राहुकाल · उदयपुर

गुरुवार, 3 दिसंबर 202607:0317:46

राहु काल

1 घं. 20 मि.
13:45 –15:05

दिन का राहु भाग: नया कार्य आरंभ न करें।

यमगंड

1 घं. 21 मि.
07:03 –08:24

दिन का यम भाग: यात्रा और नए आरंभ से बचें।

गुलिक काल

1 घं. 20 मि.
09:44 –11:04

दिन का गुलिक भाग: शुभ आरंभ से बचें।

दिनमान के आठ भाग

राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवाँ भाग हैं, जो हर वार के लिए निश्चित खंड में आते हैं।

1
07:03
यमगंड
2
08:24
—
3
09:44
गुलिक काल
4
11:04
—
5
12:25
—
6
13:45
राहु काल
7
15:05
—
8
16:26
—

आज इनसे भी बचें

  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।10:38 –11:21
  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।14:55 –15:38
  • वर्ज्यनक्षत्र का विष भाग: महत्वपूर्ण कार्य से बचें।18:08 –19:48
  • भद्राविष्टि करण: शुभ संस्कार न करें।10:54 –23:04

उदयपुर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

राहुकाल

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

राहुकाल — प्रश्न और उत्तर

राहुकाल क्या है?

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

उदयपुर में 3 दिसंबर 2026 का राहुकाल क्या है?

राहुकाल 13:45–15:05, यमगण्ड 07:03–08:24, गुलिक काल 09:44–11:04; साथ में दुर्मुहूर्त और वर्ज्य।

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