राहुकाल · विशाखापत्तनम

बुधवार, 9 जुलाई 202505:2818:36

राहु काल

1 घं. 39 मि.
12:02 –13:41

दिन का राहु भाग: नया कार्य आरंभ न करें।

यमगंड

1 घं. 38 मि.
07:07 –08:45

दिन का यम भाग: यात्रा और नए आरंभ से बचें।

गुलिक काल

1 घं. 38 मि.
10:24 –12:02

दिन का गुलिक भाग: शुभ आरंभ से बचें।

दिनमान के आठ भाग

राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवाँ भाग हैं, जो हर वार के लिए निश्चित खंड में आते हैं।

1
05:28
—
2
07:07
यमगंड
3
08:45
—
4
10:24
गुलिक काल
5
12:02
राहु काल
6
13:41
—
7
15:19
—
8
16:58
—

आज इनसे भी बचें

  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।11:36 –12:29
  • वर्ज्यनक्षत्र का विष भाग: महत्वपूर्ण कार्य से बचें।03:07, 10 जुल॰ –04:49, 10 जुल॰
  • गंड मूलजल और अग्नि नक्षत्रों की संधि: जन्म और आरंभ में सावधानी।05:28 –04:49, 10 जुल॰
  • भद्राविष्टि करण: शुभ संस्कार न करें।01:37, 10 जुल॰ –05:29, 10 जुल॰

विशाखापत्तनम के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

राहुकाल

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

राहुकाल — प्रश्न और उत्तर

राहुकाल क्या है?

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

विशाखापत्तनम में 9 जुलाई 2025 का राहुकाल क्या है?

राहुकाल 12:02–13:41, यमगण्ड 07:07–08:45, गुलिक काल 10:24–12:02; साथ में दुर्मुहूर्त और वर्ज्य।

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