पंचांग · शनिवार, 31 अक्टूबर 2026भुवनेश्वर

आश्विन · कृष्ण षष्ठी · विक्रम संवत 2083

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
05:48सूर्योदय17:13सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण षष्ठी
कृष्ण · 16:57 तक
नक्षत्र
आर्द्रा
07:12 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
05:4817:13
शनिवार · शनि
राहु काल
08:39 –10:05
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
05:48दिन17:13
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
गुलिक काल
राहु काल
यमगंड
भद्रा
दुर्मुहूर्त
दुर्मुहूर्त
08:0010:0012:0014:0016:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
17:13रात05:48
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
अमृत काल
सायाह्न संध्या
भद्रा
वर्ज्य
18:0020:0022:0000:0002:0004:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

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पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण षष्ठी
    16:57 तक
  2. कृष्ण सप्तमी
    14:52, 1 नव॰ तक
नक्षत्र
  1. आर्द्रास्वामी राहु
    07:12 तक
  2. पुनर्वसुस्वामी गुरु
    05:39, 1 नव॰ तक
  3. पुष्यस्वामी शनि
    04:30, 2 नव॰ तक
योग
  1. सिद्ध
    17:31 तक
  2. साध्य
    14:39, 1 नव॰ तक
करण
  1. गर
    06:09 तक
  2. वणिज
    16:57 तक
  3. विष्टि
    03:52, 1 नव॰ तक
  4. बव
    14:52, 1 नव॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
05:48
बिंब मध्य 05:51
सूर्यास्त
17:13
बिंब मध्य 17:08
चंद्रोदय
22:10
चंद्रास्त
11:02
दिनमान
11h 25m
वार
शनिवार · शनि
चंद्र राशि
मिथुन
00:00, 1 नव॰ तक
सूर्य राशि
तुला

चांद्र पंचांग

अमांत मास
आश्विन
पूर्णिमांत मास
कार्तिक
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
शरद
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:07 –04:58
  • प्रातः संध्या04:32 –05:48
  • अभिजित मुहूर्त11:07 –11:53
  • विजय मुहूर्त13:24 –14:10
  • गोधूलि मुहूर्त17:13 –17:38
  • सायाह्न संध्या17:13 –18:28
  • निशीथ मुहूर्त23:05 –23:56
  • अमृत काल03:24 –04:54, 1 नव॰
इन समयों से बचें
  • राहु काल08:39 –10:05
  • यमगंड12:56 –14:21
  • गुलिक काल05:48 –07:13
  • दुर्मुहूर्त05:48 –06:33
  • दुर्मुहूर्त06:33 –07:19
  • वर्ज्य18:25 –19:55
  • भद्रा16:57 –03:52, 1 नव॰

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • कालहानि05:48 – 07:13
  • शुभशुभ07:13 – 08:39
  • रोगअनिष्ट08:39 – 10:05
  • उद्वेगअशुभ10:05 – 11:30
  • चरसम11:30 – 12:56
  • लाभलाभ12:56 – 14:21
  • अमृतश्रेष्ठ14:21 – 15:47
  • कालहानि15:47 – 17:13
रात
  • लाभलाभ17:13 – 18:47
  • उद्वेगअशुभ18:47 – 20:21
  • शुभशुभ20:21 – 21:56
  • अमृतश्रेष्ठ21:56 – 23:30
  • चरसम23:30 – 01:05
  • रोगअनिष्ट01:05 – 02:39
  • कालहानि02:39 – 04:14
  • लाभलाभ04:14 – 05:48

होरा

दिन
ग्रहसमय
शनि05:48–06:45
गुरु06:45–07:42
मंगल07:42–08:39
सूर्य08:39–09:36
शुक्र09:36–10:33
बुध10:33–11:30
चन्द्र11:30–12:27
शनि12:27–13:24
गुरु13:24–14:21
मंगल14:21–15:18
सूर्य15:18–16:15
शुक्र16:15–17:13
रात
ग्रहसमय
बुध17:13–18:16
चन्द्र18:16–19:19
शनि19:19–20:21
गुरु20:21–21:24
मंगल21:24–22:27
सूर्य22:27–23:30
शुक्र23:30–00:33
बुध00:33–01:36
चन्द्र01:36–02:39
शनि02:39–03:42
गुरु03:42–04:45
मंगल04:45–05:48

