राहुकाल · उज्जैन

सोमवार, 3 फ़रवरी 202507:0618:16

राहु काल

1 घं. 23 मि.
08:30 –09:53

दिन का राहु भाग: नया कार्य आरंभ न करें।

यमगंड

1 घं. 24 मि.
11:17 –12:41

दिन का यम भाग: यात्रा और नए आरंभ से बचें।

गुलिक काल

1 घं. 24 मि.
14:04 –15:28

दिन का गुलिक भाग: शुभ आरंभ से बचें।

दिनमान के आठ भाग

राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवाँ भाग हैं, जो हर वार के लिए निश्चित खंड में आते हैं।

1
07:06
—
2
08:30
राहु काल
3
09:53
—
4
11:17
यमगंड
5
12:41
—
6
14:04
गुलिक काल
7
15:28
—
8
16:52
—

आज इनसे भी बचें

  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।13:03 –13:48
  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।15:17 –16:02
  • वर्ज्यनक्षत्र का विष भाग: महत्वपूर्ण कार्य से बचें।12:04 –13:34
  • गंड मूलजल और अग्नि नक्षत्रों की संधि: जन्म और आरंभ में सावधानी।07:06 –23:16
  • गंड मूलजल और अग्नि नक्षत्रों की संधि: जन्म और आरंभ में सावधानी।23:16 –07:05, 4 फ़र॰

उज्जैन के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

राहुकाल

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

राहुकाल — प्रश्न और उत्तर

राहुकाल क्या है?

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

उज्जैन में 3 फ़रवरी 2025 का राहुकाल क्या है?

राहुकाल 08:30–09:53, यमगण्ड 11:17–12:41, गुलिक काल 14:04–15:28; साथ में दुर्मुहूर्त और वर्ज्य।

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