राहुकाल · विशाखापत्तनम

सोमवार, 2 नवंबर 202605:5617:25

राहु काल

1 घं. 26 मि.
07:22 –08:48

दिन का राहु भाग: नया कार्य आरंभ न करें।

यमगंड

1 घं. 27 मि.
10:14 –11:41

दिन का यम भाग: यात्रा और नए आरंभ से बचें।

गुलिक काल

1 घं. 26 मि.
13:07 –14:33

दिन का गुलिक भाग: शुभ आरंभ से बचें।

दिनमान के आठ भाग

राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवाँ भाग हैं, जो हर वार के लिए निश्चित खंड में आते हैं।

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2
07:22
राहु काल
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08:48
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यमगंड
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गुलिक काल
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आज इनसे भी बचें

  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।12:04 –12:49
  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।14:21 –15:07
  • वर्ज्यनक्षत्र का विष भाग: महत्वपूर्ण कार्य से बचें।16:55 –18:28
  • गंड मूलजल और अग्नि नक्षत्रों की संधि: जन्म और आरंभ में सावधानी।05:56 –03:46, 3 नव॰
  • गंड मूलजल और अग्नि नक्षत्रों की संधि: जन्म और आरंभ में सावधानी।03:46, 3 नव॰ –05:57, 3 नव॰

विशाखापत्तनम के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

राहुकाल

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

राहुकाल — प्रश्न और उत्तर

राहुकाल क्या है?

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

विशाखापत्तनम में 2 नवंबर 2026 का राहुकाल क्या है?

राहुकाल 07:22–08:48, यमगण्ड 10:14–11:41, गुलिक काल 13:07–14:33; साथ में दुर्मुहूर्त और वर्ज्य।

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