राहुकाल · विशाखापत्तनम

शनिवार, 3 मई 202505:3018:18

राहु काल

1 घं. 36 मि.
08:42 –10:18

दिन का राहु भाग: नया कार्य आरंभ न करें।

यमगंड

1 घं. 36 मि.
13:30 –15:06

दिन का यम भाग: यात्रा और नए आरंभ से बचें।

गुलिक काल

1 घं. 36 मि.
05:30 –07:06

दिन का गुलिक भाग: शुभ आरंभ से बचें।

दिनमान के आठ भाग

राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवाँ भाग हैं, जो हर वार के लिए निश्चित खंड में आते हैं।

1
05:30
गुलिक काल
2
07:06
—
3
08:42
राहु काल
4
10:18
—
5
11:54
—
6
13:30
यमगंड
7
15:06
—
8
16:42
—

आज इनसे भी बचें

  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।05:30 –06:21
  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।06:21 –07:12
  • वर्ज्यनक्षत्र का विष भाग: महत्वपूर्ण कार्य से बचें।20:40 –22:17

विशाखापत्तनम के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

राहुकाल

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

राहुकाल — प्रश्न और उत्तर

राहुकाल क्या है?

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

विशाखापत्तनम में 3 मई 2025 का राहुकाल क्या है?

राहुकाल 08:42–10:18, यमगण्ड 13:30–15:06, गुलिक काल 05:30–07:06; साथ में दुर्मुहूर्त और वर्ज्य।

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