त

  • शुभ मुहूर्त05:38 –06:44
  • मृत्यु पंचक06:44 –08:56
  • अग्नि पंचक08:56 –11:11
  • शुभ मुहूर्त11:11 –13:17
  • राज पंचक13:17 –15:05
  • शुभ मुहूर्त15:05 –16:41
  • चोर पंचक16:41 –18:14
  • राज पंचक18:14 –19:56
  • शुभ मुहूर्त19:56 –21:56
  • चोर पंचक21:56 –23:59
  • शुभ मुहूर्त23:59 –00:09, 4 अक्टू॰
  • रोग पंचक00:09 –01:28, 4 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त01:28 –02:23, 4 अक्टू॰
  • मृत्यु पंचक02:23 –04:32, 4 अक्टू॰
  • अग्नि पंचक04:32 –05:38, 4 अक्टू॰

उदय लग्न

  • कन्या04:36 –06:44
  • तुला06:44 –08:56
  • वृश्चिक08:56 –11:11
  • धनु11:11 –13:17
  • मकर13:17 –15:05
  • कुम्भ15:05 –16:41
  • मीन16:41 –18:14
  • मेष18:14 –19:56
  • वृषभ19:56 –21:56
  • मिथुन21:56 –00:09, 4 अक्टू॰
  • कर्क00:09 –02:23, 4 अक्टू॰
  • सिंह02:23 –04:32, 4 अक्टू॰
  • कन्या04:32 –06:40, 4 अक्टू॰

पंचांग · भुवनेश्वर, 3 अक्टूबर 2027

रविवार, 3 अक्टूबर 2027 को भुवनेश्वर में सूर्योदय 05:38 और सूर्यास्त 17:33 पर है। तिथि शुक्ल चतुर्थी 4 अक्टूबर 01:28 तक, फिर शुक्ल पंचमी; नक्षत्र विशाखा 23:59 तक, फिर अनुराधा; योग विष्कुम्भ 13:44 तक, फिर प्रीति; करण वणिज 13:42 तक, फिर विष्टि। चंद्रमा तुला राशि में, सूर्य कन्या राशि में। राहुकाल 16:04–17:33, अभिजित मुहूर्त 11:12–12:00। मास आश्विन (पूर्णिमांत) / आश्विन (अमांत), विक्रम संवत 2084, शक संवत 1949।

इस दिन के बारे में प्रश्न

भुवनेश्वर में 3 अक्टूबर 2027 को कौन सी तिथि है?

शुक्ल चतुर्थी 4 अक्टूबर 01:28 तक, फिर शुक्ल पंचमी (सूर्योदय 05:38, भुवनेश्वर)।

3 अक्टूबर 2027 को कौन सा नक्षत्र है?

विशाखा 23:59 तक, फिर अनुराधा। चंद्रमा तुला राशि में 17:56 तक।

भुवनेश्वर में 3 अक्टूबर 2027 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 16:04–17:33, यमगण्ड 11:36–13:05, गुलिक काल 14:35–16:04।

भुवनेश्वर में 3 अक्टूबर 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 05:38, सूर्यास्त 17:33, चंद्रोदय 08:36 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

3 अक्टूबर 2027 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:12–12:00, ब्रह्म मुहूर्त 04:02–04:50। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

भुवनेश्वर हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2027आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2027मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2448° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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