राहुकाल · विशाखापत्तनम

शुक्रवार, 4 अगस्त 202805:3718:29

राहु काल

1 घं. 36 मि.
10:27 –12:03

दिन का राहु भाग: नया कार्य आरंभ न करें।

यमगंड

1 घं. 37 मि.
15:16 –16:53

दिन का यम भाग: यात्रा और नए आरंभ से बचें।

गुलिक काल

1 घं. 37 मि.
07:13 –08:50

दिन का गुलिक भाग: शुभ आरंभ से बचें।

दिनमान के आठ भाग

राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवाँ भाग हैं, जो हर वार के लिए निश्चित खंड में आते हैं।

1
05:37
—
2
07:13
गुलिक काल
3
08:50
—
4
10:27
राहु काल
5
12:03
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6
13:40
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7
15:16
यमगंड
8
16:53
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आज इनसे भी बचें

  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।08:11 –09:03
  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।12:29 –13:20
  • वर्ज्यनक्षत्र का विष भाग: महत्वपूर्ण कार्य से बचें।23:52 –01:38, 5 अग॰
  • भद्राविष्टि करण: शुभ संस्कार न करें।11:51 –00:43, 5 अग॰

विशाखापत्तनम के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

राहुकाल

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

राहुकाल — प्रश्न और उत्तर

राहुकाल क्या है?

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

विशाखापत्तनम में 4 अगस्त 2028 का राहुकाल क्या है?

राहुकाल 10:27–12:03, यमगण्ड 15:16–16:53, गुलिक काल 07:13–08:50; साथ में दुर्मुहूर्त और वर्ज्य।

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