राहुकाल · वाराणसी

सोमवार, 4 नवंबर 202406:0817:15

राहु काल

1 घं. 24 मि.
07:31 –08:55

दिन का राहु भाग: नया कार्य आरंभ न करें।

यमगंड

1 घं. 24 मि.
10:18 –11:42

दिन का यम भाग: यात्रा और नए आरंभ से बचें।

गुलिक काल

1 घं. 23 मि.
13:05 –14:28

दिन का गुलिक भाग: शुभ आरंभ से बचें।

दिनमान के आठ भाग

राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवाँ भाग हैं, जो हर वार के लिए निश्चित खंड में आते हैं।

1
06:08
—
2
07:31
राहु काल
3
08:55
—
4
10:18
यमगंड
5
11:42
—
6
13:05
गुलिक काल
7
14:28
—
8
15:52
—

आज इनसे भी बचें

  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।12:04 –12:48
  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।14:17 –15:02
  • वर्ज्यनक्षत्र का विष भाग: महत्वपूर्ण कार्य से बचें।14:03 –15:46
  • गंड मूलजल और अग्नि नक्षत्रों की संधि: जन्म और आरंभ में सावधानी।08:04 –06:08, 5 नव॰

वाराणसी के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

राहुकाल

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

राहुकाल — प्रश्न और उत्तर

राहुकाल क्या है?

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

वाराणसी में 4 नवंबर 2024 का राहुकाल क्या है?

राहुकाल 07:31–08:55, यमगण्ड 10:18–11:42, गुलिक काल 13:05–14:28; साथ में दुर्मुहूर्त और वर्ज्य।

राहुकाल — अन्य शहर