राहुकाल · उदयपुर

सोमवार, 3 अप्रैल 202806:2518:52

राहु काल

1 घं. 34 मि.
07:58 –09:32

दिन का राहु भाग: नया कार्य आरंभ न करें।

यमगंड

1 घं. 34 मि.
11:05 –12:39

दिन का यम भाग: यात्रा और नए आरंभ से बचें।

गुलिक काल

1 घं. 33 मि.
14:12 –15:45

दिन का गुलिक भाग: शुभ आरंभ से बचें।

दिनमान के आठ भाग

राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवाँ भाग हैं, जो हर वार के लिए निश्चित खंड में आते हैं।

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06:25
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2
07:58
राहु काल
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09:32
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4
11:05
यमगंड
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12:39
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14:12
गुलिक काल
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15:45
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17:19
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आज इनसे भी बचें

  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।13:03 –13:53
  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।15:33 –16:23
  • वर्ज्यनक्षत्र का विष भाग: महत्वपूर्ण कार्य से बचें।13:28 –15:00

उदयपुर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

राहुकाल

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

राहुकाल — प्रश्न और उत्तर

राहुकाल क्या है?

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

उदयपुर में 3 अप्रैल 2028 का राहुकाल क्या है?

राहुकाल 07:58–09:32, यमगण्ड 11:05–12:39, गुलिक काल 14:12–15:45; साथ में दुर्मुहूर्त और वर्ज्य।

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