राहुकाल · तिरुपति

सोमवार, 9 अक्टूबर 202806:0217:56

राहु काल

1 घं. 29 मि.
07:32 –09:01

दिन का राहु भाग: नया कार्य आरंभ न करें।

यमगंड

1 घं. 29 मि.
10:30 –11:59

दिन का यम भाग: यात्रा और नए आरंभ से बचें।

गुलिक काल

1 घं. 29 मि.
13:29 –14:58

दिन का गुलिक भाग: शुभ आरंभ से बचें।

दिनमान के आठ भाग

राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवाँ भाग हैं, जो हर वार के लिए निश्चित खंड में आते हैं।

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06:02
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2
07:32
राहु काल
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09:01
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4
10:30
यमगंड
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11:59
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13:29
गुलिक काल
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14:58
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16:27
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आज इनसे भी बचें

  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।12:23 –13:11
  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।14:46 –15:34
  • वर्ज्यनक्षत्र का विष भाग: महत्वपूर्ण कार्य से बचें।14:04 –15:44

तिरुपति के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

राहुकाल

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

राहुकाल — प्रश्न और उत्तर

राहुकाल क्या है?

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

तिरुपति में 9 अक्टूबर 2028 का राहुकाल क्या है?

राहुकाल 07:32–09:01, यमगण्ड 10:30–11:59, गुलिक काल 13:29–14:58; साथ में दुर्मुहूर्त और वर्ज्य।

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