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • आर्द्रा 4 पद07:12 तक
  • पुनर्वसु 1 पद12:46 तक
  • पुनर्वसु 2 पद18:23 तक
  • पुनर्वसु 3 पद00:00, 1 नव॰ तक
  • पुनर्वसु 4 पद05:39, 1 नव॰ तक
  • पुष्य 1 पद11:20, 1 नव॰ तक
सूर्य नक्षत्र
स्वाती 3 पद
ऋतु (दृक्)
हेमंत
ऋतु (वैदिक)
शरद
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
11h 25m
रात्रिमान
12h 35m
मध्याह्न
11:30

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
मिथुन · 00:00, 1 नव॰ तक
मेषमिथुनसिंहकन्याधनुमकर
वृश्चिक राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
कर्क · अगले सूर्योदय तक
वृषभकर्ककन्यातुलामकरकुम्भ
धनु राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
आर्द्रा · 07:12 तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुपुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदउत्तरभाद्रपद
पुनर्वसु · 05:39, 1 नव॰ तक
भरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपदरेवती
पुष्य · अगले सूर्योदय तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषामघाउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
पूर्व
चंद्र वास
पश्चिम · 00:00, 1 नव॰ तकउत्तर
अग्निवास
आकाश · 16:57 तकपाताल
शिववास
भोजन में · 16:57 तकश्मशान में
होमाहुति
गुरु

पंचक रहित मुहूर्त

  • शुभ मुहूर्त05:48 –07:05
  • चोर पंचक07:05 –07:12
  • शुभ मुहूर्त07:12 –09:20
  • रोग पंचक09:20 –11:26
  • शुभ मुहूर्त11:26 –13:14
  • मृत्यु पंचक13:14 –14:50
  • अग्नि पंचक14:50 –16:23
  • शुभ मुहूर्त16:23 –16:57
  • मृत्यु पंचक16:57 –18:05
  • अग्नि पंचक18:05 –20:05
  • शुभ मुहूर्त20:05 –22:18
  • राज पंचक22:18 –00:32, 1 नव॰
  • शुभ मुहूर्त00:32 –02:41, 1 नव॰
  • चोर पंचक02:41 –04:49, 1 नव॰
  • शुभ मुहूर्त04:49 –05:39, 1 नव॰
  • रोग पंचक05:39 –05:48, 1 नव॰

उदय लग्न

  • तुला04:53 –07:05
  • वृश्चिक07:05 –09:20
  • धनु09:20 –11:26
  • मकर11:26 –13:14
  • कुम्भ13:14 –14:50
  • मीन14:50 –16:23
  • मेष16:23 –18:05
  • वृषभ18:05 –20:05
  • मिथुन20:05 –22:18
  • कर्क22:18 –00:32, 1 नव॰
  • सिंह00:32 –02:41, 1 नव॰
  • कन्या02:41 –04:49, 1 नव॰
  • तुला04:49 –07:01, 1 नव॰

पंचांग · भुवनेश्वर, 31 अक्टूबर 2026

शनिवार, 31 अक्टूबर 2026 को भुवनेश्वर में सूर्योदय 05:48 और सूर्यास्त 17:13 पर है। तिथि कृष्ण षष्ठी 16:57 तक, फिर कृष्ण सप्तमी; नक्षत्र आर्द्रा 07:12 तक, फिर पुनर्वसु; योग सिद्ध 17:31 तक, फिर साध्य; करण गर 06:09 तक, फिर वणिज। चंद्रमा मिथुन राशि में, सूर्य तुला राशि में। राहुकाल 08:39–10:05, अभिजित मुहूर्त 11:07–11:53। मास कार्तिक (पूर्णिमांत) / आश्विन (अमांत), विक्रम संवत 2083, शक संवत 1948।

इस दिन के बारे में प्रश्न

भुवनेश्वर में 31 अक्टूबर 2026 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण षष्ठी 16:57 तक, फिर कृष्ण सप्तमी (सूर्योदय 05:48, भुवनेश्वर)।

31 अक्टूबर 2026 को कौन सा नक्षत्र है?

आर्द्रा 07:12 तक, फिर पुनर्वसु। चंद्रमा मिथुन राशि में 1 नवंबर 00:00 तक।

भुवनेश्वर में 31 अक्टूबर 2026 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 08:39–10:05, यमगण्ड 12:56–14:21, गुलिक काल 05:48–07:13।

भुवनेश्वर में 31 अक्टूबर 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 05:48, सूर्यास्त 17:13, चंद्रोदय 22:10 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

31 अक्टूबर 2026 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:07–11:53, ब्रह्म मुहूर्त 04:07–04:58। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

भुवनेश्वर हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2026आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2026मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2319° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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